पटना /साहित्य सम्मेलन में आलोचना पुस्तक ‘हिन्दी साहित्य और लोक-चेतना’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १८ अगस्त। मधेपुरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और विद्वान समालोचक प्रो अमरनाथ सिन्हा हिन्दी के एक ऐसे मनीषी आचार्य हैं, जिनके साहित्य में, शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त सामग्री मिल जाती है। प्रो सिन्हा अपने साहित्यिक दायित्व के प्रति…
पटना /सुभद्रा कुमारी चौहान की जयंती पर लेखिका ज्योति झा की विशेष पुस्तक ‘वियोंड स्पेक्ट्रम’ के आवरण का हुआ लोकार्पण
पटना, १६ अगस्त। “बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सूनी कहानी थी/ ख़ूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी!” इन पंक्तियों से देश के मानस को झकझोर देने वाली कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान राष्ट्रभक्ति का गान गाने वाली एक तेजस्विनी लेखिका ही नहीं, देश की…
पटना /मैथिली शरण गुप्त चाहते थे कि ‘हिन्दी’ का नाम ‘भारती’ हो, जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यांजलि
पटना, ३ अगस्त। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा ‘राष्ट्र-कवि’ की उपाधि से विभूषित और भारत सरकार के ‘पद्म-भूषण’ सम्मान से अलंकृत स्तुत्य कवि मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी के उन महान कवियों में से थे जो नव विकसित खड़ी बोली का नाम…
पटना /४२वें महाधिवेशन की सफलता पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह,कजरी नृत्य और सावनी फुहार के साथ साहित्य सम्मेलन में मनाया गया आनंदोत्सव
पटना, ३० जुलाई। कजरी नृत्य और पावस की फुहार के साथ बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन रविवार को आनंद की गंगा में डुबकी लगा रहा था। अध्यक्ष दा अनिल सुलभ समेत सम्मेलन के सभी अधिकारी और सदस्यगण एक दूसरे को बधाइयाँ देते हुए, बधाइयाँ स्वीकार करते हुए अपनी प्रसन्नता…
पटना /कजरी नृत्य और सावनी फुहार के साथ साहित्य सम्मेलन में मनाया गया आनंदोत्सव, ४२वें महाधिवेशन की सफलता पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह
पटना, ३० जुलाई। कजरी नृत्य और पावस की फुहार के साथ बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन रविवार को आनंद की गंगा में डुबकी लगा रहा था। अध्यक्ष दा अनिल सुलभ समेत सम्मेलन के सभी अधिकारी और सदस्यगण एक दूसरे को बधाइयाँ देते हुए, बधाइयाँ स्वीकार करते हुए अपनी प्रसन्नता…
पटना /साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘अधूरे ख़्वाब’ का हुआ लोकार्पण, जयंती पर याद किए गए कवि जगत नारायण प्रसाद ‘जगतबंधु’, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, 23जुलाई। उर्दू और हिन्दी की विदुषी कवयित्री तलत परवीन की शायरी में उनके दिल का ही नहीं सारे जमाने का दर्द दिखाई देता है। वो समाज की चिंता करने वाली एक संवेदनशील कवयित्री हैं, जिनमे शब्दों से कविता की सुंदर काया निर्मित करने का कौशल भी है उसके ऋंगार…
पटना /नेपाल हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष को दिया जाएगा इस वर्ष का ‘डा दीनानाथ शरण स्मृति सम्मान ‘
पटना, २३ जून। इस वर्ष का ‘डा दीनानाथ शरण स्मृति सम्मान’ हेतु, हिन्दी और नेपाली के वरिष्ठ कवि तथा नेपाल हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा राम दयाल ‘राकेश’ का चयन किया गया है। इन्हें आगामी २६ जून २०२३ को, बिहार हिन्दी साहित्य…
पटना /साहित्य सम्मेलन में ११ जून को आयोजित होगी कथा-कार्यशाला,सम्मेलन की स्थापना के सूत्रधार रामधारी प्रसाद ‘विशारद’ की मनायी जाएगी जयंती
पटना, ८ जून। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभागार में आगामी ११जून को, सम्मेलन की स्थापना के सूत्रधार और मनीषी साहित्य-सेवी रामधारी प्रसाद ‘विशारद’ की जयन्ती के अवसर पर एक कथा कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसमें कथा-साहित्य के विविध रूपों,…
पटना /महाकवि सुमित्रानन्दन पंत की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में गीति-काव्य ‘चुप-चुप’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, २० मई। स्मृति-शेष विदुषी कवयित्री सुभद्रा वीरेन्द्र के गीति-काव्य में, जीवन के मर्म और संवेदना को मधुर शब्द मिलते हैं। उनके भाव-प्रवण शब्द हृदय को अंतर तक स्पंदित करते हैं। उनके गीतों में महादेवी की पीड़ा दिखाई देती है और पंत का लोक-मंगल भाव लक्षित…
पटना /नहीं रहे हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार डा अवध विहारी जिज्ञासु! साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने शोक व्यक्त किया
पटना, १३ मई। हिन्दी के सुप्रतिष्ठ साहित्यकार एवं समालोचक डा अवध विहारी जिज्ञासु नहीं रहे। शुक्रवार की संध्या ८५ वर्ष की आयु में उन्होंने राजा बाज़ार स्थित अपने आवास पर अपनी अंतिम सांस ली।उनके निधन से साहित्य समाज में गहरा शोक व्याप्त है। बिहार हिन्दी…
पटना /बिहार के राज्यपाल करेंगे साहित्य सम्मेलन के ४२वें महाधिवेशन का उद्घाटन,समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे केरल के राज्यपाल
पटना, २१ अप्रैल। भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के संस्थापकों में से एक देश-रत्न डा राजेंद्र प्रसाद के पुण्य-स्मृति-दिवस की षष्टि-पूर्ति को समर्पित, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का ४२ वाँ महाधिवेशन आगामी ६-७ मई को, सम्मेलन…
पटना /देश के वरिष्ठतम समालोचक हैं डा शिववंश पाण्डेय- साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई जयंती, ९२वें जन्म-दिवस पर सम्मानित किए गए डा पाण्डेय
पटना, ११ फरबरी। हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन में अप्रतिम अवदान देनेवाले मनीषी विद्वान, प्रकाशक और संपादक आचार्य रामलोचन शरण ‘बिहारी’, खड़ी बोली के अभिनव गद्य शैली के प्रवर्तक माने जाते हैं। आचार्य शिवपूजन सहाय ने उन्हें ‘बिहार का…