पटना /हिन्दी के वरिष्ठ ध्वज-वाहक और दरभंगा के सुप्रसिद्ध समाजसेवी बाबू सुरेंद्र यादव नहीं रहे,उनके निधन पर शोक प्रकट करते हुए, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि यादव जी का व्यक्तित्व बहुआयामी और महान था
पटना, ८ मई। हिन्दी के वरिष्ठ ध्वज-वाहक और दरभंगा के सुप्रसिद्ध समाजसेवी बाबू सुरेंद्र यादव नहीं रहे। ७५ वर्ष की आयु में उन्होंने काशी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर सुन्दरलाल अस्पताल में अपनी अंतिम साँस ली। वे अपने कनिष्ठ पुत्र और…
पटना /डा शांति जैन नहीं गई गीति-धारा की एक जीवंत शाखा सुख गई निधन पर साहित्य जगत मर्माहत, साहित्य सम्मेलन में शोक की लहर
पटना, २ मई। अपनी मूल्यवान साहित्यिक सेवाओं के लिए भारत सरकार के पद्म अलंकरण से विभूषित विदुषी कवयित्री डा शांति जैन के निधन से साहित्य जगत को एक कठोर आघात लगा है। संपूर्ण साहित्यिक-समाज मर्माहत है। वस्तुतः शांति जी नहीं गईं, वो तो अपनी रचनाओं में सदा…
पटना ब्यूरो /साहित्य जगत को एक और बड़ा आघात,नहीं रहीं डा शांति जैन ! कल रात्रि निद्रा में ही देह का त्याग कर दिया -डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष -बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन
पटना /साहित्य जगत को एक और बड़ा आघात ! नहीं रहीं डा शांति जैन ! कल रात्रि निद्रा में ही देह का त्याग कर दिया ! पूर्व से ही आघात सह रहे हृदय को एक और बदी चोट लगी ! हमने साहित्य और साहित्य सम्मेलन की एक प्रज्वल प्रतिभा को खो दिया है ! मेरी…
पटना /नहीं रहे गीतों के राजकुमार कवि राजकुमार ‘प्रेमी’ साहित्य-जगत में शोक की लहर, गुल्बीघाट में हुआ अग्नि-संस्कार, बड़े पुत्र चंद्रप्रकाश ने दी मुखाग्नि
पटना /गीतों के राजकुमार थे वो ! हिन्दी भाषा और साहित्य के ही नहीं, साहित्यकारों के भी प्रेमी थे। गीत और गीतकारों के प्रति उनकी श्रद्धा अनन्य थी। साहित्य-सम्मेलन के वे एक सुदृढ़ स्तम्भ थे। उन्हें खोकर आज साहित्य-सम्मेलन उजड़ा हुआ सा अनुभव कर रहा है। उनके…
साहित्य सम्मेलन अपने तीन संरक्षक सदस्यों के असमय निधन से दुखी,सम्मेलन अध्यक्ष के भांजे अनिमेष के निधन पर भी शोक प्रकट किया गया
पटना, २७ अप्रैल । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, अपने अनेक सदस्यों के असामयिक निधन पर शोक-पीड़ित है। विगत एक सप्ताह में सम्मेलन के तीन वरिष्ठ सदस्यों, प्रो अर्जुन तिवारी, प्रो गौरीनाथ राय तथा कवि अजय कुमार सिंह का निधन हो गया है। वे सभी कोरोना से पीड़ित…
पटना /१५-१६ मई को होने वाला साहित्य सम्मेलन का ४२वाँ महाधिवेशन स्थगित नई तिथि की घोषणा बाद में , कोरोना आपदा को ध्यान में रखते हुए कार्यसमिति का निर्णय
पटना, २६ अप्रैल। आगामी १५-१६ मई को होनेवाला, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४२वाँ महाधिवेशन स्थगित कर दिया गया है। नई तिथि की घोषणा १५ मई के बाद कार्यसमिति के निर्णय के आलोक में की जाएगी। भारत में तेज़ी से पैर पसार रहे कोरोना वायरस के प्रकोप को ध्यान…
