औरैया के इस दर्दनाक सड़क हादसे ने सबका दिल झकझोर कर रख दिया है और इसके बाद से ही सरकार ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के साथ सख्ती भी अपना ली है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी के आदेश पर फतेहपुर सीकरी (आगरा) और कोसी कलान (मथुरा) के एसएचओ को निलंबित तक कर दिया गया है।
यही नहीं, इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने मथुरा व आगरा के एसएसपी, एडीजी आगरा जोन और आईजी आगरा जोन से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है। दूसरी ओर, सीएम योगी ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को पूरे दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि देने का एलान किया है।
वहीं, एसएचओ के निलंबन को लेकर आगरा जोन के एडीजी अजय आनंद का कहना है कि औरैया में जिस ट्रक के साथ दुर्घटना हुई वह फतेहपुर सीकरी से होकर ही गुजरा था। ध्यान रहे कि प्रशासन को स्पष्ट निर्देश थे कि प्रवासी श्रमिकों को ट्रकों में यात्रा करने की अनुमति नहीं देनी है व इसी संबंध में फतेहपुर सीकरी के एसएचओ को भी निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला –
दरअसल, 16 मई, 2020 को औरैया में दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर एक ढाबे के पास चाय पीने को रुकी मजदूरों से भरी डीसीएम में एक ट्रॉले ने टक्कर मार दी। इस भयानक हादसे में अब-तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 22 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि गंभीर हालत होने के कारण 15 लोगों को सैफई रेफर कर दिया गया है।
बताते चलें कि यह घटना औरैया कोतवाली क्षेत्र के चिरूहुली के पास की है। हांलाकि इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन मौके पर पहुंचे। लॉकडाउन के समय अपने सेहत से यूं खिलवाड़ करना सही बात नहीं पर अपनी लाचारी से मजबूर प्रवासी मजदूर ही इसमें सवार थे। फिलहाल एक-एक कर चूने में दबे शवों को निकाला जा रहा है।
बताते चलें कि डीसीएम गाजियाबाद से 20 मजदूरों को लेकर मध्यप्रदेश के सागर जा रहा था। जबकि चूना लदा ट्रॉला राजस्थान से पश्चिम बंगाल के लिए चला था। इसमें करीब 70 मजदूर सवार थे।
प्रिया सिन्हा

























