प्रिया सिन्हा, संपादक
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा का केन्द्रीय विद्यालय को जमीन देने के मामले में आमरण अनशन अभी भी जारी है। गौरतलब है कि उपेन्द्र कुशवाहा को इस दौरान विपक्षी दलों का साथ बखूबी मिला है। बता दें कि बीजेपी एमएलसी संजय पासवान भी उपेन्द्र कुशवाहा का हालचाल जानने खुद उनके पास पहुंच गए थे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पटना के मिलर हाई स्कूल प्रांगण में उपेन्द्र कुशवाहा 26 नवंबर से ही अनिश्चित कालीन आमरण अनशन पर हैं और इस दौरान उनकी तबियत भी बिगड़ी और वो काफी कमजोर भी दिखाई दे रहे हैं।
दूसरी ओर बीजेपी एमएलसी संजय पासवान का कहना है कि ‘सरकार से मैं मांग करता हूं कि इनकी मांगें जायज हैं, केंद्रीय विद्यालय खुले इसके लिए सरकार को इनकी मांग मानना चाहिए। सत्ता में हैं तो सत्य से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा से उनकी अच्छी दोस्ती है और वह सत्ता के कारण उसे तोड़ नहीं देंगे। सत्य के साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे।’
हालांकि बीजेपी एमएलसी ने कुशवाहा से यह बताया कि, ‘मैंने इनसे आग्रह किया है कि देश और बिहार को आपकी जरूरत है, इसलिए अनशन तोड़ दें और मैं सरकार से भी आग्रह करूंगा कि वो अविलंब मांग पर विचार करें।’
इधर, बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने साफ कर दिया कि सरकार ने 2007 में सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिया था कि वो केन्द्रीय विद्यालयों या अन्य संस्थानों के लिए जमीन ना उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि हमें बिहार के हर पंचायत में हाई स्कूल खोलने हैं और उसके लिए जमीन लेने में हमें खासी दिक्कत हो रही है। अभी 2950 हाई स्कूल के लिए हमें जमीन चाहिए। भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे.. उन्होंने कहा कि अपना चेहरा चमकाने के लिए उपेन्द्र कुशवाहा राजनीति कर रहे हैं।



























