जियालाल आर्य की कहानियाँ मन को कुरेदती और गुदगुदाती भी है साहित्य सम्मेलन में कहानी संग्रह ‘नदी रुकती नहीं’ का हुआ लोकार्पण, हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, 29 सितम्बर। वरिष्ठ लेखक जियालाल आर्य की कहानियाँ मन को कुरेदती और गुदगुदाती भी है। क़िस्सा-गोई में एक विशेष स्थान बना चुके आर्य जी पाठकों पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं। पढ़ना आरंभ कर चुके पाठक को ये अंत तक पढ़ने के लिए विवश करते हैं। एक सफल कहानी की…
CIN /समर शेष है, नही पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा, परिस्थितियाँ वही, ‘दिनकर’, आज और भी प्रासंगिक, जयंती पर सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २३ सितम्बर। ‘ढीली करो धनुष की डोरी/ तरकश का कस खोलो/ किसने कहा, युद्ध की वेला चली गई, शांति से बोलो? किसने कहा,और मत वेधो हृदय वह्नि के शर से/ भरो भुवन का अंग कुंकुम से, कुसुम से, केसर से? कुंकुम लेपूँ किसे, सुनाऊँ किसको कोमल गान? तड़प रहा…
पटना /१०६ठे स्थापना दिवस समारोह के साथ आगामी १९-२० अक्टूबर को आयोजित होगा साहित्य सम्मेलन का दो दिवसीय ४३वाँ महाधिवेशन
पटना, २२ सितम्बर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४३वाँ महाधिवेशन आगामी १९-२० अक्टूबर को, सम्मेलन के १०६ठे स्थापना दिवस समारोह के साथ आहूत होगा। दो दिवसीय इस महाधिवेशन के चिंतन का मुख्य विषय “भारत की राष्ट्रभाषा और अन्य भाषाओं पर उसका…
CIN /हिन्दी दिवस पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह, हिन्दी है भारत की भाषा शीघ्र ही हर जिह्वा पर होगी : नंद किशोर यादव
पटना, १४ सितम्बर। हिन्दी भारत की सबसे लोकप्रिय भाषा है। वह दिन दूर नहीं जब यह अपनी वैज्ञानिकता और सरसता के कारण भारत के प्रत्येक व्यक्ति की जिह्वा पर होगी। हिन्दी हमारे देश की शान और पहसचान है। यह कोई भाषा नहीं एक भाव है। यह हमारी एकता की सूत्र है। यह…
CIN /हिन्दी-पखवारा के १३वें दिन साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई विद्यार्थियों के लिए कथा-लेखन-प्रतियोगिता
पटना, १३ सितम्बर। कथा-लेखन से विद्यार्थियों में कल्पना-शक्ति और सृजन-शीलता का विकास होता है। रचनात्मक-प्रतिभा के विकास में इसका अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान है। प्रत्येक विद्यार्थी को कथा-लेखन में रूचि रखनी चाहिए। इससे आंतरिक-प्रतिभा निखरती है। भाषा शुद्ध…
पटना /काव्य-पाठ-प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पढ़ी एक से बढ़कर एक कविताएँ,पुस्तक मेले में की साहित्यिक पुस्तकों की ख़रीद, दिया परिपक्वता का परिचय
पटना, १२ सितम्बर । हिन्दी पखवारा के अंतर्गत, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लगाए गए ‘पुस्तक-चौदस-मेला’ के १२वें दिन, गुरुवार को छात्र-छात्राओं के लिए ‘काव्य-पाठ-प्रतियोगिता’ आयोजित की गयी। विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-कवियों…
पटना /साहित्य सम्मेलन में युवा कवि सूर्य प्रकाश उपाध्याय के दो भोजपुरी काव्य-संग्रहों ‘गीत कवन गाईं हम’ तथा ‘मन पुरवा पछेया’ का हुआ लोकार्पण, दी गई काव्यांजलि
पटना, ११ सितम्बर। ‘शब्द’ के अत्यंत विनम्र और सिद्ध साधक थे महाकवि केदारनाथ मिश्र ‘प्रभात’। एक एक शब्द को तौल कर प्रयोग करते थे। शब्दों के नगीने तराश कर वे अपने काव्य में पिरोते थे। उनके काव्य से शब्द के एक मोती को भी हटाया नहीं जा…
पटना /’शैली-सम्राट’ की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, १० सितम्बर । हिन्दी के कथा-साहित्य में मुंशी प्रेमचंद्र को ‘उपन्यास-सम्राट’ या ‘कथा-सम्राट’ की उपाधि से विभूषित किया जाता है। किंतु हिन्दी के जिस कथाकार को ‘शैली-सम्राट’ कहा जाता है, वे हैं बिहार के महान…
CIN /केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने साहित्य सम्मेलन में आयोजित कवयित्री-सम्मेलन में कहा,देश को एक सूत्र में बांधने के लिए एक संपर्क भाषा आवश्यक
पटना, ८ सितम्बर । संपूर्ण देश को एक सूत्र में जोड़ने और परस्पर सौहार्द बढ़ाने के लिए एक संपर्क-भाषा का होना आवश्यक है। उत्तर-दक्षिण का भेद मिटाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। भारत की एक राष्ट्रभाषा हो, इसके लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का प्रयास…
CIN /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई काव्य-कार्यशाला, नवोदित कवियों के साथ बुज़ुर्गों ने भी सीखी कविताई
पटना,७ सितम्बर। छंद से कविता को गेयता प्राप्त होती है। गेय रचनाएँ श्रोताओं और पाठकों के कंठ से होकर हृदय में उतरती और स्थायी स्थान बना लेती है। ऐसी ही छंदोबद्ध कविताएँ दीर्घ-जीवी होती हैं और कवि अथवा कवयित्री को आयुर्मान बनाती हैं। तुलसी, सूर, कबीर,मीरा,…
CIN /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई ‘कथा-कार्यशाला ‘, शिल्प, भाषा, कथा-विधान पर हुई चर्चा
पटना, ६ सितम्बर। हर एक लेखक, पत्रकार और वक्ता-व्याख्याता को अवश्य ही ‘शब्द-साधना’ करनी चाहिए। ‘शब्द-साधना’ से तात्पर्य यह है कि वह, प्रयोग में आने वाले प्रत्येक शब्द का, उसके लिंग सहित अर्थ जाने और अपना शब्द-सामर्थ्य बढ़ाए। एक…
CIN /पुस्तक चौदस मेला में विद्यार्थियों की बढ़ी भींड़, आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता
पटना, 5सितम्बर। विगत 1 सितम्बर से बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लगे पुस्तक-चौदस-मेला के पाँचवे दिन गुरुवार को विद्यार्थियों की भींड़ रही। ये विद्यार्थी अपने शिक्षकों के साथ ‘निबंध-लेखन प्रतियोगिता’ में भाग लेने आए…