गया जी’ के लिए धन्यवाद, पर पटना को पाटलिपुत्र कब करेंगे मुख्यमंत्री जी! पाटलिपुत्र जागरण अभियान समिति के अध्यक्ष ने पूछा प्रश्न
पटना ब्यूरो, १७ मई। विश्व के प्राचीन नगरों में से एक ‘गया’ का नाम परिवर्तित कर ‘गया जी’ करने के लिए आप बधाई और धन्यवाद के पात्र हैं। इससे गया और बिहार के नागरिकों को अवश्य ही गौरव और परितोष की अनुभूति हुई है। पर बिहार की राजधानी…
CIN /साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने छठ की दी शुभकामनाएँ , कहा संसार का अद्वितीय गर्व
पटना, १८ नवम्बर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने सभी व्रतियों को प्रणाम निवेदित करते हुए, समस्त देशवासियों को लोक-आस्था के महापर्व छठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दी है । अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि पंडित-पुरोहित के विना ही अत्यंत…
पटना /संस्कृति के अमर गायक थे महाकवि पोद्दार रामावतार अरुण, गोपी वल्लभ को सुनना एक उपलब्धि थी, जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दोनों काव्य-विभूतियों को दी श्रद्धापूर्ण काव्यांजलि
पटना, २४ नवम्बर। “क्या हमारे बाद होगा हम न जाने/ ज़िंदगी को हम मधुर वरदान माने/ आज हम तुम हैं, न जाने कल कहाँ होंगे/ आज के इतिहास को रंगीन होने दो!”, इन पंक्तियों से वर्तमान का मधुर आह्वान करने वाले महाकवि पोद्दार रामावतार ‘अरुण’, जिन्होंने…
दिल्ली ब्यूरो /पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रघुनाथ झा के नाती “अनिमेष झा ” नोएडा में कोरोनावायरस से मरे, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने गहरा दुख जताया
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट /बिहार के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा परिवार में शोक की लहर. डॉक्टर अनिल सुलभ से प्राप्त जानकारी के अनुसार , उन्होंने कहा मेरा भांजा नोएडा में रहता था. बहुत नेक दिल इंसान था. कोरोनावायरस के कारण काल के…
पटना ब्यूरो /नई दिशा परिवार ने “लाडो वाणी पटेल” सहित कई कलाकारों को किया सम्मानित,बिहार सरकार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव,पटना की मेयर सीता साहू और डॉ.अनिल सुलभ रहें उपस्थित
“नई दिशा परिवार “ने लाडो वाणी पटेल सहित कई कलाकारों को किया सम्मानित- नई दिशा परिवार के 25वॉ वर्षगाँठ का आयोजन स्थानीय गिरिराज उत्सव पैलेस में किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन बिहार सरकार के पूर्व पथनिर्माण मंत्री नंद किशोर यादव,और पटना की मेयर…
पटना /गोवा की राज्यपाल रही राज्यपाल मृदुला जी के निधन से वही मर्मांतक शोक जो महादेवी के खोने से हुआ था साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई शोक-सभा
पटना, १९ नवम्बर। देश की महान विदुषी और गोवा की पूर्व राज्यपाल डा मृदुला सिन्हा के निधन से साहित्य-समाज में वही मर्मांतक शोक है,जो कभी छायावाद की प्रमुख स्तम्भ महीयसी महादेवी वर्मा के खोने से हुआ था। महादेवी की तुलना में मृदुला जी के व्यक्तित्व के वृहत्तर…
पटना /साहित्य के पर्यायवाची शब्द थे आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव पुण्य-स्मृति दिवस पर साहित्य सम्मेलन में दी गई श्रद्धांजलि
पटना, १२ नवम्बर। साहित्य के पर्यायवाची शब्द थे, आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव। उनके संपूर्ण व्यक्तित्व से ‘साहित्य’ टपकता था। भारतीय वांगमय में,साहित्यकार को लेकर एक अनूठी कल्पना है, कि कोई साहित्यकार चले, तो लगे कि ‘साहित्य’ चल रहा है,…
पटना /डा रचना चौहान को दिया गया स्मृति-सम्मान, ‘नया भाषा भारती संवाद’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ८ नवम्बर। अत्यंत प्रतिभा-संपन्न और विदुषी साहित्यकार थीं गिरिजा बरनवाल महाकवि हज़ारी प्रसाद द्विवेदी, आचार्य विश्वनाथ मिश्र और डा नामवर सिंह जैसे महान साहित्यकारों और आचार्यों की छात्रा रहीं श्रीमती बरनवाल, एक पीयूष-वाहिका कवयित्री थीं। बनारस हिंदू…
पटना /जयंती पर डा उमा शंकर सिंह तथा डा मिथिलेश चंद्र मुकुल को दिया गया स्मृति-सम्मान, दी गई काव्यांजलि
जयंती पर डा उमा शंकर सिंह तथा डा मिथिलेश चंद्र मुकुल को दिया गया स्मृति-सम्मान, दी गई काव्यांजलि पटना। स्मृतिशेष कवि डा सीताराम ‘दीन’ संतकवि सद्ग़ुरु कबीर की परंपरा के अत्यंत मूल्यवान और मनीषी कवि थे। वे कबीर साहित्य के विद्वान मर्मज्ञ और बड़े अध्येता…
पटना /एक ‘बटोहिया-गीत’ ने बाबू रघुवीर नारायण को साहित्य-संसार में अमर कर दिया १३७ वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यांजलि, डा राकेश कुमार कश्यप को दिया आया स्मृति-सम्मान
पटना, ३० अक्टूबर। “सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसबा से मोरे प्राण बसे हिम खोह रे बटोहिया” जैसी प्राण-प्रवाही और मर्म-स्पर्शी रचना के अमर रचयिता बाबू रघुवीर नारायण भोजपुरी और हिंदी के महान कवि हीं नहीं एक वलिदानी देश-भक्त और स्वतंत्रता सेनानी…
पटना -स्मृति-दिवस (२० अक्तूबर) पर विशेष ब्रजनंदन सहाय ‘ब्रजवल्लभ’: जिन्होंने आधुनिक हिन्दी को प्रथम मौलिक उपन्यास दिया/ डा अनिल सुलभ
स्मृति-दिवस (२० अक्तूबर) पर विशेष ब्रजनंदन सहाय ‘ब्रजवल्लभ’: जिन्होंने आधुनिक हिन्दी को प्रथम मौलिक उपन्यास दिया.आधुनिक हिन्दी को प्रथम मौलिक उपन्यास (सौंदर्योपासक) प्रदान करने वाले महान हिन्दी-सेवी श्री ब्रजनंदन सहाय ‘ब्रजवल्लभ’,…
पटना /हिन्दी भाषा के महान उन्नायक और साहित्यर्षि थे आचार्य शिवपूजन सहाय जयंती पर साहित्य सम्मेलन में डॉ. अनिल सुलभ के द्वारा दी गई पुष्पांजलि
पटना, ९ अगस्त। हिन्दी भाषा और साहित्य के महान उन्नायक आचार्य शिवपूजन सहाय एक साहित्यर्षि और बिहार के साहित्यिक गौरव थे। उनकी सरलता और विद्वता दिव्य थी। वे अपने जीवन-काल में ही साहित्य के जीवित ज्ञान-कोश माने जाते थे। उनकी संपादन-कला अद्भुत थी। उन्हें…