पटना डेस्क /बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर 18 सितम्बर को होगी मतदान
जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 26 जुलाई ::बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की प्रक्रिया कोरोना संक्रमण के कारण बाधित था। अब कोरोना संक्रमण की कमी को देखते हुए अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दिया गया है।सूत्रों के…
पटना /आचार्य देवेंद्रनाथ शर्मा की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी, दी गई काव्यांजलि
पटना, ७ जनवरी। संस्कृत, हिन्दी, ऊर्दू, फ़ारसी, बांगला, गुजराती, अंग्रेज़ी, रूसी, फ़्रेंच, ग्रीक और जर्मन समेत अनेक देशी-विदेशी भाषाओं के उद्भट विद्वान आचार्य देवेंद्रनाथ शर्मा पुरातन भारतीय ज्ञान के नूतन प्रकाश थे। भारतीय दर्शन और वैदिक साहित्य का उन्हें…
पटना /अनेक विदेशी भाषाओं ने हो रहे हैं डा दीनानाथ शरण के साहित्य का अनुवाद जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २६ जून । यश की कामना से दूर, जीवन पर्यन्त साहित्य और पत्रकारिता की एकांतिक सेवा कारने वाले डा दीनानाथ शरण हिन्दी के कुछ उन थोड़े से मनीषी साहित्यकारों में हैं, जिनके साहित्य की संसार की अनेक समृद्ध भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। वे मनुष्यता और…
पटना /कबीर ने संसार को इहलोक और परलोक दोनों ही सुधारने का मार्ग दिया जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने संतकवि का श्रद्धापूर्वक किया स्मरण , दी काव्यांजलि
पटना, २४ जून। हिन्दी साहित्य में संतकवि कबीर का बहुत ही महनीय और उच्च स्थान है। वे प्रेम और ज्ञान के पथ-प्रदर्शक थे। कबीर ने हमें सिखाया कि माया और मोह से ग्रस्त व्यक्ति न तो स्वयं का भला कर सकता है न समाज का। उनकी शिक्षाओं में संसार को इहलोक और परलोक,…
पटना /धार्मिक और वैचारिक स्वतंत्रता के लिए गुरुतेग़ बहादुर सिंह जी का बलिदान अद्वितीय ४००वें जयंती वर्ष पर साहित्य सम्मेलन ने दिया श्रद्धातर्पण, कवियों ने दी काव्यांजलि,
पटना, २० जून। संसार के सभी मनुष्यों को अपना आदर्श, विचार और मत चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। बल पूर्वक किसी व्यक्ति या समाज पर किसी मत या विचार का थोपा जाना अन्याय है और उसे दासता की ओर ले जाने वाला कुत्सित अपराध समझना चाहिए । धार्मिक मान्यताओं और…
पटना /’सांगितिक पावस शिविर’ के पाँचवे दिन बच्चों से मिले सुप्रसिद्ध फ़िल्म गीतकार विजय अकेला
पटना, १६ जून। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कला विभाग, संगीत और कला की अग्रणी संस्था कलाकक्ष और पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध युवाओं की संस्था ‘तरुमित्र’ के संयुक्त तत्त्वावधान में, आयोजित एक सप्ताह के ‘सांगितिक पावस शिविर’…
पटना /’सांगितिक पावस शिविर’ के चौथे दिन मूक अभिनय और भरत-नाट्यम का दिया गया प्रशिक्षण
पटना, १६ जून। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कला विभाग, संगीत और कला की अग्रणी संस्था कलाकक्ष और पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध युवाओं की संस्था ‘तरुमित्र’ के संयुक्त तत्त्वावधान में, आयोजित एक सप्ताह के ‘सांगितिक पावस शिविर’…
पटना डेस्क /साहित्य सम्मेलन के कला-विभाग द्वारा ‘सांगितिक पावस शिविर’ आज से
पटना, 12 जून। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कला विभाग, संगीत और कला की अग्रणी संस्था कलाकक्ष और पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध युवाओं की संस्था ‘तरुमित्र’ के संयुक्त तत्त्वावधान में, 13 जून से 20 जून तक ‘सांगितिक पावस शिविर’…
पटना डेस्क /”मानवतावादी साहित्यकार” थे मेजर बलबीर सिंह ‘भसीन’,साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ प्रथम पुण्य स्मृति-समारोह
पटना , ८ जून। मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तथा प्रख्यात शिक्षाविद मेजर डा बलबीर सिंह ‘भसीन’ एक भाव-प्रवण कवि और मानवतावादी साहित्यकार थे। उनकी पुस्तकें ‘पत्थर की चाहत’, ‘एक हिंदुस्तानी की खोज’ तथा ‘एक सफ़र…
पटना/ प्रकृति -राग’ के अमर गायक थे कलक्टर सिंह ‘केसरी’, जयंती पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने दी पुष्पांजलि
पटना, ४ जून। प्रकृति के मुग्धकारी रूप और उसकी सुरम्य सुषमा को काव्य में पिरोनेवाले कृतात्मा कवि कलक्टर सिंह ‘केसरी’ पिछली पीढ़ी के एक ऐसे कवि और विद्वान आचार्य थे, जिन्हें ‘प्रकृति-राग’ का अमर गायक माना जाता है। आधुनिक हिन्दी के…
पटना /आज” बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन “द्वारा आयोजित दस दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन समारोह है,अतिथि रूप में समारोह की शोभा बढ़ाने हेतु उपस्थित होने की कृपा करें : डा अनिल सुलभ
पटना डेस्क /देवियों एवं सज्जनों ! आज बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित दस दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन समारोह है। अपराह्न चार बजे समारोह का उद्घाटन होगा । मुख्य प्रतियोगिता आज संपन्न होगी । कल पूर्वाभ्यास था ! सभी प्रतिभागियों से आग्रह…
पटना /भाव-संपन्न सुकवि थे रवि घोष, निधन से साहित्य की बड़ी क्षति / साहित्य सम्मेलन ने आयोजित की ऑन लाइन शोक-गोष्ठी
पटना, २६ मई। हिन्दी और बांगला के सुख्यात कवि रविघोष एक भाव-संपन्न सुकवि थे। ऐतिहासिक स्त्री पात्र सालवती पर लिखित उनकी प्रबंधकृति ‘सालवती’ ने साहित्य समाज का ध्यान विशेष रूप से खींचने में सफल रही। इस प्रबंध-काव्य में उनकी साहित्यिक प्रतिभा…