पटना /संसार के अद्वितीय यायावर-साहित्यकार थे महापंडित राहुल सांकृत्यान साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई जयंती, पं राम दहिन मिश्र को भी किया गया श्रद्धा से स्मरण
पटना, ९ अप्रैल । अदम्य जिज्ञासु थे महान यायावर साहित्यकार महापंडित राहुल सांकृत्यान। जगत और जगदीश को जानने की उनकी अकुलाहट बहुत बड़ी थी। वे संसार के सभी निगूढ़ रहस्यों को शीघ्र जान लेना चाहते थे। यही अकुँठ जिज्ञासा उन्हें जीवन-पर्यन्त वेचैन और विचलित किए…
पटना /बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, कदमकुआँ, पटना में, आगामी रविवार (११ अप्रैल,२०२१) से प्रत्येक रविवार की संध्या ४ बजे से दो घंटे की संस्कृत-पाठशाला आरंभ की जा रही है, जिसमें संस्कृत बोलने की शिक्षा दी जाएगी-डॉ. अनिल सुलभ
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, कदमकुआँ, पटना में, आगामी रविवार (११ अप्रैल,२०२१) से प्रत्येक रविवार की संध्या ४ बजे से दो घंटे की संस्कृत-पाठशाला आरंभ की जा रही है, जिसमें संस्कृत बोलने की शिक्षा दी जाएगी । ऐसी दस कक्षाओं की शिक्षा से, संस्कृत बोलने में…
पटना ब्यूरो /साहित्य सम्मेलन में प्रो केसरी कुमार तथा प्रो मुरलीधर श्रीवास्तव ‘शेखर’ की मनायी गई जयंती, दी गई काव्यांजलि
पटना, ३१ मार्च। हिन्दी भाषा और साहित्य को महनीय अवदान देने वाले आलोचना-साहित्य के मर्मज्ञ विद्वान प्रो केसरी कुमार काव्य में में प्रयोगवादी विचारों के पोषक थे। अद्भुत प्रतिभा के विद्वान आचार्य नलिन विलोचन शर्मा, केसरी जी तथा श्री नरेश ने एक नए प्रयोगवाद…
पटना /वरिष्ठ कवयित्री डा सुभद्रा वीरेंद्र की पुस्तक ‘भारतीय संगीत : कल,आज और कल का हुआ लोकार्पण , जयंती पर, साहित्य सम्मेलन में महीयसी महादेवी वर्मा को दी गई काव्यांजलि
संजय राय की रिपोर्ट/ भारतीय संगीत विश्व को दिया गया भारत के महान संगीतर्षियों का सबसे बड़ा अवदान है। भारत अपनी जिन महान उपलब्धियों पर गर्व करता है, उनमे भारतीय संगीत श्रेष्ठतम है। यदि संगीत न होता, तो हम अपना वैदिक साहित्य को भी जीवित नही रख पाते। हमारा…
पटना ब्यूरो /मानव मन पर संगीत का औषधीय प्रभाव, असाध्य रोग तक होते हैं दूर,विश्व रंग मंच दिवस पर, नटराज कला मंदिर द्वारा साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी
निखिल दुबे की रिपोर्ट /निखिल ब्रह्मांड सूक्ष्म रूप में संगीत ही है। ब्रह्मांड की समस्त बस्तुएँ सूक्ष्म रूप में ऊर्जा और स्पंदन है, जिनसे निरंतर एक संगीतात्मक ध्वनि सृजित होती रहती है। अस्तु संगीत का हर एक पदार्थ पर प्रभाव पड़ता है। मानव-मन पर इसका अत्यंत…
पटना ब्यूरो /राजनीति में एक सुदृढ़ साहित्यिक हस्तक्षेप थे डा शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव-सम्मेलन अध्यक्ष, डा अनिल सुलभ
प्रियंका भारद्वाज की रिपोर्ट /राजनीति में एक सुदृढ़ साहित्यिक हस्तक्षेप थे डा शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव,जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई कवि गोष्ठी, कवि घनश्याम को दिया गया स्मृति-सम्मान. बहुआयामी सारस्वत व्यक्तित्व के धनी थे डा शैलेंद्र नाथ…
