पटना /१०१ वर्षीय अंगविभूति कपिल सिंह मुनि के सम्मान में आयोजित हुआ लोक-भाषा कवि-सम्मेलन
पटना, २१ नवम्बर। लोक-महापर्व ‘छठ’ के समापन के दिन ही शनिवार की संध्या, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लोक-संस्कृति की एक अलग ही छटा दिखाई दी। लोकरंग को साहित्य के शब्द दिए जा रहे थे। कवियों के श्रीमुख से लोकभाषाओं के प्राण-वाहक गीत झड़ रहे…
पटना /साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर लाइव हुई हिन्दी और भोजपुरी की सम्मानित कवयित्री डा सुभद्रा वीरेंद्र, डॉ. अनिल सुलभ ने किया स्वागत
पटना, ११ अगस्त। “हम तो झरबेर हैं यों ही झर जाएँगे/ सारी ख़ुशियाँ तेरे नाम कर जाएँगे/ कौन आज बाँसुरी बजाने लगा/ मन में धीरे प्रीत जगाने लगा/ उलझनों से कह दो न उलझे मुझसे/ अर्शे बाद हँसने की ख़्वाहिश हुई है“। इसी तरह की, वेदना के आँसूँ से भिगी…
पटना /जयंती (६ अगस्त ) पर विशेष महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और महाकवि थे पं राम दयाल पाण्डेय- डा अनिल सुलभ
जयंती (६ अगस्त ) पर विशेष महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और महाकवि थे पं राम दयाल पाण्डेय.मात्र १५ वर्ष की आयु से स्वतंत्रता-संग्राम में कूद पड़े, महान स्वतंत्रता-सेनानी पं रामदयाल पाण्डेय, सिद्धांत के पक्के एक ऐसे दधीचि-तुल्य पत्रकार और कवि थे, जिनकी…
पटना /साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर लाइव हुए देश के ख्यातिलब्ध कवि कुँवर बेचैन
पटना, २८ जुलाई। “अपने मन में ही अचानक, यूँ तरल हो जाएँगे/ क्या ख़बर थी आपसे मिलकर ग़ज़ल हो जाएँगे”— ज़िंदगी यूँ भी जली, यूँ भी जली मिलों तक/ चाँदनी चार क़दम, धूप चली मिलों तक“— “नदी बोली समुन्दर से, मैं तेरे पास आई हूँ/ मुझे भी गा…