साहित्य सम्मेलन में डा सविता मिश्रा ‘मागधी’की पुस्तक ‘जीवन है तो–?’ का हुआ लोकार्पण, साहित्यकार पं रामदहिन मिश्र भी किए गए याद, हुआ कवि-सम्मेलन, पूर्व वायु सैनिकों ने लगाए पौंधे
पटना, १४ अप्रैल। महान स्वतंत्रता-सेनानी, पत्रकार और लेखक पं छविनाथ पाण्डेय एक ऐसे राष्ट्रवादी-विद्वान थे, जिन्होंने न केवल स्वयं को ही राष्ट्र और राष्ट्राभाषा के लिए न्योछावर कर दिया था, बल्कि अपने समय के साहित्यकारों को भी इस हेतु प्रेरणा दी। वे बिहार…
विदुषी साहित्यकार गिरिजा बरणबाल की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना,११ अप्रैल। “किस बात का गुमां है, किस भरम में हो मीत/ उफनती हुई नदी में नाव सी है ज़िंदगी।”—- “आमने माना कि न कहोगे हमारी इल्तिजा पे लेकिन/ होठों पे लफ़्ज़ ‘हाँ’ आके थरथराए तो क्या करोगे?” आदि हृदय तक पहुँचने वाली…
CIN /लेख्य-मंजूषा के तत्त्वावधान में साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी, विद्वानों ने दिए परामर्श
पटना, १० अप्रैल। गद्य-साहित्य में ‘लघु-कथा’ सर्वाधिक लोकप्रिय हो रही विधा है। संपूर्ण भारतवर्ष में, लघुकथा लेखकों की संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ी है। प्रकाशन भी खूब हो रहे हैं। इसकी लोकप्रियता ने सृजन से दूर रहने वाले लोगों को भी आकर्षित किया…
महापंडित राहुल सांकृत्यान के जब पैर थमते थे, तब लेखनी चलने लगती थी – जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह, हुई लघु-कथा गोष्ठी
पटना, ९ अप्रैल। विश्व की ३६ भाषाओं के ज्ञाता, अनुवादक और यात्रा-साहित्य के पुरोधा थे महापंडित राहुल सांकृत्यान। यह ज्ञान उन्होंने विभिन्न देशों के भ्रमण और उनके साहित्य का व्यापक अध्ययन से अर्जित किया था। वे अतृप्त जिज्ञासु थे। जगत और जगदीश को जानने की…
मर्म को स्पर्श करते हैं पं बिलास बिहारी झा के गीत – जयंती पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा सतीश चंद्र भगत को दिया गया स्मृति-सम्मान, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ६ अप्रैल। ‘राम नवमी’ को ही धरा पर अवतरित होने वाले स्तुत्य साहित्यकार पं विलास बिहारी झा के गीत मर्म को गहरे तक स्पर्श करते हैं। वे पद्य और गद्य पर समान अधिकार रखते थे। बाल-साहित्य और कथा-साहित्य में उनके योगदान को भी आदर पूर्वक स्मरण…
साहित्य सम्मेलन में बलिदानी कवि पं माखन लाल चतुर्वेदी की मनायी गयी जयंती, दी गयी काव्यांजलि
पटना, ४ अप्रैल। “चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ!— मुझे तोड़ लेना वनमाली उस पथ पर देना तुम फेंक!, मातृ-भूमि पर शीष चढ़ाने जिस पथ जावें वीर अनेक !”, ऐसी गहरी राष्ट्रीय-संवेदना की अमर रचना करने वाले महान कवि, स्वतंत्रता…
साहित्य सम्मेलन में प्रो मुरलीधर श्रीवास्तव ‘शेखर’ तथा केसरी कुमार की मनायी गई जयंती, दी काव्यांजलि
पटना, ३१ मार्च। हिन्दी काव्य में प्रयोगवादी विचारों के पोषक थे प्रो केसरी कुमार। आचार्य नलिन विलोचन शर्मा तथा श्री नरेश के साथ उन्होंने एक नए प्रयोगवाद को जन्म दिया, जिसे ‘प्रपद्यवाद’ कहा गया। इसी का एक दूसरा नाम, इन तीनों अद्भुत…
साहित्य सम्मेलन में पोद्दार टूस्ट के तत्वावधान में आयोजित हुई आलेख पाठ प्रतियोगिता, दस हज़ार, सात हज़ार, पाँच हज़ार और दो-दो हज़ार की राशि से पुरस्कृत हुए आठ प्रतिभागी
पटना, 30 मार्च । पर्यावरण बचेगा तो धरती भी बचेगी और इस पर जीवन भी बचेगा। आज पूरे विश्व की यही चिन्ता है कि विविध प्रकार के प्रदूषणों से पर्यावरण की हो रही क्षति जैव विविधता के अस्तित्व पर घोर संकट उत्पन्न हुआ है। इसलिए यह आवश्यक है कि नयी पीढ़ी के साथ…
पटना पुस्तक महोत्सव में गीत-संग्रह ‘गीत उत्तरा फाल्गुनी’ का हुआ लोकार्पण
पटना, २५ मार्च। भारत की गेय साहित्य की महान परंपरा में, हिन्दी गीत के प्रतिनिधि कवि हैं पं बुद्धिनाथ मिश्र, जिनकी रचनाओं का मूल स्वर प्रेम और ऋंगार है। मिश्र जी के गीतों में वासंती-हवा और आम्र-मंजरों की मादक गंध है, जो श्रोताओं और पाठकों को मदन-रस से ही…
ज़रूरत क्या तुम्हारे रूप को सिंगार करने की – ! पुस्तक-महोत्सव में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन, तालियों से गूँजता रहा सभागार
पटना, २४ मार्च। अंतर्राष्ट्रीय मंचों के लोकप्रिय कवि पं बुद्धिनाथ मिश्र ने जैसे ही अपने गीत की ये पंक्तियाँ पढ़ी कि- “-ज़रूरत क्या तुम्हारे रूप को ऋंगार करने की! किसी हिरणी ने अपनी आँख मेन काजल लगाया क्या”, पटना पुस्तक महोत्सव का विस्तृत सभागार तालियों…
CIN /हरिवंश राय बच्चन को समर्पित होगा साहित्य सम्मेलन का ४४वाँ महाधिवेशन, अमिताभ बच्चन होंगे मुख्य अतिथि
पटना, २३ मार्च । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४४वाँ महाधिवेशन हिन्दी के यशस्वी कवि डा हरिवंश राय बच्चन को समर्पित होगा। दो दिवसीय इस महाधिवेशन के मुख्य अतिथि हिन्दी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन होंगे। महाधिवेशन में उद्घाटन और…
CIN /हरिवंश राय बच्चन को समर्पित होगा साहित्य सम्मेलन का ४४वाँ महाधिवेशन, अमिताभ बच्चन होंगे मुख्य अतिथि
पटना, २३ मार्च । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४४वाँ महाधिवेशन हिन्दी के यशस्वी कवि डा हरिवंश राय बच्चन को समर्पित होगा। दो दिवसीय इस महाधिवेशन के मुख्य अतिथि हिन्दी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन होंगे। महाधिवेशन में उद्घाटन और…