पटना /स्वतंत्रता-सेनानी’ का कभी पेंशन नही लिया महाकवि रामदयाल पाण्डेय ने- जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई काव्यांजलि
पटना, ६ अगस्त। महाकवि रामदयाल पाण्डेय न केवल एक महान स्वतंत्रता-सेनानी, ओज और राष्ट्रीय भाव के महाकवि, तेजस्वी पत्रकार और हिन्दी के महान उन्नायकों में से एक थे, बल्कि सिद्धांत और आदर्शों से कभी न डिगने वाले एक स्वाभिमानी साधु-पुरुष भी थे। उन्होंने भारत…
पटना /डा जगदीश पाण्डेय की जयंती पर ग़ज़ल संग्रह ‘ख़ुशबू-ख़ुशबू रात ग़ज़ल है’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १६ जुलाई। स्मृति शेष कवि घनश्याम छंद पर अधिकार रखने वाले एक गम्भीर और संवेदनशील शायर थे। उनकी शायरी में जमाने का दर्द भी था और उसकी दवा भी थी। उनका भाव-पक्ष भी श्रेष्ठ था और कला-पक्ष भी। उनकी काव्य-प्रतिभा का लाभ हिन्दी जगत को मिलना आरंभ ही हुआ था…
पटना /साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘अंतर्द्वंद्व’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ९ अगस्त। काव्य-सृजन के लिए आवश्यक भाव-संपदा से अत्यंत संपन्न और विदुषी कवयित्री हैं डौली बगड़िया ‘अनिल’। इनकी रचनाओं में नारी-मन की सुमधुर और मनोवैज्ञानिक अभिव्यक्ति मिलती है। इनके काव्य-क्षितिज पर केवल नारी-मन के कोमल चित्र ही नहीं,…
पटना /साहित्य सम्मेलन में लेखिका अनु गुप्ता की पुस्तक ‘बीस साल बाद’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, ७ जुलाई। संस्कृत और हिन्दी के उद्भट विद्वान आचार्य देवेंद्रनाथ शर्मा अलंकार-शास्त्र के भी महापण्डित थे। उन्हें पुरातन भारतीय ज्ञान का नूतन संस्करण भी कहा जा सकता है। भारतीय दर्शन और वैदिक-साहित्य का उन्हें गहरा अध्ययन था। वे बिहार हिन्दी साहित्य…
पटना /साहित्य सम्मेलन ने बिहार के चार साहित्यिक विभूतियों को एक साथ स्मरण किया , दी काव्यांजलि
पटना, ४ जुलाई। अनेक अलक्षित साहित्यकारों को प्रकाश में लाने वाले स्तुत्य लेखक डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर तथा सुख्यात शल्य-चिकित्सक डा जितेंद्र सहाय, हिन्दी की अमूल्य सेवा करने वाले प्रणम्य साहित्यकार थे। परिश्रम और साहित्यिक प्रतिभा दोनों के ही आभूषण थे।…
पटना /साँवलिया बिहारी लाल वर्मा के जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गयी श्रद्धांजलि, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, १८ जून। महात्मा गांधी के अवज्ञा आंदोलन में अनेको बार जेल की यातना सहने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी साँवलिया बिहारी लाल वर्मा भारत के एक ऐसे आदरणीय महापुरुष थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र, राष्ट्र-भाषा और समाज को समर्पित कर दिया।…
पटना /साहित्य सम्मेलन में कमला प्रसाद की पुस्तकों ‘मुझे भी कहने दो’ तथा ‘तरल तरल ही मन रहे’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ३ जून। “हृदय तरल ही चाहिए, इसकी बड़ी बिसात/ हृदय-शून्य जग हो रहा, करें हृदय की बात” —– “तरल तरल ही मन रहे, तरल तरल सब लोग/ हमें तरलता जोड़ती, सूखापन है रोग”– “कलुष नहीं मन में रहे, ऐसा हो उपचार/ निर्मल होकर…
पटना /सत्यम आनंदजी ने साहित्य सम्मेलन में बहायी संगीत की सरिता,भजन और ग़ज़ल पर झूमे श्रोता और साहित्यकार
पटना, २७ मई। मुंबई में अपनी गायिकी से धूम मचा रहे, सुविख्यात भजन और ग़ज़ल गायक सत्यम आनंदजी ने अपनी जादूई आवाज़ से, बिहार की सबसे बड़ी साहित्यिक संस्था बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में संगीत की पीयूष-वाहिनी सरिता बहा दी। उन्होंने अपने मधुर भजनों और दिलकश…