पटना /१४ सितम्बर, १९४९ का संकल्प कब पूरा होगा? हिन्दी कब बनेगी भारत संघ की भाषा? साहित्य सम्मेलन ने , हिन्दी दिवस पर १४ हिन्दी सेवियों को दिया गया सम्मान
पटना, १४ सितम्बर। हिन्दी दिवस के अवसर पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्त्वावधान में आयोजित समारोह में, हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन में मूल्यवान सेवाओं के किए, तीन पीढ़ियों के, १४ हिन्दी-सेवियों का सम्मान किया गया, जिसमें ९२ वर्षीय प्रो उपेन्द्र…
पटना /युग-प्रवर्तक साहित्यकार थे आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी १५६वीं जयंती पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में दी गई श्रद्धांजलि-डॉ. अनिल सुलभ
पटना, १५ मई। अपने युग की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को दिशा और दृष्टि प्रदान करने वाले युग-प्रवर्त्तक साहित्यकार थे महावीर प्रसाद द्विवेदी। हिन्दी भाषा और साहित्य के महान उन्नायकों में उन्हें आदर के साथ परिगणित किया जाता है। उनके विपुल साहित्यिक अवदान…
पटना /नंद किशोर ‘नवल’ का निधन हिन्दी समालोचना के एक बड़े स्तम्भ के ढहने के समान । हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने गहरा दुःख व्यक्त किया -डॉ. अनिल सुलभ
पटना, १३ मई। हिन्दी समालोचना के एक अत्यंत आदरणीय व्यक्तित्व प्रो नंदकिशोर ‘नवल’ का निधन आलोचना-साहित्य के एक महान और सुदृढ़ स्तम्भ के ढह जाने के समान दुखदायी है। हिन्दी साहित्य को अपनी तीक्ष्ण प्रतिभा और व्यापक अनुशीलन से समृद्ध करने वाले नवल…
डॉ अनिल सुलभ का समस्त संसार से आग्रह =अगले एक हफ़्ते तक, जबतक अनिवार्य न हो जाए, संसार में कोई भी अपने घर से न निकले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों मे फसे भारतीयों की मदद की, इसके लिये बधाई के पात्र
कौशलेन्द्र पाण्डेय, संपादक. पटना. आज भर के लिए ही नही, अगले एक हफ़्ते तक, जबतक अनिवार्य न हो जाए, संसार में कोई भी अपने घर से न निकले! ‘कोरोना’ पर हम इसी अनुशासन से विजयी हो सकते हैं! कृपया इसे हर एक व्यक्ति सुनिश्चित करें: डा अनिल सुलभ ने कंट्री इनसाइड…