साहित्य सम्मेलन में लेखिका ज्योति झा की पुस्तक ‘स्पेक्ट्रम ऐंड बियोंड’ का हुआ लोकार्पण, हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना ब्यूरो , ३१ मार्च। मस्तिष्क-दुर्बलता से पीड़ित बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ गहरी संवेदना की अभिव्यक्ति है चर्चित लेखिका ज्योति झा की पुस्तक ‘स्पेक्ट्रम ऐंड बियोंड’। अंग्रेज़ी में आयी यह पुस्तक बच्चों में आ जाने वाली इस…
साहित्य सम्मेलन में इंटर्नशिप कर रहे अनुग्रह नारायण महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं का हुआ विदायी समारोह
पटना, 29 नवम्बर। भाषा के विद्यार्थियों को लेखन और व्याख्यान में ही नहीं सामान्य वार्तालाप में भी भाषा की शुद्धता और उच्चारण के प्रति सजग रहना चाहिए। भाषा में भले ही पांडित्य का प्रदर्शन नही हो, किन्तु शुद्धता अनिवार्य शर्त है। अन्य लोगों की त्रुटियाँ, जो…
भव्य रूप में आहूत होगा साहित्य सम्मेलन का ४४वाँ महाधिवेशन / सजाया जा रहा है सम्मेलन भवन और सभागार, पाँच सौ प्रतिनिधि साहित्यकार लेंगे भाग, नामित अलंकरणों से विभूषित होंगे अनेक हिन्दी-सेवी।होगा विराट कवि-सम्मेलन
पटना, १५ नवम्बर। आगामी २०-२१ दिसम्बर को आयोजित होने वाले दो दिवसीय ४४ वें महाधिवेशन के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन और सभागार को रंग-रोगन और अलंकरणों से सजाया जा रहा है। यह महाधिवेशन भव्य रूप में आयोजित हो, इस हेतु बड़ी तैयारी की जा रही है। देश…
शिक्षकों का सम्मान भारतीय परंपरा और संस्कृति का समादर : नन्द किशोर यादव
पटना ब्यूरो, २ सितम्बर। नया समाज गढ़ने वाले आदरणीय शिक्षकों का सम्मान, वस्तुतः भारत की महान परंपरा और संस्कृति का ही समादर है। शिक्षक ही छात्र-छात्राओं को गढ़ते हैं और उन्हें समाज के मूल्यवान नागरिक बनाते हैं। एक गुणी शिक्षक ही चरित्रवान और गुणवान नागरिक…
पुरातन और नूतन पुस्तकों से सजेगा बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन/ १ सितम्बर को हिन्दी पखवारा एवं पुस्तक चौदस मेला का उद्घाटन करेंगे केंद्रीय मंत्री जीतन राम माँझी
पटना, ३० अगस्त। १ सितम्बर से से आरंभ हो रहे ‘हिन्दी-पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन सज्ज हो गया है। पुरातन और नूतन पुस्तकों से अगले १५ दिनों तक सुधी पाठकों और हिन्दी-प्रेमियों के लिए सम्मेलन-सभागार सजा रहेगा।…
साहित्य सम्मेलन में “चाइल्ड केयर” ने किया बादल सरकार के नाटक “जुलूस” का मंचन
पटना, २० अगस्त । नाट्य संस्था “चाइल्ड केयर” सेंटर” ने मंगलवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के मंच पर सुप्रसिद्ध नाटककार बादल सरकार के नाटक “जुलूस” का यादगार मंचन किया। युवा नाटककार अनिमेष कुमार सिंह द्वारा हिन्दी में अनुदित इस नाटक का निर्देशन डा…
स्वतंत्रता-संग्राम और हिन्दी के महान योद्धा थे महाकवि रामदयाल पाण्डेय /जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने अपने पूर्व अध्यक्ष को किया श्रद्धापूर्वक स्मरण, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ६ अगस्त। स्वतंत्रता-संग्राम और हिन्दी के महान योद्धा थे महाकवि रामदयाल पाण्डेय। सिद्धांत और आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। स्वतंत्रता-सेनानी पेंशन को भी यह कहते हुए ठुकरा दिया कि “भारत माता की सेवा पुत्र की भाँति की, किसी कर्मचारी की तरह…
हिन्दी को राजकीय भाषा घोषित करने वाले देश के पहले राज्य में भाषा की उपेक्षा क्यों? उच्च न्यायालय के फ़ैसले के आलोक में मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय की अधिसूचना कब तक निर्गत होगी?
पटना, ५ अगस्त। माननीय पटना उच्च न्यायालय में हिन्दी में भी रीट और कर याचिकाएँ की जा सके, इसलिए बिहार की मंत्री परिषद में एक प्रस्ताव 19 सितम्बर, 2023 को ही पारित किया गया था। किंतु उक्त निर्णय के आलोक में अबतक अधिसूचना निर्गत नहीं हो पायी है, जिसके कारण…
राष्ट्रीय-चेतना के लिए एक राष्ट्रभाषा का उन्नयन नितान्त आवश्यक – साहित्य सम्मेलन में ज़िलोंके अधिकारियों के प्रांतीय-सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए विधान सभा के अध्यक्ष ने कहा
पटना, २७ जुलाई। देश को एक सूत्र में बांधने के लिए राष्ट्रीय-चेतना का अभ्युदय आवश्यक है। इस हेतु संपूर्ण राष्ट्र से स्वस्थ-संवाद स्थापित करने के लिए एक राष्ट्रभाषा का उन्नयन और विस्तार भी आवश्यक है। संपर्क-भाषा के अभाव में, भारतवर्ष अपने ही भाई-बहनों से…
जन्मदिनम पर साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष ने किया गंगा प्रसाद का अभिनन्दन, साहित्यकारों ने दी बधाई
पटना, ८ जुलाई। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने अनेक साहित्यकारों के साथ सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद का उनके जन्म दिवस पर अभिनन्दन किया । मंगलवार को पूर्व राज्यपाल के राजा बाज़ार स्थित आवास पर उन्होंने शिष्टाचार के इस…
मनुष्यता के कवि और विद्वान आचार्य थे डा दीनानाथ शरण : नन्द किशोर यादव
पटना, २६ जून । गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में हिन्दी के प्राध्यापक रहे डा दीनानाथ शरण एक महान साहित्यकार ही नहीं एक विद्वान आचार्य भी थे। वे मनुष्यता के कवि थे। उनका जीवन संघर्षपूर्ण किंतु लोक-मंगलकारी था। यह बातें आज यहाँ, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन…
पितृ-दिवस पर लेख्य-मंजूषा की ओर से आहूत हुआ साहित्योत्सव/ डा सुधा पाण्डेय की पुस्तक ‘कहाँ गए वो दिन’ का हुआ लोकार्पण, किलकारी के बच्चों ने दी नाट्य-प्रस्तुति
पटना, १५ जून। “वज्र का सीना ख़ुशबू सा दिल जिसका होता है/ वही शख़्स बेटे-बेटियों का पिता होता है”। साहित्यिक संस्था ‘लेख्य-मंजूषा’के तत्त्वावधान में, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभागार मेन, रविवार को ‘पितृ-दिवस पर आयोजित…