पटना /हिन्दी को ‘राष्ट्रभाषा’ घोषित की जानी चाहिए : गंगा प्रसाद
पटना, १ सितम्बर। साहित्य ही समाज को सुंदर और मनुष्य को ‘मनुष्य’ बनाता है। सभी कहते हैं कि ‘मनुष्य’ बनो! पर यह मनुष्यता कैसे आएगी? इसके लिए आवश्यक है कि समाज साहित्य को अपनी भाषा को महत्त्व दे और उसे आत्मसात करे। हिन्दी के लिए…
पटना ब्यूरो /डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष -हिंदी साहित्य सम्मेलन ने पुरे देशवाशियों को कविता के माध्यम से दी मुबारकवाद
समस्त देशवासियों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी ईश्वर से कामना है कि यह नव वर्ष आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं हर्षोल्लास लेकर आए।यों तो हम अपना नववर्ष तीन महीने बाद मनाएँगे ! किंतु आंग्ल-नववर्ष भी मना लेते हैं !…
पटना /रामचंद्र भारद्वाज की काव्य-कल्पनाएं मुग्ध करती हैं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन, डा विवेक कुमार को स्मृति-सम्मान
पटना, ५ दिसम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के पूर्व प्रधान मंत्री और यशस्वी कवि पं रामचंद्र भारद्वाज कोमल भावनाओं के अत्यंत लोकप्रिय और प्रभावशाली कवि थे। उनकी काव्य-कल्पनाएँ मुग्ध करती हैं। मनोहारी शब्द-संयोजन, काव्य-लालित्य और अलंकृत भाषा उनके सृजन…
पटना ब्यूरो /देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के जन्मदिन को ‘मेधा-दिवस’ घोषित करे भारत सरकार जयंती की पूर्वसंध्या पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई संगोष्ठी
पटना, २ दिसम्बर। अद्भुत मेधा के अविस्मरणीय व्यक्तित्व और देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डा राजेंद्र प्रसाद की पवित्रात्मा आज भी देश से कुछ अपेक्षाएँ रखती है। देश की अनेक महान विभूतियों के जन्म दिवस को किसी न किसी विशेष-दिवस के रूप में मनाया जाता है।…
पटना /महाकवि पोद्दार रामावतार ‘अरुण’ जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यांजलि, दिया गया स्मृति-सम्मान
पटना, ‘कृष्णाम्बरी’, ‘वाणाम्बरी’, ‘अरुण रामायण’ तथा ‘महाभारती’ जैसे दशाधिक महाकाव्यों सहित ४५ मूल्यवान ग्रंथों के रचनाकार महाकवि पोद्दार रामावतार ‘अरुण’ , हिन्दी साहित्य के महान शब्द-शिल्पी और…
पटना / ‘कामायनी’ को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था -डॉ. अनिल सुलभ, साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर लखनऊ से लाइव हुए ख्याति लब्ध विद्वान प्रो सूर्य प्रसाद दीक्षित
पटना, १७ अगस्त। हिन्दी के लोग यदि सक्रिए होते तो वर्षों पूर्व महाकवि जयशंकर प्रसाद की अमर कृति ‘कामायनी‘ को ‘नोबेल पुरस्कार‘ मिला होता। हिन्दी पर हमें जितना गौरव–बोध होना चाहिए, वह हम में नही है। अपनी भाषा, अपने राष्ट्र की…
पटना /साहित्य सम्मेलन के फ़ेसबुक पटल पर लाइव हुए चर्चित भाषा-शास्त्री प्रो शशिशेखर तिवारी -अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने प्रो शशि शेखर तिवारी का पटल पर हार्दिक अभिनंदन किया
पटना, ३०जुलाई। मानव–जाति के पास भाषा नही होती तो यह संसार मूक–बधिर रह जाता। भाषा और मन की दुर्लभ परस्परता ने इस सृष्टि में, मानव को सर्वश्रेष्ठ प्राणि होने का गौरव प्रदान किया है। इन दोनों में अभिव्यक्ति की दृष्टि से भाषा का प्राथमिक महत्व…
पटना /आज भी देश के सुविख्यात कवि कुँवर बेचैन जी संध्या ६ बजे से लाइव रहेंगे ! उनको अवश्य सुनें और आनंद लें : डा अनिल सुलभ
विदुषी देवियों एवं विद्वान सज्जनों ! आप सबको विदित है कि विगत १ जुलाई से, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के पटल से फ़ेसबुक लाइव का मनोहर कार्यक्रम संचालित हो रहा है, जिसकी लोकप्रियता दिनानुदिन बढ़ती हुई शिखर छू रही है ! देश के ख्याति-लब्ध कवयित्रियाँ और…