पटना ब्यूरो , ३१ मार्च। मस्तिष्क-दुर्बलता से पीड़ित बच्चों और उनके अभिभावकों के साथ गहरी संवेदना की अभिव्यक्ति है चर्चित लेखिका ज्योति झा की पुस्तक ‘स्पेक्ट्रम ऐंड बियोंड’। अंग्र... Read more
पटना, 29 नवम्बर। भाषा के विद्यार्थियों को लेखन और व्याख्यान में ही नहीं सामान्य वार्तालाप में भी भाषा की शुद्धता और उच्चारण के प्रति सजग रहना चाहिए। भाषा में भले ही पांडित्य का प्रदर्शन नही... Read more
पटना, १५ नवम्बर। आगामी २०-२१ दिसम्बर को आयोजित होने वाले दो दिवसीय ४४ वें महाधिवेशन के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन और सभागार को रंग-रोगन और अलंकरणों से सजाया जा रहा है। यह महाधिवेशन... Read more
पटना ब्यूरो, २ सितम्बर। नया समाज गढ़ने वाले आदरणीय शिक्षकों का सम्मान, वस्तुतः भारत की महान परंपरा और संस्कृति का ही समादर है। शिक्षक ही छात्र-छात्राओं को गढ़ते हैं और उन्हें समाज के मूल्यवा... Read more
पटना, ३० अगस्त। १ सितम्बर से से आरंभ हो रहे ‘हिन्दी-पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ के लिए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन सज्ज हो गया है। पुरातन और नूतन पुस्तकों से अगले १५ दिनों तक सु... Read more
पटना, २० अगस्त । नाट्य संस्था “चाइल्ड केयर” सेंटर” ने मंगलवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के मंच पर सुप्रसिद्ध नाटककार बादल सरकार के नाटक “जुलूस” का यादगार मंचन किया। युवा नाटककार अनिमेष... Read more
पटना, ६ अगस्त। स्वतंत्रता-संग्राम और हिन्दी के महान योद्धा थे महाकवि रामदयाल पाण्डेय। सिद्धांत और आदर्शों से कभी समझौता नहीं किया। स्वतंत्रता-सेनानी पेंशन को भी यह कहते हुए ठुकरा दिया कि... Read more
पटना, ५ अगस्त। माननीय पटना उच्च न्यायालय में हिन्दी में भी रीट और कर याचिकाएँ की जा सके, इसलिए बिहार की मंत्री परिषद में एक प्रस्ताव 19 सितम्बर, 2023 को ही पारित किया गया था। किंतु उक्त निर्... Read more
पटना, २७ जुलाई। देश को एक सूत्र में बांधने के लिए राष्ट्रीय-चेतना का अभ्युदय आवश्यक है। इस हेतु संपूर्ण राष्ट्र से स्वस्थ-संवाद स्थापित करने के लिए एक राष्ट्रभाषा का उन्नयन और विस्तार भी आवश... Read more
पटना, ८ जुलाई। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने अनेक साहित्यकारों के साथ सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद का उनके जन्म दिवस पर अभिनन्दन किया । मंगलवार को पूर्व रा... Read more
पटना, २६ जून । गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय में हिन्दी के प्राध्यापक रहे डा दीनानाथ शरण एक महान साहित्यकार ही नहीं एक विद्वान आचार्य भी थे। वे मनुष्यता के कवि थे। उनका जीवन संघर्षपूर्ण किंतु... Read more
पटना, १५ जून। “वज्र का सीना ख़ुशबू सा दिल जिसका होता है/ वही शख़्स बेटे-बेटियों का पिता होता है”। साहित्यिक संस्था ‘लेख्य-मंजूषा’के तत्त्वावधान में, बिहार हिन्दी साहि... Read more



































