पटना /जीवन के प्रति राग और उत्साह के कवि थे पं रामदेव झा जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई कावि-गोष्ठी, कवि बाबूलाल मधुकर को दिया गया स्मृति सम्मान
पटना, ११ जून। हिन्दी काव्य-साहित्य में मूल्यवान अवदान देनेवाले पिछली पीढ़ी के चर्चित सुकवि पं रामदेव झा जीवन के प्रति निस्सीम राग और अकुंठ उत्साह के आदरणीय कवि थे। प्रेम, करुणा और आस्था उनके काव्य-संसार का मूल तत्त्व था। वे साहित्यिक जागरण में लिप्त रहने…
पटना /प्रकृति-राग के प्रणम्य कवि थे कलक्टर सिंह केसरी। १११वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में डॉ. अनिल सुलभ के द्वारा दी गई पुष्पांजलि
पटना, ५ जून। पुण्यश्लोक आचार्य कलक्टर सिंह ‘केसरी‘ हिन्दी काव्य–साहित्य में, ‘प्रकृति–राग‘ के अत्यंत प्रणम्य कवि माने जाते हैं। एक ऐसे कवि, जिन्होंने प्रकृति, प्रेम, करुणा और ग्राम्य–अंचल की पीड़ा को अपने काव्य…
लाकडाउन /पटना /पं छविनाथ पाण्डेय एक महान स्वतंत्रता सेनानी, तपोनिष्ठ दधीचि-तुल्य साहित्यकार, संपादक और एक ऐसे विशाल वट-वृक्ष थे, आज उनकी जयंती है। इस वर्ष हम उनकी जयंती सम्मेलन-सभागार में नही मना पा रहे हैं:डॉ अनिल सुलभ
पं छविनाथ पाण्डेय एक महान स्वतंत्रता सेनानी, तपोनिष्ठ दधीचि-तुल्य साहित्यकार, संपादक और एक ऐसे विशाल वट-वृक्ष थे, जिनकी छाँव तले वैसे साहित्यकारों को भी प्राण और नवजीवन मिले, जिनके हृदय उपवन निष्प्राण सूखे वृक्षों के वन बन गए थे! आज उनकी जयंती है। इस…