पटना /भारत मौरिशस मैत्री संघ के पुनः अध्यक्ष निर्वाचित हुए डा अनिल सुलभ- नयी कार्य समिति के गठन हेतु किए गए अधिकृत
पटना ब्यूरो , २२ दिसम्बर । मौरिशस सरकार द्वारा गठित भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन की अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा सरिता बुधु की उपस्थिति में, गुरुवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में सपन्न हुई भारत मौरिशस मैत्री संघ की आमसभा में संघ के अध्यक्ष डा…
पटना /साहित्य में अभिरूचि रखने वाले वैज्ञानिक हिन्दी में पाठ्य-पुस्तकों की रचना करें:डा सुलभ,सुप्रसिद्ध चिकित्सक डा क्रांति चन्दन जयकर की पुस्तक ‘मेरे दिवस गीत एवं आलेख’ का हुआ लोकार्पण
पटना, २७ अगस्त। हिन्दी भाषा और साहित्य में अभिरूचि रखने वाले सभी प्रकार के तकनीकी विशेषज्ञों को चाहिए कि वे अपने विषय के अंग्रेज़ी में प्रकाशित पाठ्य-पुस्तकों को व्यावहारिक हिन्दी में अनुवाद करें। संभव हो तो हिन्दी में ही मौलिक पुस्तकों की रचना हो। इससे…
पटना /डा अनिल सुलभ पुनः बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष चुने गए / साहित्यकारों ने दी बधाइयाँ, अंग-वस्त्रम, पुष्प-गुच्छ और पगड़ी पहनाकर किया अभिनन्दन
पटना, १२ अगस्त। देश की गौरवशाली संस्थाओं में से एक बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर एक बार फिर से डा अनिल सुलभ को प्रतिष्ठित किया गया है। आज तीसरे पहर तीन बजे, सम्मेलन के निर्वाचन पदाधिकारी और पटना उच्च न्यायालय के विद्वान अधिवक्ता पण्डित जी…
पटना /हिंदी साहित्य के देश के बड़े विद्वान अनिल सुलभ का बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का पुनः” निर्विरोध अध्यक्ष” चुने गये, “कंट्री इनसाइड न्यूज़ ग्रुप “की तरफ से हार्दिक बधाई
पटना /हिंदी साहित्य के देश के बड़े विद्वान अनिल सुलभ का बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का पुनः निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये. कंट्री इनसाइड न्यूज़ के प्रबंध संपादक कौशलेंद्र पाराशर ने दी बधाई. इसकी औपचारिक घोषणा आज क़र दी गई . निर्वाचन पदाधिकारी हाईकोर्ट पटना…
पटना /”बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन” के “अध्यक्ष” पद के लीये नामांकन के अंतिम दिन ५ सेटों में पचास प्रस्तावकों के साथ डा. अनिल सुलभ ने नामांकन-प्रपत्र भरा
पटना, ९ अगस्त। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन हेतु, नामांकन के अंतिम दिन, सोमवार को सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने पाँच सेटों में पचास निर्वाचक-प्रस्तावकों के साथ , निर्वाचन पदाधिकारी पण्डित जी पाण्डेय और उनके सहायक…
पटना /साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर नामांकन कल से, डा अनिल सुलभ साढ़े बारह बजे भरेंगे अपना प्रपत्र ,९ अगस्त तक किए जाएँगे नामांकन
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट पटना से ६ अगस्त/ बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्वाचन हेतु ७ अगस्त,२०२१ से नामांकन आरंभ हो रहा है। नामांकन-प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि ९ अगस्त,२०२१ निर्धारत है। सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष ७ अगस्त को १२-३०…
