पटना /डा जगदीश पाण्डेय जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई कविगोष्ठी, पुस्तक का हुआ लोकार्पण
पटना, १६ जुलाई। ‘वह किनारा कर गया तो सब किनारे हो गए / बुझे-बुझे से आसमां के सब सितारे हो गए”— “शमा का अंजाम न पूछ !” —– “फेंकना हो तो फूल फेंको, भूलकर पत्थर नहीं”। इन और ऐसी ही हृदय को छूने वाली पंक्तियों से…
संस्कृत से दूर जाते भारत को देखकर दुखी रहा करते थे पं आद्याचरण झा जयंती पर साहित्य-सम्मेलन ने दी पुष्पांजलि
पटना, ३ जुलाई। संस्कृत से ही भारत अपना पुराना गौरव पा सकता है। संसार के समस्त ज्ञान और विज्ञान का अमर कोश है संस्कृत। राष्ट्रपति सम्मान से विभूषित संस्कृत के महान आचार्य और दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आचार्य आद्याचरण झा का यही मत था।…
पटना /डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर ने साहित्यकारों का इतिहास लिखा, बड़े सर्जन और उससे भी बड़े सर्जक थे डा जितेंद्र सहाय जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दोनों मनीषियों को श्रद्धापूर्वक किया स्मरण, दी काव्यांजलि , बच्चा ठाकुर की पुस्तक का हुआ लोकार्पण
पटना, १ जुलाई। तीन खंडों में बिहार के साहित्याकारों के जीवन और सर्जना पर विस्तारपूर्वक लिखने वाले मनीषी साहित्यकार डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर एक ऐसे निष्ठावान साधक थे, जिन्होंने साहित्य का इतिहास तो नहिनलिखा, किंतु साहित्याकारों का इतिहास अवश्य लिख डाला,…
पटना /हिन्दी और मगही के अत्यंत सुहृद और सुकुमार कवि थे केशव प्रसाद वर्मा निधन पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने शोक प्रकट किया, दी श्रद्धांजलि -अध्यक्षता “सम्मेलन अध्यक्ष “डा अनिल सुलभ ने की
पटना, २८ जून। हिन्दी और मगही के सुप्रतिष्ठ और वरिष्ठ कवि केशव प्रसाद वर्मा, समस्त काव्य-गुणों से युक्त एक अत्यंत सहृद और सुकुमार कवि थे। अपने जीवन के ८५ वर्षों में, पाँच दशक से अधिक का समय उन्होंने साहित्य-साधना को अर्पित किया। हिन्दी और मगही की गोद में…
पटना डेस्क /संगीत सुनकर तेज़ी से बढ़े पेंड,उद्यान हुआ वन में परिवर्तित ‘सांगितिक पावस शिविर’ के समापन पर विद्वानों ने कहा, प्रशिक्षुओं ने दी मोहक प्रस्तुतियाँ
पटना /संगीत का प्रभाव मानव-मन पर ही नहीं, पेंड-पौंधों पर भी गहरे रूप में पड़ता है। संगीत उनके हरे-भरे होने और बढ़ने में किसी औषधि की भाँति काम करते हैं। इसके अनेक उदाहरण सामने आएँ हैं, जिसने दुनिया को चकित कर दिया है। यह बातें बिहार हिन्दी साहित्य…
पटना / अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉक्टर अनिल सुलभ ने कहा की 5000 साल पुरानी है हमारी योग विद्या, प्रधानमंत्री मोदी ने “योग विद्या” को “विश्व पटल “पर स्थापित किया
पटना / सप्तम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉक्टर अनिल सुलभ ने कहा की 5000 साल पुरानी है हमारी योग विद्या. डॉ.सुलभ ने कहा की प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 से तीन साल तक दुनिया ने योग की भव्यता को देखा…
पटना /धार्मिक और वैचारिक स्वतंत्रता के लिए गुरुतेग़ बहादुर सिंह जी का बलिदान अद्वितीय ४००वें जयंती वर्ष पर साहित्य सम्मेलन ने दिया श्रद्धातर्पण, कवियों ने दी काव्यांजलि,
पटना, २० जून। संसार के सभी मनुष्यों को अपना आदर्श, विचार और मत चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। बल पूर्वक किसी व्यक्ति या समाज पर किसी मत या विचार का थोपा जाना अन्याय है और उसे दासता की ओर ले जाने वाला कुत्सित अपराध समझना चाहिए । धार्मिक मान्यताओं और…
पटना /साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित संस्कृत संभाषण शिविर का हुआ समापन, ६ प्रतिभागी हुए पुरस्कृत, जून में आरंभ होगा उच्च संस्कृत संभाषण शिविर
पटना, २८ मई। संस्कृत साहित्य में संसार का समस्त ज्ञान ही नहीं महाविज्ञान भी समाहित ही। वैदिक काल में हमारा ज्ञान अपने सर्वोच्च उत्कर्ष पर था। हम हज़ारों वर्ष पहले जानते थे कि सूर्य अपनी गुरुत्वाकर्षण शक्ति से पृथ्वी समेत अन्य ग्रहों को उसकी परिक्रमा करने…
पटना /अत्यंत प्रतिभाशाली कवि, कलाकार और संचारविद थे पुरुषोत्तम नारायण सिंह / असामयिक निधन से साहित्य और सांस्कृतिक समाज में शोक की लहर,साहित्य सम्मेलन ने गहरा दुःख व्यक्त किया
पटना, १५ मई। दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक और सुप्रसिद्ध कवि कलाकार पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे।मधुबनी ज़िले के राजनगर में पहली जनवरी, १९५८ को जन्मे श्री सिंह ने, ६३ वर्ष की आयु में, हरियाणा के झज्जर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान…
पटना /बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन इसी वर्ष से देगा कवि राज कुमार प्रेमी, डा शांति जैन तथा रवींद्र राजहंस के नाम पर स्मृति-सम्मान सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने गीतकार प्रेमी के श्राद्धोत्सव पर की घोषणा
पटना, १२ मई। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, इसी वर्ष से अपने तीन दिवंगत साहित्यकारों कवि राज कुमार प्रेमी, पद्मश्री डा शांति जैन तथा पद्मश्री डा रवींद्र राजहंस की स्मृति में, मूल्यवान साहित्यसेवा करनेवाले हिन्दी-सेवियों को स्मृति-सम्मान से अलंकृत करेगा।…
पटना/ महाकवि काशीनाथ पाण्डेय स्मृति-दिवस पर आयोजित हुई व्याख्यान प्रतियोगिता, जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा तथा पाटलिपुत्र विश्व विद्यालय में होगा शोध, पाठ्यक्रम में होंग़े शामिल
पटना, १० मई। ‘बयाने-क्रौंच ताईर’ नामक संसार की सबसे लम्बी कविता लिखने वाले हिन्दी के यशमान महाकवि काशीनाथ पाण्डेय के विपुल काव्य-साहित्य पर, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा तथा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में शोध किया जाएगा। दोनों…
पटना /नहीं रहे व्यंग्य के प्रणम्य कवि पद्मश्री डा रवींद्र राजहंस साहित्य जगत में शोक की लहर, अपने शोकोदगार में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा है कि राजहंस जी व्यंग्य-साहित्य के विख्यात कवि थे
पटना, ८ मई। वर्ष १९७४ में, लोकनायक जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक बिहार आंदोलन में नुक्कड़ पर उतरे कवियों में अग्र-पांक्तेय रहे व्यंग्य के यशस्वी कवि पद्मश्री डा रवींद्र राजहंस नहीं रहे। शनिवार के सूर्योदय के बहुत पूर्व ही उनका जीवन-सूर्य…