पटना /१४ सितम्बर, १९४९ का संकल्प कब पूरा होगा? हिन्दी कब बनेगी भारत संघ की भाषा? साहित्य सम्मेलन ने , हिन्दी दिवस पर १४ हिन्दी सेवियों को दिया गया सम्मान
पटना, १४ सितम्बर। हिन्दी दिवस के अवसर पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्त्वावधान में आयोजित समारोह में, हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन में मूल्यवान सेवाओं के किए, तीन पीढ़ियों के, १४ हिन्दी-सेवियों का सम्मान किया गया, जिसमें ९२ वर्षीय प्रो उपेन्द्र…
पटना -हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने कहा भारत रत्न प्रणव मुखर्जी का निधन अत्यंत दुःखद ! मुझे राष्ट्रकवि दिनकर सम्मान उनके ही कर कमलों से , राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया था
अत्यंत दुःखद ! मुझे राष्ट्रकवि दिनकर सम्मान उनके ही कर कमलों से , राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया था ! मेरे प्रति सम्मानप्रद स्नेह रखते थे ! वे एक नेक दिल इंसान और महान राजनेता थे ! नहीं रहे पूर्व राष्टपति प्रणव मुखर्जी पूर्व…
पटना/साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर लाइव हुए ‘बिहार-गीत के रचनाकार कवि सत्यनारायण -सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने पटल पर कवि सत्य नारायण का हार्दिकता से स्वागत किया
पटना, ११ जुलाई। “यह अजीब संकट है साधो! यह अजीब संकट है/ अस्सी के तट सिमटे सहमे दास कबीर खड़े हैं/ सुनो कबीर ! कहत है साधो / हम माटी के खेल–खिलौने/ बिकते आए औने–पौने“। समय के नब्ज़ को पकड़ने वाली और समाज से सीधा सरोकार रखने…
पटना /साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर लाइव हुईं देश की सुप्रतिष्ठ कवयित्री -डा मधु भारद्वाज/ डॉ.अनिल सुलभ ने हार्दिकता से स्वागत किया
पटना, ६ जुलाई। “तेरा दिया हर घाव सीना चाहती हूँ/ ज़िंदगी तुझे फिर जीना चाहती हूँ/ जितना भी तय किया सफ़र, अकेले ही तय किया/ बढ़कर किसी ने मुझको सहारा नही दिया— “। इन और ऐसी ही दिल को छूने वाली पंक्तियों के साथ मंगलवार की संध्या, देश की…
पटना /आधुनिक हिन्दी की प्रथम पीढ़ी के महाकवि थे श्री महेश नारायण – डा अनिल सुलभ
सारस्वत प्रतिभा के अतुल बलधाम और बिहार की अस्मिता के महान संरक्षक श्री महेश नारायण, ‘बिहार‘ नाम से एक अलग राज्य की स्थापना के लिए गर्जना करने वाले एक महान और संघर्षशील राजनेता ही नही, खड़ी बोली हिन्दी की प्रथम पीढ़ी के ‘भारतेंदु…
पटना /स्मृति-दिवस ( २९ जुलाई ) पर विशेष छायावादोत्तर काल के विशिष्ट कवि थे डा माहेश्वरी सिंह ‘महेश’ – डा अनिल सुलभ
स्मृति-दिवस ( २९ जुलाई ) पर विशेष छायावादोत्तर काल के विशिष्ट कवि थे डा माहेश्वरी सिंह ‘महेश’ डा अनिल सुलभ.छंद-शास्त्र के मनीषी आचार्य और तेजस्वी साहित्यकार डा माहेश्वरी सिंह ‘महेश’ छायावादोत्तर काल के अति विशिष्ट और प्रणम्य कवि…
साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर काव्य-साहित्य की हुई सांगीतिक प्रस्तुति, डॉ. अनिल सुलभ ने कलाकारों एवं सुधी दर्शकों का हार्दिकता से अभिनंदन किया
पटना, २६ जुलाई। ‘बाँधों न नाव इस ठाँव बन्धु’—- ‘बूँद-बूँद बररे पानी —‘। महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और फणीश्वर नाथ रेणु के इन गीतों के साथ हिन्दी के अनेक महान कवियों की रचनाओं को स्वर-बद्ध कर,…
पटना -पुण्यतिथि (२४ जुलाई ) पर विशेष स्वातंत्र्य योद्धा साहित्यकार थे विंध्याचल प्रसाद गुप्त / डा अनिल सुलभ
महात्मा गांधी के ऐतिहासिक चंपारण-सत्याग्रह की गूँज के बीच अपनी आँखें खोलने वाले और संघर्षों में पगे महान स्वतंत्रता-सेनानी विंध्याचल प्रसाद गुप्त उतने ही महान कवि और साहित्यकार भी थे। वे उसी पावन भूमि के वीर सपूत थे, जहाँ से भारत की स्वतंत्रता का…
पटना /जयंती (२२ जुलाई) पर विशेष ‘गीता’ के जीवंत विग्रह थे जगत नारायण प्रसाद ‘जगतबंधु’ / डा अनिल सुलभ
अद्भुत और अनुकरणीय व्यक्तित्व था उनका! ९२ वर्ष की आयु में भी ७२ वर्ष के लगते थे! कुर्ता-पायज़ामा के ऊपर बंडी पहने हुए, साक्षात जीवंतता की दीप्ति से चमकते और मुस्कुराते हुए! उन्होंने भारतीय वांगमय के सूत्र-ग्रंथ ‘गीता’ का न केवल महनीय हिन्दी…
पटना /साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर ओज की कविताओं के साथ लाइव हुईं कवयित्री डा उमा सिंह ‘किसलय’- सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने किया स्वागत
ऋंगार भुजाएँ करती जिसकी खड़ग, तीर, तलवारों से/ तेजस्वी भाल चमकता विजय तिलक के नारों से/ वतन-परस्तों का लहू सिर्फ़ लहू नहीं अंगारा है/ जाबांजों के दम पर ही तो ‘स्वतंत्र’ देश हमारा है — “। ओज और देशभक्ति की, दिलों को झकझोरने वाली…
डा अनिल सुलभ की देशवासियों से विनम्र अपील = बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक लाइव पृष्ठ से स्वयं को नही जोड़ा है,निचे दीये लिंक से जुड़े
https://www.facebook.com/groups/4126716564070048/ जिन देवियों और सज्जनों ने अब तक बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक लाइव पृष्ठ से स्वयं को नही जोड़ा है, उन सबसे विनम्र आग्रह है कि वे ऊपर प्रेषित लिंक को दबा कर ज्वाइन कर लें, ताकि आगे के सभी सजीव…
टेलीविजन चैनल “”हिन्दी खबर “” द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ अनिल सुलभ शनिवार 11 बजे सुबह लाइव होंगे
बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष एवं देश के चर्चित कवि डॉ अनिल सुलभ के साथ हिन्दी खबर द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया हैँ. आज परिचर्चा का आयोजन किया गया है, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के डॉक्टर अनिल सुलभ 11 बजे दिन में पूरे देश को…