पटना /डॉ. अनिल सुलभ ने किया मुख्यमंत्री नीतीश के बयान का समर्थन, जनसंख्या कठोर नीति से नहीं वर्तमान समय में शिक्षा से जागरूक करने की जरूरत
पटना / बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और बिहार के बड़े शिक्षाविद डॉक्टर अनिल सुलभ ने जनसंख्या के कठोर नीति पर कहा की शिक्षा से लोगों में जागरूकता आ रही है। इससे प्रजनन दर में कमी आई है। जनसंख्या नीति पर कठोर कानून की जरूरत नहीं, शिक्षा से…
पटना /साहित्य से ही समाज में मनुष्यता बचेगी: डा अनिल सुलभ, साहित्यिक पत्रिकाओं की रक्षा करे समाज – ‘साहित्य वैभव’ का हुआ लोकार्पण
फतुहा। साहित्य से ही समाज में मनुष्यता बचेगी। इसमें समाज को जोड़ने, सबका हित करने, दुखियों की आँखों के आँसू पोछने तथा युगान्तकारी परिवर्तन की अपार क्षमता होती है। साहित्य को बल साहित्यिक पत्रिकाएँ देती हैं। समाज को चाहिए कि वह साहित्यिक पत्रिकाओं की…
CIN ब्यूरो /मेरा गाँव – ‘अम्बा ओझा टोला’= होली के रंग में यों पड़ा भंग ! तरुणाई की होली का एक रोचक-रोमांचक संस्मरण-डॉ. अनिल सुलभ
होली के रंग में यों पड़ा भंग !तरुणाई की होली का एक रोचक-रोमांचक संस्मरण !यों तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का जो सबसे आनंदप्रद भाग होता है, वह है बचपन का/ तरुणाई का/ कैशोर्य का। समस्त चिंताओं से मुक्त,जीवन का एक ऐसा अंश, जिसमें सर्वत्र उत्साह और आनंद ही…
पटना ब्यूरो /मानव मन पर संगीत का औषधीय प्रभाव, असाध्य रोग तक होते हैं दूर,विश्व रंग मंच दिवस पर, नटराज कला मंदिर द्वारा साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी
निखिल दुबे की रिपोर्ट /निखिल ब्रह्मांड सूक्ष्म रूप में संगीत ही है। ब्रह्मांड की समस्त बस्तुएँ सूक्ष्म रूप में ऊर्जा और स्पंदन है, जिनसे निरंतर एक संगीतात्मक ध्वनि सृजित होती रहती है। अस्तु संगीत का हर एक पदार्थ पर प्रभाव पड़ता है। मानव-मन पर इसका अत्यंत…
CIN ब्यूरो /धूमधाम से मना रहा हैँ बिहार अपना” बिहार दिवस” उन महापुरुषों को श्रद्धा-तर्पण देते हुए, आप सबको बधाई देता हूँ! उन महापुरुषों को भी नमन करता हूँ, जिनके त्याग-बलिदान और समर्पण से बिहार का गौरव-पताका सम्पूर्ण भारत में ही नहीं संसार में लहराया-डॉ. अनिल सुलभ
आज बिहार दिवस है ! आज के ही दिन वर्ष १९१२ में बंगाल से अलग कर बिहार का निर्माण किया गया था। भारत के मानचित्र बदलने वाली इस ऐतिहासिक घटना के पीछे घटित हुई महान संघर्ष कथा और उसके महानायकों को हम भूलते जा रहे हैं, जिनके अथक अविराम संघर्ष ने अंग्रेज़ी-सत्ता…
पटना ब्यूरो /हर अवस्था ( माता, पत्नी और कन्या ) में मातृ-स्वरूपा नारी-शक्ति को नमन है : डा अनिल सुलभ, अध्यक्ष -बिहार हिन्दी साहित्य सम्मलेन
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट /विधाता ब्रह्मा ने अपनी सुख-निद्रा में जो साँसें छोड़ीं उनसे नारी की उत्पत्ति हुई है ! यदि संसार में विधाता की यह कृति न होती, तो संसार में होता ही क्या? संसार को अपनी जिस रम्य और वंद्य ईश्वरीय उपहार पर गौरव करना चाहिए, उसकी…