पटना /राजनीति में एक दृढ़ साहित्यिक हस्तक्षेप थे डा शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव की जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धापूर्वक किया स्मरण, दी काव्यांजलि
पटना, २०मार्च । बहुआयामी सारस्वत व्यक्तित्व के धनी थे डा शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव। वे एक महान शिक्षाविद, समर्थ साहित्यकार, लोकप्रिय राजनेता, कला-संस्कृति के महान पोषक एवं अनेक मानवीय गुणों से युक्त साधु-पुरुष थे। ज्ञान-प्रभा से दीप्त उनका मुख-मण्डल सदैव…
पटना /साहित्य सम्मेलन में विदुषी लेखिका शकुंतला अरुण की पुस्तक ‘पिता की जीवन यात्रा’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १६ मार्च। किसी पुत्री के हृदय में उसके पिता का स्थान सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा होता है। एक पुत्री अपने पिता के प्रति जो श्रद्धा रखती है, वह श्रद्धा भी किसी और के प्रति नहीं हो सकती। इसीलिए संकट के समय एक पुत्र जो सेवा नही कर पाता है, वह सेवा प्राण…
पटना /साहित्य सम्मेलन के महाधिवेशन में हरियाणा के राज्यपाल डा बंगारू दत्तात्रेय समेत दक्षिण भारत के अनेक विद्वान लेंगे भाग- देश भर के विद्वान साहित्यकारों का लगेगा महाकुंभ
पटना, १५ मार्च। आगामी २-३ अप्रैल को होनेवाले, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के ४१वें महाधिवेशन में हरियाणा के महामहिम राज्यपाल डा बंगारू दत्तात्रेय समेत दक्षिण और उत्तर पूर्व के भी अनेक विद्वान भाग लेंगे। दोनों दिन देश भर के विद्वानों का महाकुंभ लगेगा।यह…
पटना /साहित्य सम्मेलन में “महाकवि काशीनाथ पाण्डेय” के जयंती पर दी गई गीतांजलि,पुरस्कृत हुए स्मृति व्याख्यान-गायन प्रतियोगिता के प्रतिभागी
पटना, ८ मार्च। महाकवि काशीनाथ पाण्डेय काव्य-साहित्य में अद्भुत प्रयोग-कर्ता और सच्चे अर्थों में ‘अक्षर-पुरुष’ थे। उन्हें अनेक भाषाओं के शब्दों के हीं नही अक्षरों के भी अर्थ ज्ञात थे। अपनी रचनाओं में उन्होंने संस्कृत, हिन्दी, उर्दू, फ़ारसी और…
पटना /साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘नदी की प्रेमकथा’ का हुआ लोकार्पण , आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ६ मार्च। कोमल भावनाओं की चर्चित कवयित्री डा सुमेधा पाठक एक संवेदनशील और समाज के प्रति चैतन्य एक विदुषी साहित्यकार हैं, जिनके काव्य में प्रकृति, प्रेम और जीवन के प्रति मंजुल राग की रस-धार प्रवाहित होती रहती है। उनकी काव्य-कल्पनाओं में, प्रकृति का…
पटना /”डा रवींद्र राजहंस “की ८३वीं जयंती पर साहित्य सेवियों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
पटना, २ मार्च। अंग्रेज़ी के प्राध्यापक और हिन्दी के कवि पद्मश्री डा रवींद्र राजहंस हास्य और व्यंग्य के अत्यंत समर्थ और संवेदनशील कवि थे। वे आज भी हमारे दिलों में ज़िंदा हैं, क्योंकि एक कवि कभी नहीं मरता। वे सम्मोहित करनेवाली कटाक्ष कला से संपन्न एक सिद्ध…
पटना /साहित्य सम्मेलन में कवि के तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण , आयोजित हुई काव्य-गोष्ठी
पटना, २४ फरवरी। अपनी ओजस्वी वाणी और लेखनी से श्रोताओं का हृदय हर लेनेवाले मनस्वी साहित्यकार कमला प्रसाद खरी-खरी कहने वाले सच्चे और अच्छे कवि हैं। पत्थर होते इस समय में, कवि का मन अब भी कोमलकांत है और आज भी कविता बची हुई है, जीवित है और मरुथल में अमृत-जल…
पटना /डा शिववंश पाण्डेय ९० पूर्ति पर हुआ अभिनन्दन और चार पुस्तकों का लोकार्पण-पूनम आनंद की पुस्तक ‘ये नन्हें परिंदें’ का भी हुआ लोकार्पण, दी गई ‘विद्या वारिधि’ की उपाधि
पटना, २१ फरवरी। डा रंगी प्रसाद ‘रंगम’ एक सुख्यात रेडियोलौजिस्ट थे और बिहार में उन्हें कैंसर चिकित्सा के प्रणेता के रूप में स्मरण किया जाता है। एक चिकित्सक होने के साथ ही वे एक प्रतिभाशाली साहित्यकार भी थे। उन्होंने चिकित्सा-विज्ञान समेत…
शिवहर के दो विद्वानों का होगा सम्मान, ज़िले के १० प्रतिनिधि होंगे शामिल-२-३ अप्रैल को होगा बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४१वाँ महाधिवेशन
सुरभि की रिपोर्ट शिवहर से । आगामी २-३ अप्रैल को होनेवाले, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४१वाँ महाधिवेशन भव्य रूप में संपन्न होगा। दो दिवसीय यह महाधिवेशन भारत की स्वतंत्रता के ७५वें वर्ष और महान कथाकार फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ के जन्मशताब्दी को…
पटना /आलोचना-साहित्य के शिखर-पुरुष थे आचर्य नलिन विलोचन शर्मा, जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी, दी गई काव्यांजलि
पटना, १८ फरवरी। हिन्दी साहित्य में अत्यंत मूल्यवान अवदान देनेवाले तथा काव्य में प्रपद्य-वाद के प्रवर्त्तक आचार्य नलिन विलोचन शर्मा आलोचना-साहित्य के शिखर-पुरुष थे। वे अद्भुत प्रतिभा के धनी समालोचक और प्रयोग धर्मी थे। वे न होते तो संभवतः श्रेष्ठ आँचलिक…
पटना /उप मुख्यमंत्री रेणु देवी की मौजूदगी में सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ की पुस्तक ‘हिन्दी के प्रणम्य पुरुष’ का हुआ लोकार्पण, सम्मेलन की सर्वोच्च उपाधि ‘विद्या वाचस्पति’ से विभूषित हुये पूर्व सांसद रवींद्र किशोर सिन्हा
पटना, १२ फरवरी। हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन में बिहार के मनीषी साहित्यकारों का योगदान अपूर्व है। किंतु साहित्य के इतिहास में इसे अपेक्षित स्थान नहीं मिला। अनेकों महान साहित्यकार आलोचकों की दृष्टि से, और इस प्रकार पाठकों की दृष्टि से अलक्षित रह गए।…
पटना /सुप्रसिद्ध लेखक डा शशि भूषण सिंह की पुस्तक ‘बिहार की गौरव गाथा’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ९ फरवरी। भारत की गौरव-गाथा में बिहार का श्रेष्ठतम स्थान है। सुप्रतिष्ठ लेखक डा शशि भूषण सिंह ने अपनी पुस्तक ‘बिहार की गौरव गाथा’ में बिहार की महिमा को व्यापक रूप में प्रकाशवान किया है। लेखक ने गहन श्रम कर, भारत के इतिहास में बिहार के…