पटना /आत्मा जब आनंद की अवस्था में होती है, तब गाती-गुनगुनाती है- साहित्य सम्मेलन में कवि कमल किशोर ‘कमल’ के काव्य-संग्रह ‘आओ कुछ गुनगुनाते हैं’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १६ अक्टूबर। आत्मा जब आनंद की अवस्था में होती है, तब वह गाती और गुनगुनाती है। उसके अंतस से जीवन के नवगीत भी तभी फूटते हैं। और आनंद की सुगंधित भूमि से उपजे गीत लोक-मंगल के सर्जक होते हैं। तभी ‘गीतांजलि’ जैसी कालजयी कृतियाँ संसार को…
पटना /सभी सुख-साधनों का त्याग कर देश और हिन्दी-सेवा का व्रत ले लिया सेठ गोविंद दास ने, जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धा से किया स्मरण, सुधा सहाय के कहानी-संग्रह ‘पल दो पल’ का हुआ लोकार्पण
पटना, १५ अक्टूबर। माहात्मा गांधी के आह्वान पर भारत के जिन महान त्यागियों ने अपना ऐश्वर्यपूर्ण सुखमय जीवन का त्याग कर देश-सेवा के लिए स्वयं को अर्पित कर दिया, उनमे सेठ गोविंद दास का नाम परम श्रद्धेय है। स्वतंत्रता-संग्राम के दौरान और उसके बाद राष्ट्रभाषा…
पटना /२० नवम्बर को आहूत होगा साहित्य सम्मेलन का १०४वाँ स्थापना दिवस समारोह- सम्मेलन की सर्वोच्च मानद उपाधि ‘विद्या-वाचस्पति’ और ‘विद्या वारिधि’ से विभूषित किए जाएँगे तीन मनीषी
पटना, १३ अक्टूबर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का १०४ वाँ स्थापना दिवस समारोह, अब १९ अक्टूबर के स्थान पर आगामी २० नवम्बर को आयोजित होगा। इस अवसर पर हिन्दी की अत्यंत मूल्यवान सेवा करने वाले एक मनीषी विद्वान को ‘विद्या-वाचस्पति’ तथा दो…
पटना /अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री थीं अनुपमा नाथ, असमय निधन से हिन्दी की बड़ी क्षति- साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित हुई श्रद्धांजलि-सभा, बटुक भाई के निधन पर भी शोक-व्यक्त किया
पटना ब्यूरो , १७ सितम्बर। विदुषी कवयित्री अनुपमा नाथ काव्य-कल्पनाओं से समृद्ध एक अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री थीं। उनके काव्य-संग्रह’हेलो! सुनो न !’ में हम उनकी अपार कवित्त-शक्ति की अनुभूति कर सकते हैं। साहित्य का संस्कार उन्हें, अपने विद्वान…
पटना /संस्कृत अत्यंत वैज्ञानिक भाषा,एक दिन विश्व भाषा बनेगी, साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ संस्कृत संभाषण शिविर का दीक्षांत समारोह
पटना, १३ सितम्बर। संस्कृत अत्यंत वैज्ञानिक भाषा है। इसमें संसार का समस्त आध्यात्मिक और वैज्ञानिक ज्ञान है। नासा के वैज्ञानिक अब संस्कृत पढ़ रहे हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए संस्कृत अनिवार्य किया गया है। कंप्यूटर के लिए भी संस्कृत को सबसे उपयुक्त भाषा…
पटना /प्रेमचंद्र ‘कथा-सम्राट’ थे तो राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह ‘शैली-सम्राट’- राजा साहेब की जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, १० सितम्बर। महान कथा-शिल्पी राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह, कथा-लेखन में अपनी अत्यंत लुभावनी शैली के कारण, हिन्दी-कथा-साहित्य में ‘शैली-सम्राट’ के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उनकी कहानियाँ अपनी नज़ाकत भरी भाषा और रोचक चित्रण के कारण,…
पटना /साहित्य सम्मेलन में हिन्दी पखवारा के अंतर्गत आज आयोजित हुआ विराट कवि सम्मेलन, ५०से अधिक कवियों और कवयित्रियों ने किया काव्य-पाठ
पटना, ६ सितम्बर। “चाहा तो बहुत मौत ने देना इसे शिकस्त/ ये ज़िंदगी की जंग थी, हारी नहीं गई” —– “उड़हली वन-उपवनों मेन शाम/ आ उतर छा गई तेरे नाम” — आदि रोम-पुलकित करने वाली पंक्तियों से आज सम्मेलन सभागार गए शाम तक…
पटना /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ जयंती-समारोह, बाल-कवि सम्मेलन में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सुनाई प्यारी-प्यारी कविताएँ, संस्कृत कार्यशाला में कराया गया क्रिया-ज्ञान
पटना, ५ सितम्बर। अपने यौवन-काल में ही, काव्य-रसिकों का कंठ-हार बन चुके प्रेम और ऋंगार के अद्भुत-प्रतिभा के कवि आचार्य श्यामनंदन किशोर, साहित्य की एक ऐसी विभूति थे, जिन्हें विधाता ने सर्वतोभावेन समृद्ध कर इस पुण्य-धरा पर भेजा था। उनका व्यक्तित्व जितना…
पटना /साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धा से स्मरण किया अपने पूर्व अध्यक्ष को, विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता, संस्कृत कार्यशाला में दिया गया कर्ता-ज्ञान
पटना, ४ सितम्बर। आधुनिक हिन्दी को प्रथम मौलिक उपन्यास प्रदान करने वाले महान हिन्दी-सेवी श्री ब्रजनंदन सहाय ब्रजवल्लभ’, एक ऐसे मनीषी साहित्यकार थे, जो अपनी कठोर और अकुंठ साधना के कारण बीसवीं सदी के साहित्याकाश में उषाकाल के सूर्य की भाँति प्रणम्य…
पटना /साहित्य सम्मेलन ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, हिन्दी पखवारा के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई व्याख्यान-प्रतियोगिता, संस्कृत-संभाषण शिविर के दूसरे दिन सिखाया गया कैसे देते हैं अपना परिचय
पटना, ३ सितम्बर। वेल्जियम के ईसाई फादर और संस्कृत, हिन्दी और तुलसी के महान भक्त डा कामिल बुल्के ने भाषा के संबंध में संसार को एक बड़ा सच बताया था। उन्होंने कहा था कि ‘संस्कृत’ भाषाओं की ‘महारानी’, ‘हिन्दी’ बहुरानी और…
पटना /मैथिली शरण गुप्त चाहते थे कि खड़ी बोली हिन्दी का नाम ‘भारती’ हो, जयंती पर हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यांजलि
पटना, ३ अगस्त। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा ‘राष्ट्र-कवि’ की उपाधि से विभूषित और भारत सरकार के पद्म-भूषण सम्मान से अलंकृत स्तुत्य कवि मैथिलीशरण गुप्त आधुनिक हिन्दी के उन महान कवियों में से थे जो नव विकसित खड़ी बोली का नाम…
पटना /साहित्य सम्मेलन में श्रीकांत व्यास के काव्य-संग्रह ‘वेदना की दास्तान’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, १८ जुलाई। अंगिका और हिन्दी के चर्चित लेखक और कवि श्रीकांत व्यास के काव्य-संग्रह ‘वेदना की दास्तान’ का लोकार्पण, सोमवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभागार में किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्यकारों और काव्य-रसिकों की…