पटना /साहित्य सम्मेलन में श्रीकांत व्यास के वयंग्य उपन्यास ‘विद्रोही मुग्धानंद’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, ३० सितम्बर। माना जाता है कि व्यंग्य कटु होते हैं। पाठकों को चूभते हैं। लेकिन लोगों को यह भी जाना चाहिए कि व्यंग्य का एक स्तर ऐसा भी होता है, जो हृदय को गुदगुदाता भी है। एक ऐसी कटाक्ष उत्पन्न करता है, जो चुभता तो है पर दुखता नहीं, मज़ा देता है।…
पटना /साहित्य में अनुशीलन के आदर्श थे आचार्य धर्मेंद्र ब्रह्मचारी शास्त्री जयंती पर श्रद्धा से स्मरण किए गए सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष राजाबहादुर कीर्त्यानंद सिंह और शिवनन्दन सहाय
पटना, २८ सितम्बर। संत साहित्य के मर्मज्ञ आचार्य थे डा धर्मेंद्र ब्रह्मचारी शास्त्री। वे साहित्य में शोध और अनुशीलन के आदर्श-पुरुष थे। उनका संपूर्ण जीवन तपश्चर्या का पर्याय था। प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों पर किए गए उनके कार्य, साहित्य-संसार की धरोहर…
पटना /प्रकृति से समन्वय और सद्भाव के कवि कथाकार हैं सदानंद प्रसाद- साहित्य सम्मेलन में पुस्तक ‘ज़िंदगी के रूप रंग’ का हुआ लोकार्पण
पटना, २५ दिसम्बर। स्वास्थ्य-विज्ञान और योग से गहरा संबंध रखनेवाले साधु-पुरुष सदानंद प्रसाद, प्रकृति से समन्वय के पक्षधर और सद्भाव के कवि-कथाकार हैं। हिन्दी गद्य और पद्य, दोनों में ही गम्भीर सृजन कर रहे श्री प्रसाद अपने विचार अत्यंत सरलता से रखते हैं, जो…
पटना /अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री थीं अनुपमा नाथ, असमय निधन से हिन्दी की बड़ी क्षति- साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित हुई श्रद्धांजलि-सभा, बटुक भाई के निधन पर भी शोक-व्यक्त किया
पटना। विदुषी कवयित्री अनुपमा नाथ काव्य-कल्पनाओं से समृद्ध एक अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री थीं। उनके काव्य-संग्रह’हेलो! सुनो न !’ में हम उनकी अपार कवित्त-शक्ति की अनुभूति कर सकते हैं। साहित्य का संस्कार उन्हें, अपने विद्वान पिता स्व श्रीरंजन…
पटना /हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा हो, तभी ‘हिन्दी-दिवस’ की सार्थकता साहित्य सम्मेलन में मनाया गया हिन्दी दिवस समारोह, १४ हिन्दी सेवियों को किया गया सम्मानित
पटना, १४ सितम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आज ‘हिन्दी दिवस समारोह’ बहुत धूमधाम से मनाया गया। पूर्व की भाँति इस वर्ष भी १४ हिन्दी-सेवियों को ‘साहित्य सम्मेलन हिन्दी सेवी सम्मान’ से अलंकृत किया गया। विगत १ सितम्बर से जारी…
पटना /एक कतरा किसी ने मांगा था, और दरिया बहा दिया उसने- हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवयित्री सम्मेलन,विद्यार्थियों के लिए दोहा-पाठ
पटना, १२ सितम्बर। स्त्री-मन के विविध रूपों और उनके संवेगों को अभिव्यक्ति देने वाली विभिन्न भावों की कविताओं और गीत-ग़ज़लों से साहित्य सम्मेलन का ऐतिहासिक सभागार झूमता-मचलता रहा। अवसर था हिन्दी पखवारा के अंतर्गत आयोजित कवयित्री सम्मेलन का। सम्मेलन की…
पटना /हिन्दी काव्य-साहित्य के अनमोल रत्न हैं महाकवि केदार नाथ मिश्र ‘प्रभात’-जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह, दी गई काव्यांजलि
पटना, ११ सितम्बर। महाकवि केदारनाथ मिश्र ‘प्रभात’ हिन्दी काव्य-साहित्य के अनमोल रत्न हैं। उनकी काव्य-कल्पनाएँ मोहित और विस्मित करती हैं। उन्होंने अपनी विलक्षण काव्य-प्रतिभा से हिन्दी-काव्य को साहित्य के शिखर पर प्रतिष्ठित किया। सम्मेलन के लिए…
पटना /तुलसी के बाद हिन्दी साहित्य में भारतेंदु ही लोकनायक जयंती पर साहित्य सम्मेलन में हुआ समारोह, डा आशिष कांधवे को दिया गया स्मृति सम्मान
पटना, ९ सितम्बर। संतशिरोमणि महाकवि तुलसी दास के पश्चात साहित्य के माध्यम से लोक-जागरण के लिए जिसे लोकनायक कहा जा सकता है, उस महान साहित्यकार का नाम भारतेंदु हरिश्चन्द्र है। खड़ी-बोली हिन्दी को माध्यम बनाकर और इसका नया रूप गढ़कर भारतेंदु ने भारतीय समाज और…
पटना /खेतबा के डरिया, चलेलि गुजरिया, मन ही में करत किलोल- हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ लोक-भाषा कवि-सम्मेलन
पटना, ८ सितम्बर। “खेतबा के डरिया चलेलि गुजरिया, मन ही में करत किलोल/ पिया मोर सुनर चढल जवानिया, बोले निर्मोही मीठे बोल”— बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने अपने अध्यक्षीय काव्य-पाठ में जैसे ही ये पंक्तियाँ सस्वर…
पटना /लघुकथा “ग़ज़ल के शेर की तरह” कुछ शब्दों में ही मर्म भेद जाती है/ डा विनय कुमार विष्णुपुरी के कथा-संग्रह ‘अमृत रस आनंद का हुआ लोकार्पण
पटना, ७ सितम्बर। ‘लघुकथा’ साहित्य की एक अत्यंत प्रभावशाली विधा है। यह ग़ज़ल के शेर की तरह होती है, जो कुछ शब्दों में ही मर्म का भेदन कर जाती है। इसीलिए कथा-साहित्य में यह विधा प्रचंड गति से लोकप्रियता प्राप्त कर रही है। इस क्षेत्र में पदार्पण…
पटना के साहित्य सम्मेलन में 1 सितम्बर से आरंभ होगा हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला-दस दिनों का होगा संस्कृत-संभाषण शिविर,14 हिन्दी-सेवियों का होगा सम्मान-डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष
प्रिया की रिपोर्ट /पटना, 29अगस्त। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आगामी एक सितम्बर से, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, ‘हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन एक सितम्बर की संध्या तीन बजे केंद्रीय वन एवं…
पटना /कवि आरसी प्रसाद सिंह एवं हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की मनायी गयी जयंती,साहित्य सम्मेलन ने दी काव्य-श्रद्धांजलि – ‘नया भाषा भारती संवाद’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १९ अगस्त। मैथिली और हिन्दी के यशस्वी कवि आरसी प्रसाद सिंह, काव्य-साहित्य में, बिहार के सर्वाधिक लोकप्रिय कवियों में, दिनकर, प्रभात, वियोगी, नेपाली और जानकी बल्लभ शास्त्री के साथ परिगणित होते हैं । वे प्रकृति, प्रेम, जीवन और यौवन के महाकवि थे। उनकी…