पटना /नही रहे राष्ट्रीय सद्भावना के महान कवि वाहिद अली ‘वाहिद’, साहित्याकारों के निधन पर साहित्य सम्मेलन दुखी:अध्यक्ष, डा.अनिल सुलभ ने कहा कि वाहिद का बिहार से और साहित्य सम्मेलन से बहुत गहरा संबंध रहा
पटना, २२ अप्रैल। ‘वाहिद’ के घर दीप जले तो मंदिर तक उजियाला जाए/ दोनों तरफ़ लिखा हो ‘भारत’ सिक्का वही उछाला जाए! राष्ट्रीयता और राष्ट्रीय-सद्भावना की इन अमर पंक्तियों के रचनाकार और सद्भाव के लोकप्रिय छंदकार डा वाहिद अली…
काव्य-प्रतिभा से संपन्न एक चिन्तनशील कवि थे घनश्याम निधन से साहित्य समाज में मर्मांतक शोक, साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई शोक-गोष्ठी
पटना, २० अप्रैल। अपने गीत-ग़ज़लों में प्रौढ़ता और गंभीरता के लिए सुख्यात और आदरणीय कवि घनश्याम, काव्य-प्रतिभा से संपन्न एक विनम्र और चिंतनशील कवि थे। उनके आकस्मिक निधन से साहित्य जगत को, विशेषकर हिन्दी-गजलगोई की बड़ी क्षति पहुँची है। विगत कुछ वर्षों में…
पटना ब्यूरो /जीवन से भरी पीयूष-वाहिनी हैं चंद्र प्रकाश माया की ग़ज़ले पाँचवी पुण्य-तिथि पर, साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रकाशित ग़ज़ल-संग्रह ‘अंदाज़ अपना अपना’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १८ अप्रैल। स्मृति-शेष कवि चंद्र प्रकाश माया, मृदुभावों के एक अत्यंत रस-सिक्त और प्रतिभाशाली कवि थे। उनकी ग़ज़लें, उनके गीतों की भाँति ही जीवन से भरी और पीयूष-वाहिनी हैं। उनकी काव्य-रचनाओं का मौलिक-स्वर प्रेम और समर्पण है। उनमे जीवन के प्रति गहरा…
पटना /प्रो.अरुण कुमार और कवि सतीश प्रसाद सिन्हा के निधन पर साहित्य सम्मेलन दुखी साहित्यकारों ने कहा – देश ने दो मूल्यवान हिन्दी-सेवी खो दिया
पटना, १६ अप्रैल। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने, सुप्रसिद्ध गांधीवादी शिक्षाविद और राजनेता प्रो अरुण कुमार तथा सुप्रसिद्ध कवि सतीश प्रसाद सिन्हा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। सम्मेलन सभागार में शुक्रवार को आयोजित शोक-गोष्ठी में साहित्यकारों ने…
कोरोना से बचना है, तो प्रतिदिन पानी का भाप लें ! प्रातः शीघ्र उठें, उगते हुए सूर्य को प्रणाम करें ! उनसे आरोग्य की प्रार्थना करें ! तत्पश्चात् व्यायाम, योग और प्राणायाम करें- डॉक्टर अनिल सुलभ, अध्यक्ष -बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन
कोरोना से बचना है, तो प्रतिदिन पानी का भाप लें ! प्रातः शीघ्र उठें ! उगते हुए सूर्य को प्रणाम करें ! उनसे आरोग्य की प्रार्थना करें ! तत्पश्चात् व्यायाम, योग और प्राणायाम करें ! भोजन-जल शुद्ध और संतुलित लें ! आचरण, विचार और व्यवहार शुद्ध करें ! भारतीय…
पटना ब्यूरो /भविष्य के कंप्यूटर और विज्ञान की भाषा संस्कृत होगी साहित्य सम्मेलन में ‘साप्ताहिक संस्कृत-पाठशाला’ का हुआ आरंभ, जयंती पर गिरिजा वर्णवाल को दी श्रद्धांजलि
पटना, ११ अप्रैल। संस्कृत संसार की श्रेष्ठतम वैज्ञानिक भाषा है। नासा ने भी यह माना है कि कम्प्यूटर की सबसे घनिष्ठ मित्र-भाषा संस्कृत ही है। संस्कृत में भेजे गए अंतरिक्षीय-संदेश भी नहीं बदलते। अन्य भाषाओं में भेजे गए संदेश, उलटी अवस्था में बदल जाते हैं।…