पटना /पहली सितम्बर से साहित्य सम्मेलन में आरंभ होगा हिन्दी पखवारा / लगाया जाएगा १५दिवसीय ‘पुस्तक चौदस मेला’,प्रत्येक दिन होंगे साहित्यिक उत्सव- १४ हिन्दी-सेवियों का होगा अलंकरण
पटना, १७ अगस्त। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आगामी एक सितम्बर से, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, ‘हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन एक सितम्बर की संध्या तीन बजे किया जाएगा। पखवारे के प्रत्येक दिन…
पटना/समाज को पतन से बचाना साहित्यकारों का दायित्व-शब्द स्वर और आचरण से दें प्रेरणा, साहित्य सम्मेलन में झंडोत्तोतल के पश्चात अध्यक्ष ने किया आह्वान
पटना, १६ अगस्त । निरंतर हो रहे जीवन-मूल्यों के ह्रास और चारित्रिक पतन से समाज को बचाना साहित्यकारों का ही दायित्व है। चतुर्दिक दृष्टि फैलाने के बाद अब एक मात्र आशा साहित्य से रह गई है। साहित्य और साहित्यकार ही समाज की रक्षा कर सकते हैं। आदि-काल से अबतक…
पटना /कविता की परिभाषा है अभिलाषा की ‘अनुमेघा’ नेपाली जयंती पर अभिलाषा सिंह के काव्य-संग्रह का हुआ लोकार्पण, दी गई गीतांजलि
पटना, ११ अगस्त। कवयित्री अभिलाषा सिंह भाव-संपदा और कवित्त-शक्ति से संपन्न एक अत्यंत प्रतिभाशाली रचनाकार हैं। इनकी रचनाओं में कविता स्वयं अपने को अभिव्यक्त करती है। अपने प्रथम काव्य-संग्रह में ही इन्होंने एक सर्वथा संवेदनशील और परिपक्व कवयित्री होने का…
पटना /हिन्दी भाषा और साहित्य के महान उन्नायक थे आचार्य शिवपूजन सहाय-जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई लघु-कथा संगोष्ठी
पटना, ९ अगस्त। हिन्दी के ऋषि-तुल्य साहित्यकार आचार्य शिव पूजन सहाय का साहित्यिक व्यक्तित्व हिमालय की तरह ऊँचा था। वो हिन्दी भाषा और साहित्य के महान उन्नायक थे। उन्होंने साहित्य और शिक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वे साहित्य सम्मेलन के…
पटना /संत कवि तुलसी भारतीय चेतना और दर्शन के अद्भुत भाष्यकार हैं/ प्रबुद्ध हिंदू समाज की ओर से मनायी गई तुलसी जयंती
पटना, ७ अगस्त। महाकवि तुलसीदास भारतीय चेतना और दर्शन के अद्भुत भाष्यकार हैं। वे उपदेश नहीं देते, बल्कि अपने सजीव पात्रों के माध्यम से समाज को एक ऐसा प्रतीक देते हैं, जो मानव-समुदाय के लिए आदर्श और जीवन का पाथेय बन जाता है। तुलसी काव्य-संसार के एक ऐसे…
पटना /साहित्य सम्मेलन में पुस्तक ‘कवयित्री सुभद्रा वीरेन्द्र की गीति कविताएँ’ का हुआ लोकार्पण, हुई कवि-गोष्ठी
प्रिया सिन्हा की रिपोर्ट / अपने मधुर कंठ और प्रांजल लेखनी से, भोजपुरी और हिन्दी के हृदय-हारी गीतों से संपूर्ण भारतवर्ष में गीत का अलख जगानेवाली विदुषी कवयित्री डा सुभद्रा वीरेन्द्र सत्य ही बिहार की कोकिला थीं। ईश्वर ने उन्हें हमसे असमय ही छीन लिया। उनके…
पटना /आदर्श और मूल्यवान जीवन की मूर्तमान प्रेरणा थे ‘जगतबंधु’- जयंती पर साहित्य सम्मेलन में हुआ पुस्तक का लोकार्पण, डा मेहता नगेंद्र सिंह का अभिनन्दन एवं कवि-सम्मेलन