पटना /वरिष्ठ हास्य-कवि विश्वनाथ वर्मा का निधन / साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने गहरा दुःख व्यक्त किया
वरिष्ठ हास्य-कवि विश्वनाथ वर्मा का निधन / साहित्य सम्मेलन ने दुःख व्यक्त किया ।अपनी चुटीली हास्य कविताओं से काव्य-मंचों पर पर्याप्त यश प्राप्त कर चुके वरिष्ठ हास्य कवि विश्वनाथ वर्मा नहीं रहे। सोमवार की सुबह उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर अपनी अंतिम…
पटना ब्यूरो /स्त्री-पुरुष चने के दो भाग की तरह, संयुक्त होकर ही सृजन करने में सक्षम-डॉ. अनिल सुलभ/साहित्य सम्मेलन में पुस्तक ‘वैदिक कालीन विदुषी नारियाँ’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ६ मार्च। स्त्री-पुरुष चने की दाल के दो भाग की तरह हैं। एक समान । दोनों जब संयुक्त होते हैं तो सृजन करने में समर्थ होते हैं। पृथक होकर निरर्थक और अस्तित्व-विहीन हो जाते हैं। जिस समाज में स्त्रियों का स्थान ऊँचा होता है, वह समाज प्रगति के शिखर पर…
पटना / बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने आयोजित किया अंतर्राष्ट्रीय वेब कवि-सम्मेलन, डॉ अनिल सुलभ ने दी जानकारी
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने आयोजित किया अंतर्राष्ट्रीय वेब कवि-सम्मेलन.बिहार की गौरवशाली राजधानी पाटलिपुत्र की पावन धरती से उठी हिन्दी की पुकार पर सात समंदर पार तक हलचल मची और राष्ट्रभाषा प्रेम तथा देश भक्ति की ऊँची-ऊँची लहरें आसमान छूने लग पड़ीं।…
पटना ब्यूरो /संसार का सारा विष पी कर भी अमृत की रस-गंगा बहाते रहे निराला जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना,१६ फरबरी। हिन्दी काव्य में छायाबाद काल के स्तुत्य स्तम्भ महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का सम्पूर्ण व्यक्तित्व ‘निराला’ था। अपने समय के वे एक ऐसे कवि थे जिन्होंने जीवन-पर्यन्त संसार का विष पीते रहे, पर विष का वमन नहीं किया, अपितु…
पटना ब्यूरो /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ वसंतोत्सव कवयित्री सम्मेलन, कवयित्री किरण सिंह का हुआ सम्मान , आयोजित हुई काव्य-कार्यशाला
पटना, ७ फरवरी। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन आज एक नए रंग में दिखा। वासंती रंगों में सजी-धजी दर्जनों कवयित्रियाँ रस, रंग और छंद में डूबी हुई, सम्मेलन में रस-पीयूष की बरसा करती रही। अवसर था वसंतोत्सव कवयित्री सम्मेलन का। सम्मेलन की उपाध्यक्ष डा मधु वर्मा…
पटना डेस्क /विश्व में हिन्दी का हो रहा है तीव्र विस्तार, भारत में ही चिंता ‘विश्व हिन्दी दिवस’ पर हिन्दी को ‘देश की राष्ट्रभाषा’ घोषित करने की उठी मांग, सम्मानित हुए २२ हिन्दी-सेवी, मार्कण्डेय शारदेय तथा डा रीता सिंह की पुस्तकों एवं साहित्य सम्मेलन के वार्षिक दिन-पत्री का हुआ लोकार्पण
पटना, १० जनवरी। समग्र विश्व में हिन्दी भाषा और साहित्य का तीव्र विकास हो रहा है। संसार के १५० देशों के २०० से अधिक विश्व विद्यालयों में हिन्दी की विधिवत शिक्षा दी जा रही है। अकेले अमेरिका में ४७ विश्वविद्यालयों में हिन्दी विभाग हैं। अरब अमिरात में हिन्दी…