पटना , ९ अक्टूबर। न्याय की याचना करने वाले पीड़ितों को उसकी भाषा में न सुना जाए और न्याय भी उसकी भाषा में न हो, तो इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है? कैसा देश है भारत, जिसमें विदेश की किसी... Read more
पटना, १८ जून। “उठ गए हैं ओ लोग जो रहे कभी ज़िन्दा / इस शहर में अब लाश और गिद्ध है बाक़ी!”— “सहरा में दो बूँद आब सी है ज़िंदगी/ खूबसूरत मगर ख़ाब सी है ज़िंदगी!”, —- “म... Read more
राजगीर, २९ मार्च। ‘छंद’ काव्य-साहित्य का प्राण है। इससे कविताएँ आयुष्मती होती हैं। हमारे वेद, पुराण, उपनिषद आदि इसीलिए बचे रह गए कि वे सबके सब छंदों में आबद्ध हैं। छंद कविताओं को... Read more
दीमापुर, १९ दिसम्बर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध साहित्यकार डा अनिल सुलभ को ‘हिन्दी गौरव सम्मान’ के विशेष अलंकरण से विभूषित किया गया है। यह सम्मान उन्ह... Read more
पटना, १० जुलाई। नवोदित कवयित्री सुनीता रंजन ने अपनी प्रथम काव्य-पुस्तक से ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया है। ये भाव-संपदा से संपन्न निष्ठावान कवयित्री हैं। अनुभवों के साथ इनका कला-पक्ष भी... Read more
काठमाण्डू, ८ जुलाई। नेपाल हिन्दी साहित्य सम्मेलन तथा पार्वती स्मृति प्रतिष्ठान, सर्लाही के संयुक्त तत्त्वावधान में, शनिवार की संध्या काठमाण्डू के बानेसर स्थित ‘ओक्टोबर कैफ़े’ में... Read more
काठमाण्डू, ५ जुलाई। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने, नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री और मधेश जनाधिकार मंच के अध्यक्ष उपेंद्र यादव के साथ, शुक्रवार को नेपाल के उपराष्ट्र... Read more
पटना, २ दिसम्बर । “अंग नहीं तो क्या ग़म है, हम किसी से क्या कम हैं! —– “दया नहीं अधिकार चाहिए! हमें थोड़ा सा प्यार चाहिए।” , आदि नारों के साथ आज विकालांग जनों न... Read more
पटना , १ अक्टूबर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ को, उनके अनुशासित, कल्याणकारी और प्रेरणास्पद व्यक्तित्व और विशद साहित्यिक अवदान के लिए, प्रेरणा सम्मान से विभूषित किया... Read more
पटना, २९ सितम्बर। बिहार एजूकेशनल रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट संस्थान के तत्त्वावधान में, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ७१ वें जन्मोत्सव पर, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, एक समारोह आयोजित... Read more
३१ मार्च। उदितमान सूर्य को अर्घ्य-दान के साथ सूर्योंपासना का अत्यंत महनीय पर्व सूर्य-सष्टि व्रत आज संपन्न हो गया। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने अपने घर पर आहूत। लोक... Read more
पटना, ७ मार्च। भारत की सबसे बड़ी पूँजी देश की युवा शक्ति है। यदि इनकी प्रतिभा और श्रम का सदुपयोग शतप्रतिशत किया जा सके तो भारत को विश्व के समृद्धतम राष्ट्र होने से कोई नही रोक सकता। यह हमारा... Read more



































