पटना /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ सावन-महोत्सव, हरित वसना कवयित्रियों ने गीतों से मोहा मन
पटना , ८ अगस्त। “आमंत्रण दृग से हुआ, लिए एक मनुहार/ हुए श्रावणी प्राण-धन, बरसी प्रीत-फुहार”– “मन चंचल हिरण बन बैठा, लगा कुलाँचे भरने/ अल्हड़ हो मदमस्त चली मैं, जैसे बहते झरने”– “जैसे-जैसे नीलाभ का तन हुआ सांवला/ वैसे-वैसे…
पटना /साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए डा अनिल सुलभ ने नामांकन किया । ४ सेटों में, ४० निर्वाचक-सदस्य डा सुलभ के प्रस्तावक बने, आज किसी अन्य ने नामांकन नही किया
पटना, ७ अगस्त। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए, नामांकन के पहले दिन, शनिवार को सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने नामांकन किया। उनकी ओर से दस-दस की संख्या में कुल ४ सेटों में ४०निर्वाचक सदस्य डा सुलभ के प्रस्तावक बने।डा सुलभ ने…
पटना /साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर नामांकन कल से, डा अनिल सुलभ साढ़े बारह बजे भरेंगे अपना प्रपत्र ,९ अगस्त तक किए जाएँगे नामांकन
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट पटना से ६ अगस्त/ बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन हेतु ७ अगस्त,२०२१ से नामांकन आरंभ हो रहा है। नामांकन-प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि ९ अगस्त,२०२१ निर्धारत है। सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष ७ अगस्त को १२-३०…
पटना /स्वाभिमानी कवि और वलिदानी स्वतंत्रता सेनानी थे महाकवि रामदयाल पाण्डेय जयंती पर कवियों ने दी काव्यांजलि, बाबू गंगा शरण सिंह को भी किया गया श्रद्धापूर्वक स्मरण
पटना, ५ अगस्त। महाकवि रामदयाल पाण्डेय न केवल एक महान स्वतंत्रता-सेनानी, ओज और राष्ट्रीय भाव के यशमान कवि, तेजस्वी पत्रकार और हिन्दी के महान उन्नायकों में से एक थे, बल्कि सिद्धांत और आदर्शों से कभी न समझता करने वाले एक स्वाभिमानी साधु-पुरुष थे। उन्होंने…
पटना डेस्क /खड़ी-बोली हिन्दी के प्रथम महाकवि है मैथिली शरण गुप्त, जयंती पर हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यांजलि
पटना , ३ अगस्त। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा ‘राष्ट्र-कवि’ की उपाधि से विभूषित और भारत सरकार के पद्म-भूषण सम्मान से अलंकृत स्तुत्य कवि मैथिलीशरण गुप्त खड़ी बोली हिन्दी के प्रथम महाकवि है। आधुनिक हिन्दी का रूप गढ़ने में देश के जिं महान…
पटना /बाबू देवकी नंदन खत्री को पढ़ने के लिए अंग्रेज़ों ने हिन्दी सीखी साहित्य सम्मेलन में तेलचित्र का हुआ लोकार्पण, जयंती पर श्रद्धा से स्मरण किए गए राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन
१ अगस्त। रहस्य-रोमांच से भरे अपने तिलिस्मी उपन्यासों से पूरी दुनिया के पाठकों को का हृदय जीत लेने वाले हिन्दी के अद्भुत प्रतिभा के उपन्यासकार बाबू देवकी नंदन खत्री को पढ़ने के लिए अंग्रेज़ों ने ही नहीं, अनेक भाषाओं के विद्वानों ने हिन्दी सीखी। कथा-सम्राट…
पटना /उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद को उनकी जयंती पर उन्हें सादर नमन्-डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष -बिहार हिंदी साहित्य सम्मलेन, पटना
पटना /बिहार हिंदी साहित्य सम्मलेन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा की हिंदी साहित्य के प्रकाशमान नक्षत्र, मानव मन के अद्भुत पारखी, महान रचनाकार, अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करने वाले उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद…
पटना /प्रेमचंद की कहानियाँ भारत के आमजन की कहानियाँ हैं/ जयंती की पूर्व संध्या पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी
पटना, ३० जुलाई। ‘सोजे-वतन’ जैसी उर्दू कहानियों से अपनी साहित्यिक यात्रा आरंभ करने वाले मुंशी प्रेमचंद हिन्दी के कथा-सम्राट के रूप में इसलिए ख्यात हुए कि उन्होंने भारत के लोक-जीवन और उनकी समस्याओं का नब्ज़ पकड़ा था। उनकी कहानियाँ, भारत के…
पटना /’बाबा साहेब आम्बेडकर’ उन पर लिखा गया श्रेष्ठतम महाकाव्य/ साहित्य सम्मेलन में जियालाल आर्य के काव्य-ग्रंथ का हुआ लोकार्पण
पटना, २८ जुलाई। पिछली सदी के महान समाजोद्धारकों में परिगणित बाबा साहेब भीम राव आम्बेडकर पर दशकों से पुस्तकें लिखी जाती रही हैं। गद्य में भी और पद्य में भी। किंतु सुप्रसिद्ध कथाकार और कवि जियालाल आर्य द्वारा विरचित काव्य-ग्रंथ ‘बाबा साहेब…
पटना /साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की प्रक्रिया हुई आरंभ- ७ से ९ अगस्त तक किए जाएँगे नामांकन, मतदान १८ सितम्बर को
कौशलेन्द्र पाराशर -पटना से । कोरोना आपदा के कारण, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन की बाधित प्रक्रिया पुनः आरंभ हो गई है। सम्मेलन के निर्वाचन पदाधिकारी तथा पटना उच्च न्यायालय में अधिवक्ता पण्डित जी पाण्डेय द्वारा जारी अधिसूचना के…
पटना /पर्यावरण-संरक्षण के कार्यों में डा मेहता नगेंद्र का अवदान अत्यंत मूल्यवान, ८१पूर्ति पर साहित्य सम्मेलन ने किया अभिनंदन, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २१ जुलाई। अपने जीवन को किस प्रकार मूल्यवान और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकता है, इसके जीवंत उदाहरण और प्रेरणा-पुरुष थे, साहित्यसेवी जगत नारायण प्रसाद ‘जगतबंधु’। उनका अनुशासित और कल्याणकारी जीवन स्वयं में हीं एक ऐसा ग्रंथ रहा, जिसका अध्ययन…
पटना /साहित्य से ही समाज में मनुष्यता बचेगी: डा अनिल सुलभ, साहित्यिक पत्रिकाओं की रक्षा करे समाज – ‘साहित्य वैभव’ का हुआ लोकार्पण
फतुहा। साहित्य से ही समाज में मनुष्यता बचेगी। इसमें समाज को जोड़ने, सबका हित करने, दुखियों की आँखों के आँसू पोछने तथा युगान्तकारी परिवर्तन की अपार क्षमता होती है। साहित्य को बल साहित्यिक पत्रिकाएँ देती हैं। समाज को चाहिए कि वह साहित्यिक पत्रिकाओं की…