पटना, २२ जनवरी। ब्रह्म–तेज़ प्राप्त करने वाले महान संत रविदास एक ऐसे महात्मा थे जिन्होंने यह सिद्ध किया कि ब्रह्म–तत्व को प्राप्त करना हर उस व्यक्ति के लिए संभव है, जो मन–प... Read more
पटना, १८ फ़रवरी। हिंदी साहित्य में अतुल्य अवदान देनेवाले तथा काव्य में प्रपद्य–वाद के प्रवर्त्तक आचार्य नलिन विलोचन शर्मा आलोचना–साहित्य के शिखर–पुरुष थे। वे न होते तो श्रे... Read more
पटना, १७ फ़रवरी। पेशे से अभियंता, हृदय से कवि और विनम्र समाजसेवी थे हृषीकेश पाठक। वे एक संवेदनशील और प्रतिभावान कवि थे। समाज को प्रेरित करने वाली उनकी रचनाओं में लोक–पीड़ा और उनके प्रत... Read more
पटना, १५ फ़रवरी। कविता हृदय के घावों को हीं नहीं भरती, मन प्राण को नवीन ऊर्जा भी प्रदान करती है। इसमें प्राण–दायी शक्ति है। गीत और संगीत हीं मन की मलीनता को दूर कर मनुष्य को ‘मनु... Read more
पटना, ९ फ़रवरी। भारतीय–दर्शन में आधुनिक–समाज की सभी समस्याओं का निदान और सभी प्रश्नों के उत्तर अंतर्निहित हैं। यह मानव–समुदाय की एक ऐसी पूँजी है, जिस पर देव–तुल्य मनु... Read more
पटना, ३० जनवरी। महाकवि जयशंकर प्रसाद एक युग–प्रवर्त्तक साहित्यकार थे, जिन्होंने एक साथ, कविता, कहानी, उपन्यास और नाटक लेखन के क्षेत्र में हिन्दी साहित्य को गौरवान्वित करने वाली, विश्व... Read more
कौशलेन्द्र पाण्डेय, पटना, १८ जनवरी। हिन्दी भाषा के उन्नयन में भारत के जिन महानुभावों ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उनमें एक अत्यंत आदरणीय नाम डा लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु... Read more
पटना-कौशलेन्द्र पाण्डेय, ‘साथी‘ जी एक गुणी साहित्यकार, एक विद्वान प्राध्यापक और प्रभावशाली वक़्ता हीं नहीं एक कर्मठ संगठन–कर्ता भी थे। अपने मित्रों और सहयोगियों के प्रति सद... Read more
पटना-कौशलेन्द्र पाण्डेय, १० जनवरी। हिन्दी एक सरस और मधुर भाषा है। यह अपने गुणों के कारण पूरे विश्व में विस्तृत हो रही है। किंतु पीड़ा और लज्जा का विषय है कि यह अपने देश में हीं उपेक्षित है।... Read more
पटना-कौशलेन्द्र पाण्डेय, पटना, ६ जनवरी। नृत्य के ऋषि आचार्य थे डा नगेंद्र प्रसाद ‘मोहिनी‘। नई पीढ़ी को नृत्य में प्रशिक्षित करने तथा नृत्य–साहित्य के लेखन में उनका महान अवद... Read more
कौशलेन्द्र पाण्डेय, पटना, २६ दिसम्बर। वरिष्ठ पत्रकार, कवि और कलाकार हृदय नारायण झा बहुगुण प्रतिभा संपन्न सम्मान्य पुरुष हैं। योग और योग–साहित्य पर भी श्री झा का अत्यंत मूल्यवान कार्य ह... Read more
कौशलेन्द्र पाण्डेय, पटना, २५ दिसम्बर । भारतीय आत्मा की जीवंत मूर्ति थे मालवीय जी। हिन्दी और भारतीय संस्कृति की शिक्षा के लिए दिया गया उनका अवदान कभी भुलाया नही जा सकता। वे संस्कृत, हिंदी और... Read more



































