पटना, कौशलेन्द्र पाण्डेय
आज़ादी के बाद पत्रकारिता की दुनिया में पारसनाथ तिवारी के योगदान को हमेशा याद किया जायेगा। उनका जुझारूपन, गरीबों और मजदूरों के लिए आवाज़ उठाने का तरीका हमेशा याद आएगा। उनके लिए पत्रकारिता का मतलब था आम लोगों की आवाज़ को सत्ता में बैठे लोगों तक पहुंचाना।पत्रकारिता जगत के लौह पुरूष कहे जाने वाले अमृतवर्षा हिन्दी दैनिक के संस्थापक संपादक स्वर्गीय पारसनाथ तिवारी ‘बाबा’ की दूसरी पुण्यतिथि पर पत्रकारिता जगत ने उनको याद किया. पटना के श्रमजीवी पत्रकार युनियन के कार्यालय परिसर में बिहार के जाने माने पत्रकारों ने उन्हें श्रद्धांजली प्रदान की तथा उन्हें याद किया.अपने मार्गदर्शन में काम करने वाले पत्रकारों को को भी उन्होंने निडर और निर्भिक बनाया.

