पटना, २२ जुलाई। भारतीय जीवन और आदर्शों को सहस्राब्दियों से अनुप्राणित करने वाले महान ग्रंथ ‘गीता’ का अनेक भाषाओं में अनेकों विद्वानों और ऋषियों ने अनुवाद किए हैं और भाष्य लिखे हैं। यह कार्य आज भी प्रवहमान है। इस दिव्य ग्रंथ का हिन्दी…
पटना /डा जगदीश पाण्डेय की जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धापूर्वक स्मरण किया अपने पूर्व अध्यक्ष को
पटना, १६ जुलाई। डा जगदीश पाण्डेय वृति से अभियन्ता किंतु हृदय से कवि थे। सृजन नहीं कर पाए, किंतु सर्जकों की उदारता से सेवा की। साहित्य और साहित्यकारों की अत्यंत मूल्यवान सेवाओं के लिए वे सदा स्मरण किए जाते रहँगे।शनिवार की संध्या, बिहार हिन्दी साहित्य…
पटना /पुरातन भारतीय ज्ञान के नूतन प्रकाश थे आचार्य देवेंद्रनाथ शर्मा,जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धापूर्वक स्मरण किया अपने पूर्व अध्यक्ष को, कवियों ने दी काव्यांजलि
पटना, ७ जुलाई। हिन्दी और संस्कृत के उद्भट विद्वान और महान साहित्य-सेवी आचार्य देवेंद्रनाथ शर्मा पुरातन भारतीय ज्ञान के नूतन प्रकाश थे। भारतीय दर्शन और वैदिक साहित्य का उन्हें गहरा अध्ययन था। वे पटना विश्वविद्यालय और दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति…
पटना /लोक-संस्कृति और गीति-काव्य की पुण्य सलीला सरिता थीं डा शांति जैन- जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई श्रद्धांजलि, आयोजित हुआ कवी-सम्मेलन
पटना, ४ जुलाई। अपनी मूल्यवान साहित्यिक और सांस्कृतिक सेवाओं के लिए भारत सरकार के पद्म अलंकरण से विभूषित विदुषी कवयित्री डा शांति जैन लोक संस्कृति और गीति-काव्य की पुण्य सलीला सरिता थीं। लोक-संगीत, लोक-कला और लोक-जीवन पर अपने अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों के…
पटना /बिहार के साहित्यिक वैभव को अनावृत करनेवाले मनीषी थे डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर, महान सर्जक और सर्जन थे डा जितेंद्र सहाय,साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धापूर्वक किया स्मरण
पटना, १ जुलाई। अनेक अलक्षित साहित्यकारों को प्रकाश में लाने वाले स्तुत्य लेखक डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर एक ऐसे मनीषी और परिश्रमी साहित्य-साधक थे, जिन्होंने अपनी कल्याणकारी लेखनी से बिहार की सोयी आत्मा को जगाया तथा बिहार की महान साहित्यिक वैभव को प्रकाश…
पटना /साहित्य सम्मेलन में चर्चित कवि दिलीप कुमार को दिया गया स्मृति सम्मान, ‘विदुषी शैलजा जयमाला सम्मान’ से अलंकृत की गईं लेखिका ममता मेहरोत्रा
पटना, २६ जून । डा दीनानाथ शरण मनुष्यता और जीवन-मूल्यों के कवि और मनीषी समालोचक थे। एक सजग कवि के रूप में उन्होंने पीड़ितों को स्वर दिए तथा शोषण तथा पाखंड के विरुद्ध कविता को हथियार बनाया। वे हिन्दी के कुछ उन थोड़े से मनीषी साहित्यकारों में थे, जो यश की…