पटना डेस्क /”महाकवि जानकीवल्लभ “और चिंतन-साहित्य में “पं शिवदत्त मिश्र जी” की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गयी गीतांजलि
पटना, ५ फ़रवरी। छायावाद-काल के पाँचवे स्तम्भ के रूप में परिगणित महान साहित्यसेवी आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री गीति-साहित्य के शिखर पूरुष थे। वे संस्कृत और हिन्दी के मूर्द्धन्य विद्वान तो थे हीं साहित्य और संगीत के भी बड़े तपस्वी साधक थे। काव्य-मंचों पर…
पटना ब्यूरो /एक समर्थ कवि भी हैं अखिलेंद्र मिश्र साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘अखिलामृतम’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई काव्य-गोष्ठी
पटना, १ फरवरी। भारतीय सिनेमा के एक बड़े कलाकार ही नहीं, काव्य-कल्पनाओं से समृद्ध एक समर्थ कवि भी हैं अखिलेंद्र मिश्र। इनमे कलाकार की कोमलता, भावुकता, संवेदनशीलता तो है ही, अध्यात्म और दर्शन की प्रज्ञा और प्रौढ़ता भी है, जिन गुणों ने इन्हें शब्दों की…
पटना डेस्क /महाकवि जयशंकर प्रसाद जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि सम्मेलन
पटना, ३० जनवरी। विश्व-विश्रुत महाकाव्य ‘कामायनी’ समेत अनेक अनमोल कृतियाँ देने वाले महाकवि जयशंकर प्रसाद एक युग-प्रवर्त्तक साहित्यकार थे, जिन्होंने एक साथ, कविता, कहानी, उपन्यास और नाट्य साहित्य से हिन्दी साहित्य का भण्डार भरा और उसके गौरव में…
पटना डेस्क /विद्वता के पर्याय थे ‘मुक्त’ जी, कल्याण जी तो साहित्य सारथी ही थे/ दोनों हिन्दी-सेवियों की जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यमय श्रद्धांजलि
पटना, २७ जनवरी। कथा-साहित्य और काव्य-सौष्ठव के लिए विख्यात प्रफुल्ल चंद्र ओझा ‘मुक्त’ अपने समय के एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण साहित्यिक हस्ताक्षर थे। साहित्य की सभी विधाओं में उन्होंने अधिकार पूर्वक लिखा। उनकी भाषा बहुत हीं प्रांजल और मुग्धकारी…
पटना डेस्क /बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य डा अरुण कुमार भगत एवं डा शम्भु शरण सिन्हा को दिया गया स्मृति सम्मान
पटना, २४ जनवरी। स्वामी सहजानंद सरस्वती के यशस्वी शिष्य और स्वतंत्रता सेनानी पं रामनारायण शास्त्री प्राच्य-विद्या के महान अन्वेषक और संरक्षक ही नहीं एक अत्यंत तेजस्वी वक्ता भी थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के कल्याण और भारतीय संस्कृति के संपोषण…
पटना डेस्क /साहित्य सम्मेलन में डा गोपाल प्रसाद ‘निर्दोष’ के काव्य-संग्रह ‘पारस-परस’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २२ जनवरी। रस, छंद और अलंकार कविता का ऋंगार है। इसके अभाव में कविता सुहागिन नहीं लगती। आवश्यक नही है कि यथार्थ लिखने के लिए, यथार्थ जैसी विद्रूप भाषा का प्रयोग हो। कड़वे से कड़वे यथार्थ को मोहक शब्दावली में कहा जा सकता है। इसी संदर्भ में ऊर्दू के एक…
पटना डेस्क / बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में डा. चतुर्भुज से राजा राधिका रमण जी ने यह कहा था, जयंती पर श्रद्धा से स्मरण किए गए महान नाटककार
पटना, १६ जनवरी। “आपको जानते जानते ही लोग जानेंगे, फिर जब जान लेंगे, तो जाने नहीं देंगे।” यह बात हिन्दी के महान शैलीकार राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह ने, डा चतुर्भुज से तब कही थी, जब वो अपनी प्रथम नाट्य-कृति ‘मेघदूत’ उन्हें भेंट करने…
पटना डेस्क /कवि विशुद्धानंद का जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई काव्य-संध्या, कवि जय प्रकाश पुजारी को मिला स्मृति-सम्मान
पटना, १४ जनवरी। ‘एक नदी मेरा जीवन’ लिखने वाले दर्द के कवि पं विशुद्धानंद का संपूर्ण जीवन पर्वत की घाटियों से होकर अनेक वन-प्रांतों और पत्थरीली भूमि से गुजरती बहती नदी सा ही था। संघर्षों और घटनाओं से भरा उनका जीवन उनके मर्म-स्पर्शी गीतों में…
पटना डेस्क /’कोरोनाकालजयी लघु कहानियाँ’ लेखक अमरेन्द्र कुमार के लघु कथा संग्रह का पूर्व उपमुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
पटना, ११ जनवरी। लघु-कथा लेखन में अपना पैर जमा रहे कथाकार अमरेन्द्र कुमार के प्रथम लघुकथा संग्रह ‘कोरोनाकालजयी लघुकहानियाँ’, कथा मात्र नहीं, ‘कोरोना-काल’ का एक संक्षिप्त किंतु जीवंत इतिहास भी है। सभी कथाएँ, सत्य घटनाओं पर आधारित…
पटना डेस्क /११ जनवरी, २०२१ को अपराह्न ३-३० बजे, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, क़दमकुआँ, पटना में। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी करेंगे ‘कोरोनाकालजयी लघुकहानियाँ’ का लोकार्पण-डॉ. अनिल सुलभ
सुपरिचित लेखक श्री अमरेन्द्र कुमार के लघुकथा-संग्रह ‘कोरोनाकालजयी लघुकहानियाँ’ का लोकार्पण, ११ जनवरी, २०२१ को अपराह्न ३-३० बजे, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, क़दमकुआँ, पटना में। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी करेंगे पुस्तक का लोकार्पण…