एसीबी की रेड की दशहत से भरतपुर के आरटीओ कार्यालय में बदला नजारा
भरतपुर, 21 फरबरी। परिवहन विभाग में एसीबी की कार्रवाई में पकड़े गए परिवहन अधिकारी और दलालों की सांठगांठ उजागर होने के बाद भरतपुर में भी प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में भी इन दिनों दहशत का माहौल है। यहां कार्यालय में अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई का असर साफ दिखाई दे रहा है।
कार्रवाई के बाद अधिकारियों के कक्ष में बेधड़क घुसने वाले कुछ लोग फिलहाल दूरी बनाए हुए हैं। उधर, एसीबी की ताजा कार्रवाई का असर पुलिस महकमे में भी दिखाई दे रहा है। इसमें विशेष कर खनन क्षेत्र से जुड़े थाना क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार एसीबी की नजर इन दिनों पुलिसिया लहजे में जिले के कुछ कमाऊ थानों पर बनी हुई है। इन थानों में कार्यरत कुछ पुलिसकर्मियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, एसीबी की रेड के बाद पुलिसकर्मी भी खास लोगों से सीधे तौर पर बात करने से बच रहे हैं। इससे पहले रूपवास इलाके में धौलपुर से प्रतिबंधित बजरी परिवहन के समय भी एक टीम को इलाके में देखा गया था। कार सवार कुछ लोगों ने घाटौली इलाके में रॉयल्टी नाके पर जानकारी भी ली थी। कार सवार लोगों को एसीबी के कार्मिक होने का संदेह जताया गया था। गौरतलब रहे कि एसीबी ने जयपुर में बड़ी कार्रवाई मंथली के खेल में विभागीय अधिकारी व निजी लोगों को पकड़ा है।
जांच में कई और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे एसीबी जल्द पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान एसीबी की कुछ टीम भरतपुर में भी सक्रिय थी। लेकिन जयपुर में हुई कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग के निरीक्षक और कर्मचारी सतर्क हो गए। इसका प्रभाव कार्यालय में भी दिखाई दे रहा है।
रिकॉर्डिंग के डर से व्हाट्स-अप के जरिए हो रहा संवाद
सूत्रों के अनुसार परिवहन व पुलिस महकमे के अधिकारियों को उनके मोबाइल फोन सर्विलांस पर होने के संदेह के चलते कुछ अधिकारी तो फोन पर बात करने से बच रहे हैं। वहीं, कुछ अधिकारी तो बेहद सतर्क बने हुए हैं और व्हाट्स-अप और मैसेंजर कॉल से संवाद कर रहे हैं। इसमें खनन क्षेत्र व बॉर्डर इलाके में लगे पुलिस कर्मी व्हाट्स-अप का ज्यादा इस्तमाल कर रहे हैं। इसकी वजह व्हाट्सअप कॉल की रिकॉर्डिंग नहीं होना है।
जिले का मेवात क्षेत्र है राडार पर
सूत्रों के अनुसार एसीबी के राडार पर जिले का मेवात क्षेत्र है। इस इलाके में पूर्व में भी एसीबी सक्रिय रह चुकी है।
इसमें खासकर खनन क्षेत्र और हरियाणा बॉर्डर से लगे पुलिस थानों पर निगाह रखी जा रही है। शहर सर्किल में आगरा और मथुरा रोड से जुड़े इलाके भी राडार पर हैं।
इसमें बॉर्डर से लगे थाने व चौकियों भी शामिल हैं। गौरतलब रहे कि पूर्व में भुसावर थाने की खेड़ली मोड चौकी पर एसीबी कार्रवाई कर लाखों रुपए अवैध वसूली के बरामद कर चुकी है। वहीं, पिछले दिनों अलवर पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए इनामी बदमाश सुरेश गुर्जर व अरशद मामले में भी संबंधित थाना क्षेत्र की भूमिका सवालों के घेरे में बनी हुई है।