पटना /डा.धीरेंद्र कुमार सिंह के मैथिली काव्य-संग्रह ‘कदमों के निशान’ के हिन्दी अनुवाद का लोकार्पण, विद्वान अनुवादक पं भवनाथ झा का हुआ अभिनन्दन
पटना, ४ सितम्बर । कोई चिकित्सक, अभियन्ता, पुलिस अधिकारी या वैज्ञानिक यदि काव्य-साहित्य में रूचि रखता है, तो यह साहित्य संसार के लिए प्रसन्नता का विषय है। डा धीरेंद्र कुमार सिंह, कैंसर रोग के विशेषज्ञ सुप्रतिष्ठ चिकित्सा-विज्ञानी हैं। यह प्रसन्नता की बात…
पटना /डा दीन के काव्य में ही नहीं प्राण में भी कबीर थे, डा उषा रानी जी वैदुष्य और वात्सल्य की संज्ञा ही थी, साहित्य सम्मेलन में दोनों साहित्यिक-युगल को श्रद्धापूर्वक किया गया स्मरण
पटना, १ सितम्बर। स्तुत्य कवि और शिक्षाविद प्रो सीताराम ‘दीन’ हिन्दी के एक ऐसे महान कवि हुए, जिनके काव्य में ही नही, प्राण में भी कबीर बसते थे। उन्होंने अपने साहित्य और जीवन में भी कबीर को प्रत्यक्ष उतारा और जिया भी। वे एक स्वाभिमानी…
पटना डेस्क /८८वें जन्मोत्सव पर राष्ट्रभाषा प्रहरी नृपेंद्रनाथ गुप्त का हुआ अभिनन्दन, साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह
पटना, ३० अगस्त। ‘राष्ट्रभाषा-प्रहरी’ की लोक उपाधि से विभूषित सुविख्यात हिन्दीसेवी तथा ‘भाषा भारती संवाद’ के प्रधान-संपादक नृपेंद्रनाथ गुप्त का, उनके ८८वें जन्मोत्सव पर, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में सोमवार को आयोजित एक भव्य…
पटना /हिन्दी के प्रणम्य व्यक्तित्व थे डा भगवती शरण मिश्र / निधन से साहित्य-संसार की व्यापक क्षति, साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई शोक-सभा
पटना, २८ अगस्त। हिन्दी कथा-साहित्य को महनीय ऊँचाई प्रदान करने वाले बहुभाषाविद मनीषी साहित्यकार डा भगवती शरण मिश्र का व्यक्तित्व प्रणम्य था। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे डा मिश्र ने ‘पवन पुत्र’, ‘पुरुषोत्तम’,…
पटना /साहित्य में अभिरूचि रखने वाले वैज्ञानिक हिन्दी में पाठ्य-पुस्तकों की रचना करें:डा सुलभ,सुप्रसिद्ध चिकित्सक डा क्रांति चन्दन जयकर की पुस्तक ‘मेरे दिवस गीत एवं आलेख’ का हुआ लोकार्पण
पटना, २७ अगस्त। हिन्दी भाषा और साहित्य में अभिरूचि रखने वाले सभी प्रकार के तकनीकी विशेषज्ञों को चाहिए कि वे अपने विषय के अंग्रेज़ी में प्रकाशित पाठ्य-पुस्तकों को व्यावहारिक हिन्दी में अनुवाद करें। संभव हो तो हिन्दी में ही मौलिक पुस्तकों की रचना हो। इससे…
पटना /ऐतिहासिक चंपारण-सत्याग्रह के महान अग्रदूत थे पं राज कुमार शुक्ल जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई श्रद्धांजलि
संजय राय की रिपोर्ट पटना से , २३ अगस्त। महान स्वतंत्रता सेनानी और किसान नेता पं राज कुमार शुक्ल, महात्मागांधी के ऐतिहासिक चंपारण-सत्याग्रह के वह महान अग्रदूत थे जिनके अथक प्रयास और बारंबार अनुनय-विनय पर गांधी जी चंपारण आए थे। जब गांधीजी ने अग्रेज नीलहे…
पटना /’राष्ट्रभाषा’ और ‘राजभाषा’ के बीच की भ्रांति दूर होनी चाहिए ‘नया भाषा भारती संवाद’ के नए अंक के लोकार्पण पर राष्ट्रभाषा पर हुई चर्चा
पटना, २२ अगस्त। ‘राष्ट्रभाषा’ और ‘राजभाषा’ के विषय में पूरे देश में व्याप्त भ्रांत-धारणा दूर होनी चाहिए। बहुसंख्यक लोग दोनों शब्दों को एक ही अर्थ में लेते हैं, जो उचित नहीं है। जिस प्रकार किसी राष्ट्र का अपना ‘राष्ट्रीय…
पटना /१११वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी काव्य-श्रद्धांजलि,जीवन और यौवन के महान कवि थे आरसी प्रसाद सिंह
पटना, १९ अगस्त। जीवन को परिभाषित करने वाली अमर रचना ‘जीवन का झरना’ के महान कवि आरसी प्रसाद सिंह, मैथिली और हिन्दी के एक ऐसे यशमान साहित्यिक व्यक्तित्व हैं, जो काव्य-संसार में, बिहार के सर्वाधिक लोकप्रिय कवियों, दिनकर, प्रभात, वियोगी, नेपाली…
हाजीपुर के सर्किट हाउस में वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से डॉ अनिल सुलभ जी को पगड़ी और फूल- मालाओं से भव्य स्वागत किया गया
प्रियंका भारद्वाज की रिपोर्ट /डॉ अनिल सुलभ का बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के पुनः अध्यक्ष निर्वचन होने पर हाजीपुर में भव्य स्वागत।हाजीपुर के सर्किट हाउस में वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से डॉ अनिल सुलभ जी को पगड़ी और फूल- मालाओं से भव्य स्वागत…
पटना /डा अनिल सुलभ पुनः बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष चुने गए / साहित्यकारों ने दी बधाइयाँ, अंग-वस्त्रम, पुष्प-गुच्छ और पगड़ी पहनाकर किया अभिनन्दन
पटना, १२ अगस्त। देश की गौरवशाली संस्थाओं में से एक बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर एक बार फिर से डा अनिल सुलभ को प्रतिष्ठित किया गया है। आज तीसरे पहर तीन बजे, सम्मेलन के निर्वाचन पदाधिकारी और पटना उच्च न्यायालय के विद्वान अधिवक्ता पण्डित जी…
पटना /बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना का अगला “अध्यक्ष “डॉक्टर अनिल सुलभ का निर्वाचित होना तय
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट /हिंदी साहित्य के देश के बड़े विद्वान अनिल सुलभ का बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन पटना का पुनः निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना निश्चित हो गया है. इसकी औपचारिक घोषणा गुरुवार को की जाएगी. एक अन्य सदस्य कृष्ण मुरारी ने बगैर प्रस्ताव के…
पटना /”बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन” के “अध्यक्ष” पद के लीये नामांकन के अंतिम दिन ५ सेटों में पचास प्रस्तावकों के साथ डा. अनिल सुलभ ने नामांकन-प्रपत्र भरा
पटना, ९ अगस्त। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन हेतु, नामांकन के अंतिम दिन, सोमवार को सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने पाँच सेटों में पचास निर्वाचक-प्रस्तावकों के साथ , निर्वाचन पदाधिकारी पण्डित जी पाण्डेय और उनके सहायक…