पटना /साहित्य सम्मेलन में मनायी गई जयंती, 81 पूर्ति पर ‘करुणेश’ का हुआ अभिनन्दन, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, 5 अक्टूबर। महाकवि ब्रजनंदन सहाय ‘मोहन प्रेमयोगी’, हिन्दी के महान समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल तथा वरिष्ठ कवि मृत्युंजय मिश्र ‘करुणेश’, तीनों ही, हिन्दी साहित्य के महान रत्न हैं। यह गौरव का विषय है कि हम दो दिवंगत…
पटना /न्यायमूर्ति मृदुला मिश्र समेत ११ विदुषियों और विद्वानों का स्थायी समिति में हुआ मनोनयन / सूचि में न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद, डा राजवर्द्धन आज़ाद, इम्तियाज़ अहमद करीमी तथा डा उपेंद्रनाथ पाण्डेय भी
पटना । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थाई समिति में अगले पाँच वर्षों के कार्यकाल के लिए, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने, सम्मेलन की नियमावली के नियम १४ में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, प्रदेश के ११ विदुषियों और विद्वानों को सदस्य मनोनीत किया…
पटना /हिन्दी के मधुर गीतों के गायन और सम्मान के साथ साहित्य सम्मेलन में हिन्दी-सप्ताह का हुआ समापन
पटना, १९ सितम्बर। गीतों के राज कुमार गोपाल सिंह नेपाली के अत्यंत लोकप्रिय गीत “मृगनयनी पिक बैनी तेरे सामने बाँसुरिया झूठी है”, अजमल सूलतानपुरी की रचना “मुसलमां और हिंदू की जान/ कहाँ है मेरा हिंदुस्तान/ उसे मैं ढूँढ रहा हूँ”, डा…
पटना /मधुर कंठों के स्वर से अनुगूँजित हुआ साहित्य का प्रांगण, सम्मेलन में आज कवयित्रियों का दिन रहा
पटना, १८ सितम्बर। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का मंच आज पूरी तरह महिला साहित्यकारों को समर्पित रहा। बड़े दिनों के बाद आज सम्मेलन बिलकुल अलग तेवर और मिज़ाज में दिखा। कवयित्रियाँ भी ख़ूब मौज में रहीं और एक से बढ़कर एक गीत-ग़ज़ल सुनाकर, सम्मेलन-सभागार को…
पटना डेस्क /साहित्य सम्मेलन में हिन्दी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित हुआ भव्य कवि-सम्मेलन
पटना, १५ सितम्बर। हिन्दी दिवस के अवसर पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित हिन्दी-सप्ताह और पुस्तकचौदस मेला के अंतर्गत बुधवार को भव्य कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ की अध्यक्षता में आयोजित इस सारास्वत उत्सव का उद्घाटन…
पटना /साहित्य सम्मेलन में एक सप्ताह का पुस्तक चौदस मेला लगा
पटना, १४ सितम्बर। हिन्दी दिवस के अवसर पर, आज से बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में एक सप्ताह के लिए ‘पुस्तक चौदस मेला’ लगा है। इसमें साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के साथ विभिन्न लेखकों की पुस्तकें विक्रय हेतु उपलब्ध कराई गई हैं और…
पटना / प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विशेषाधिकार के साथ जिस तरह धारा 370 को जम्मू कश्मीर से खत्म कराये , उसी तरह हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करें- डॉ. अनिल सुलभ, अध्यक्ष
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट / बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष -डॉक्टर. अनिल सुलभ ने हिंदी दिवस के अवसर पर कहा और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील किया कि जिस तरह अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उन्होंने वर्षों तक देश को दर्द दे रहा धारा 370…
पटना /हिन्दी दिवस’ की सार्थकता तब होगी जब यह भारत की ‘राष्ट्रभाषा’ घोषित हो,साहित्य सम्मेलन में हिन्दी सप्ताह का हुआ उद्घाटन, प्रथम दिन महाकवि प्रभात को किया याद
पटना, १३ सितम्बर। हिन्दी दिवस मनाने का औचित्य तब तक सिद्ध नही हो सकता, जबतक भारत की सरकार इसे देश की ‘राष्ट्रभाषा’ घोषित नहीं कर देती। यह स्वतंत्र भारत का अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष है कि इस देश की अपनी कोई राष्ट्रभाषा नहीं है। अनेक भाषाओं के…
पटना =स्थाई समिति ने सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ में पूरा विश्वास व्यक्त किया, नयी कार्यसमिति के गठन समेत सभी प्रकार की नियुक्तियों के लिए अधिकृत किया
पटना, १२ सितम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्वामिनी समिति, ‘स्थाई समिति’ ने, सम्मेलन के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित डा अनिल सुलभ में, सर्व सम्मति से विश्वास व्यक्त किया है। रविवार को सम्मेलन सभागार में डा सुलभ की अध्यक्षता में…
पटना /बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्वामिनी समिति , ‘स्थाई समिति’ की महत्त्वपूर्ण बैठक आज
पटना /बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्वामिनी समिति , ‘स्थाई समिति’ की महत्त्वपूर्ण बैठक आज (१२ सितम्बर,२१ को), अपराह्न २ बजे से । नए कार्यकाल के लिए नई कार्यसमिति के गठन समेत अनेक प्रस्तावों पर होगी चर्चा । बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में कुछ समय पहले…
पटना /साहित्य सम्मेलन में भारतेंदु और राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह की जयंती मनाई गई, हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, १० सितम्बर। आधुनिक हिन्दी के रूप गठन में, महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चन्द्र का योगदान अभूतपूर्व है। विद्वान इतिहासकार मानते हैं कि ये भारतेंदु ही थे जिन्होंने ‘हिन्दी’ को अंगुली पकड़ कर चलना सिखाया। किंतु हिन्दी के जिन कवियों और…
पटना /संवेदनशील और संभावनावान कवि हैं रजनीश कुमार गौरव, पहली काव्य-कृति ‘हमें भी कुछ कहना है’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ७ सितम्बर। हिन्दी और भोजपुरी के युवा साहित्यकार रजनीश कुमार गौरव, कोमल भावनाओं से युक्त एक संवेदनशील और संभावनावान सुकवि हैं। इनकी प्रथम काव्य-कृति ने ही सिद्ध कर दिया है कि कवि की भावभूमि व्यापक और मंगलकारी है। कवि में वे सारे गुण और तत्त्व…