पटना /भव्य रूप में संपन्न होगा साहित्य सम्मेलन का ४१वाँ महाधिवेशन, उप राष्ट्रपति अथवा केंद्रीय शिक्षामंत्री करेंगे उद्घाटन
पटना, ८ दिसम्बर । आगामी १२-१३ फरवरी को होनेवाले, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४१वाँ महाधिवेशन भव्य रूप में संपन्न होगा । दो दिवसीय यह महाधिवेशन भारत की स्वतंत्रता के ७५वें वर्ष और महान कथाकार फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ की स्मृति को समर्पित किया…
पटना /भोजपुरी और हिन्दी की सुप्रतिष्ठ कवयित्री डा सुभद्रा वीरेंद्र नहीं रहीं,बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में शोक-सभा आयोजित हुई
पटना, ७ दिसम्बर । भोजपुरी और हिन्दी की सुप्रतिष्ठ कवयित्री डा सुभद्रा वीरेंद्र नहीं रहीं। सोमवार की मध्य रात्रि में डेढ़ बजे उन्होंने, गुरूग्राम स्थित अपने पुत्र दिव्यांशु के आवास पर अपनी अंतिम साँस ली। वे कैंसर से पीड़ित थीं। आज दूसरे पहर…
पटना /हृदय विदारक- भोजपुरी और हिन्दी की अत्यंत विदुषी कवयित्री सुभद्रा वीरेन्द्र सम्पूर्ण साहित्य को मर्माहत कर ब्रह्मलोक के लिए विदा हो गईँ- डॉक्टर अनिल सुलभ,अध्यक्ष
पटना ब्यूरो /हृदय विदारक ! भोजपुरी और हिन्दी की अत्यंत विदुषी कवयित्री सुभद्रा वीरेन्द्र सम्पूर्ण साहित्य को मर्माहत कर ब्रह्मलोक के लिए विदा हो गईँ ! विगत मध्य रात्रि में उन्होंने दिल्ली स्थित अपने पुत्र श्री दिव्यांशु के आवास पर अपनी अंतिम साँसे लीं!…
पटना /साहित्य सम्मेलन में लब्ध प्रतिष्ठ कवि प्रो इंद्रकान्त झा के काव्य-संग्रह ‘आत्मा की पुकार’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ६ दिसम्बर। कविता मानव-मन को मिली निसर्ग देव की अद्भुत वरदान है। यह आत्मा की सबसे प्रांजल और आनंदप्रद अभिव्यक्ति है। इसके सृजन में जो सुख है, वह कहीं अन्यत्र नहीं है। यह आत्मा से निकलती और आत्मा तक पहुँचने वाली दिव्य वस्तु है। इसकी परिधि में निखिल…
पटना /साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘यशोधरा’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई काव्य-गोष्ठी
पटना, ४ दिसम्बर। विदुषी कवयित्री और दिल्ली उच्च न्यायालय में अधिवक्ता कामिनी श्रीवास्तव की कविताएँ नारी-चेतना को नूतन स्वर देती हैं। इनकी कविताओं में एक सुकुमार कवयित्री की कोमल भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति मिलती है। कामिनी जी काव्य-कल्पनाओं से संपन्न एक…
पटना /डॉ मिथिलेश कुमारी मिश्र ६८वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई काव्यांजलि, पुस्तक ‘याद बहुत आती हो’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १ दिसम्बर। बिहार राष्ट्रभाषा परिषद की पूर्व निदेशक और विदुषी लेखिका डा मिथिलेश कुमारी मिश्र हिन्दी और संस्कृत ही नही, पाली, प्राकृत एवं दक्षिण भारत की अनेक भाषाओं का प्रचूर ज्ञान रखती थीं। एक तपस्विनी की भाँति उन्होंने भारतीय भाषाओं की साधना की। कम…
पटना /डा मृदुला सिन्हा का साहित्यिक व्यक्तित्व भी विराट था, जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, याद किए गए हरिवंश राय बच्चन
पटना, २७ नवम्बर। अपने समय की महान विदुषी और गोवा की पूर्व राज्यपाल डा मृदुला सिन्हा का साहित्यिक व्यक्तित्व भी उनके सामाजिक राजनैतिक व्यक्तित्व की भाँति विराट था। वो एक ऐसी साहित्यिक विभूति थीं, जिन्हें मनुष्यता से मरुथल हो रहे संसार में,…
पटना डेस्क /संस्कृति के अमर गायक थे महाकवि पोद्दार रामावतार अरुण, साहित्य सम्मेलन में जयंती पर दी गई श्रद्धापूर्ण काव्यांजलि
पटना, २४ नवम्बर। ‘वाणाम्बरी’, ‘कृष्णाम्बरी’, ‘अरुण रामायण’ और ‘महाभारती’ जैसे दशाधिक महाकाव्यों सहित ४५ मूल्यवान ग्रंथों के रचनाकार महाकवि पोद्दार रामावतार ‘अरुण’ हिन्दी साहित्य के उन महान…
पटना /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई काव्य-कार्यशाला नवोदित कवियों के साथ बुज़ुर्गों ने भी सिखी कविताई
पटना, २१ नवम्बर। छंद पद्य रचनाओं की आत्मा है। छंदोबद्ध रचनाएँ साहित्य को लम्बी आयु और स्थायित्व प्रदान करती हैं। संपूर्ण संस्कृत साहित्य छंदोबद्ध पद्य हैं। यदि वेद-वेदांग छंद में न होते तो आज हमारे समक्ष जीवित न होते। ये गेय होने के कारण एक पीढ़ी के कंठ…
पटना /सरोवर साहित्य परिषद, पटना के तत्त्वावधान में आयोजित हुआ बहुभाषा कवि-सम्मेलन, सम्मानित हुए साहित्यकार
पटना, १९ नवम्बर। सरोवर साहित्य परिषद, पटना के तत्त्वावधान में अंग विभूति कपिल सिंह मुनि की जयंती पर गुरुवार को, न्यू माइका कौलोनी स्थित सविता सदन में ‘अंगिका महोत्सव’ मनाया गया। परिषद के अध्यक्ष डा आर प्रवेश की अध्यक्षता में आयोजित इस उत्साव…
पटना /बिहार में शीघ्र ही कला विश्वविद्यालय की स्थापना होगी : कला मंत्री/ कवि चित्रकार “डा दिनेश दिवाकर “की पुस्तक ‘पटना कलम : इतिहास के आइने में’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १४ नवम्बर । बिहार सरकार शीघ्र ही प्रदेश में कला एवं शिल्प विश्वविद्यालय की स्थापना करने जा रही है। सरकार अपनी कला और संस्कृति को उन्नत करने के लिए कृत संकल्प है। राज्य सरकार गुणी कलाकारों और विद्वानों का परामर्श लेकर, प्रदेश के कला-कर्म को उन्नत…
पटना /अपने समय के बहुत बड़े साहित्यकार थे आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव, तीसरे स्मृति पर्व पर साहित्य सम्मेलन में डा सुभद्रा वीरेंद्र की पुस्तक ‘रस गंध’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ११ नवम्बर । संस्कृत, प्राकृत, पाली, अपभ्रंश और हिन्दी समेत अनेक भाषाओं के विश्रुत विद्वान आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव अपने समय के बहुत बड़े साहित्यकार थे। जीवन-पर्यन्त, नाम-यश की लालसा से सर्वथा दूर, एकांतिक साहित्य-साधना में निमग्न रहे। अपनी आयु के…