नहीं रहे साहित्य सम्मेलन के सबसे पुराने वयोवृद्ध कर्मी महेश प्रसाद / निधन पर सम्मेलन में शोक व्याप्त
पटना, १३ जनवरी। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में वर्ष 1975 से सेवा दे रहे सम्मेलन के सबसे पुराने और समर्पित 90 वर्षीय कर्मी महेश प्रसाद नहीं रहे । मंगलवार की संध्या चार बजे, उन्होंने सम्मेलन-परिसर स्थित अपने आवास पर अपनी अंतिम साँस ली । वे विगत डेढ़…
महान स्वतंत्रता सेनानी और साहित्यकार थे बुद्धिनाथ झा कैरव जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ भव्य कवि सम्मेलन , कवियों ने दी गीतांजलि
पटना, १८ नवमबर। १९४२ क्रांति के अग्र-पांक्तेय नायकों में से एक पं बुद्धिनाथ झा ‘कैरव’ केवल एक बलिदानी स्वतंत्रता सेनानी और आदर्श राजनेता ही नहीं, अपितु एक स्तुत्य साहित्यकार भी थे। स्वतंत्रता पूर्व १९३७ में बिहार विधान सभा के लिए हुए निर्वाचन…
साहित्य सम्मेलन में मुंबई की सुप्रसिद्ध कवयित्री रागिनी देवी प्रसाद का हुआ एकल काव्य-पाठ, मुग्ध हुए श्रोता
पटना, १३ नवम्बर। “जनक नंदिनी की बहन हूँ, कृपया सुनें राम ! आप भी सुनें!” —— “परिपूर्ण जीवन की परिभाषा है स्त्री! अनगिनत पहलुओं को हरिदाय में समेटे दहलीज़ के रूप-रंग को निहारती स्त्री!”—– “आज फिर आयी पुश्तैनी गाँव! घर की…
साहित्य सम्मेलन की मंत्री-परिषद की बैठक २३ अक्टूबर को / ४४ वें महाधिवेशन की रूप-रेखा पर लिए जाएँगे महत्त्वपूर्ण निर्णय, २८ को होगी कार्यसमिति
पटना, २१ अक्टूबर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की मंत्री-परिषद् की बैठक २३ अक्टूबर को आयोजित की गई है, जिसमें ४४ वें महाधिवेशन के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएँगे । यह जानकारी देते हुए सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ ने बताया है कि बैठक में २८…
वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में अधिकाधिक प्रयोग से समृद्ध होगी हिन्दी / भारत सरकार के प्रगत संगणक विकास केंद्र में हुआ हिन्दी पखवारा का समापन, पुरस्कृत हुए युवा वैज्ञानिक
पटना, २९ सितम्बर। वैज्ञानिक और तकनीकी के क्षेत्रों में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग भाषायी स्तर पर देश को आत्म-निर्भर बनाएगा। इससे हिन्दी और समृद्ध होगी। देश को एक सूत्र में बांधने के लिए और आत्मीय संवाद स्थापित करने के लिए हिन्दी को देश-व्यापी बनाना…
मगही साहित्यकारों का प्राणवंत दस्तावेज है ‘मगही के थाती’ /डा ओम् प्रकाश जमुआर की पुस्तक का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुआ ‘लोक भाषा कवि-सम्मेलन’
पटना ब्यूरो, १८ सितम्बर। डा ओम् प्रकाश जमुआर अपने पिता स्मृतिशेष साहित्यकार सुरेंद्र प्रसाद जमुआर की भाँति, बिहार के मगही साहित्यकारों के अवदानों और उनके कृतित्व को अमरता प्रदान कर रहे हैं। इनकी सद्यः प्रक्षित पुस्तक ‘मगही के थाती’, मगही के…
व्यक्ति को प्रभावशाली बनाता है व्याख्यान-कौशल : अप्सरा
पटना, ३ सितम्बर। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने व्याख्यान-कौशल को विकसित करना चाहिए। लड़कियों को और भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। यह कौशल व्यक्ति को प्रभावशाली बनाता है। व्यक्ति का पहला परिचय बातचीत से ही होता है। प्रभावशाली व्याख्यान के लिए भाषा की शुद्धता…
साहित्य सम्मेलन में ‘हिन्दी पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ १ सितम्बर से प्रतिदिन आयोजित होंगे साहित्यिक कार्यक्रम, विद्यार्थियों के लिए इनामी प्रतियोगिताएँ और पुस्तक-लोकार्पण भी
पटना, २६अगस्त। हिन्दी-दिवस के उपलक्ष्य में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आगामी १ सितम्बर से १५ सितम्बर तक ‘हिन्दी-पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। पखवारा के प्रत्येक दिन सम्मेलन सभागार में विविध साहित्यिक आयोजन संपन्न…
१५ दिन तक साहित्यिक उत्सव: बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में होगा ‘हिन्दी पखवारा’ और पुस्तक मेला
पटना ब्यूरो, २६अगस्त । हिन्दी-दिवस के उपलक्ष्य में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आगामी १ सितम्बर से १५ सितम्बर तक ‘हिन्दी-पखवारा-सह-पुस्तक चौदस मेला’ का आयोजन किया जा रहा है। पखवारा के प्रत्येक दिन सम्मेलन सभागार में विविध साहित्यिक आयोजन…
साहित्य सम्मेलन में आरंभ हुई एकल काव्य-पाठ की ऋंखला ‘मैं और मेरी कविता’ पुरुषोत्तम दास टण्डन, मैथिली शरण गुप्त, बाबू महेश नारायण तथा गंगा शरण सिंह की मनायी गयी जयंती
पटना, ४ अगस्त। छंद के सिद्ध-हस्त और लोकप्रिय कवि आचार्य विजय गुंजन हिन्दी काव्य-साहित्य में गीति-धारा के एक अत्यंत देदीप्यमान नक्षत्र हैं। दोहा और नवगीत पर इनका अधिकार प्रशंसनीय, श्रवणीय और दर्शनीय है। यों तो आचार्य गुंजन का काव्य-वितान व्यापक है, किंतु…
भारतीय-दर्शन और राष्ट्रीय चेतना के कवि थे आचार्य हाशमी – १४वीं पुण्यतिथि पर तीन साहित्य मनीषियों को दिया गया स्मृति-सम्मान, पुस्तक ‘आचार्य हाशमी : जीवनवृत और उपलब्धियाँ’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, २० जुलाई। भारतीय दर्शन और राष्ट्रीय-चेतना के महान कवि थे आचार्य फ़ज़लुर्रहमान हाशमी। उनकी काव्य-प्रतिभा बहु-आयामी थी और उनका व्यक्तित्व भी। वे न केवल मैथिली, हिन्दी और ऊर्दू के मनीषी विद्वान और समर्थ साहित्यकार थे, अपितु भारतीय दर्शन से अनुप्राणित…
कला, संगीत और साहित्य के महान पोषक थे डा जगदीश पाण्डेय – साहित्य सम्मेलन में जयंती पर किया गया श्रद्धापूर्वक स्मरण, आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, १६ जुलाई। डा जगदीश पाण्डेय पेशे से अभियन्ता, किन्तु हृदय से लोक-मंगल की भावना रखने वाले कवि थे। राज्य सरकार में अपनी सेवा के शीर्ष पद से अवकाश लेने के पश्चात उन्होंने अपना शेष जीवन लोक-कल्याणकारी कार्यों में लगाया। कला, संगीत और साहित्य समेत सभी…