प्रिया सिन्हा की रिपोर्ट / पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह यहां अपनी मनमानी कर रहे हैं, लेकिन मैं उन्हें शेर की तरह जवाब दूंगी. ममता ने कहा जो लोग संस्कृति से प्यार नहीं कर सकते वह यहां राजनीति नहीं कर सकते. नंदीग्राम में गुंडागर्दी हो रही है. हमने बीरुलिया में बैठक की, टीएमसी कार्यालय को तोड़ दिया गया. वह (शुभेंदु आधिकारी) जो चाहे कर रहा है. मैं गेम भी खेल सकती हूं. मैं भी शेर की तरह जवाब दूंगी. मैं रॉयल बंगाल टाइगर हूं.ममता बनर्जी ने कहा कि “उन्होंने मुझ पर हमला किया. नंदीग्राम के किसी व्यक्ति ने मुझ पर हमला नहीं किया लेकिन आप यूपी, बिहार से गुंडे लाए. हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं. अगर वे आते हैं, तो महिलाओं को बर्तनों से पीटना चाहिए.” वहीं राज्य में “भाजपा कार्यकर्ता की मां” की मौत को लेकर उत्पन्न आक्रोश के बीच ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करतीं और उन्हें मौत की असली वजह नहीं पता. बनर्जी ने पूछा कि जब भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में महिला को “उत्पीड़न कर जान से मार दिया गया”, तब केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह क्यों चुप थे.भाजपा का दावा है कि पिछले महीने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के निमता इलाके में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने भगवा पार्टी कार्यकर्ता की 82 वर्षीय बुजुर्ग मां पर हमला किया था और चोट के चलते उनकी मौत हो गई. बनर्जी ने नंदीग्राम में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मैं नहीं जानती की बहन की मौत कैसे हुई. हम महिलाओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं करते. मैंने अपनी बहनों और माताओं के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं किया है.”मुद्दे पर राजनीति कर रही भाजपा,उन्होंने कहा, “लेकिन भाजपा अब इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है. अमित शाह ट्वीट कर रहे हैं कि बंगाल का क्या हाल है. उत्तर प्रदेश के हाथरस में जब महिला पर हमला किया गया और बर्बरता दिखाई गई तब वह क्यों चुप रहे?”बनर्जी ने कहा कि फिलहाल राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है, लिहाजा कानून-व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में हैं. उन्होंने कहा, ’’बीते कुछ दिन में तृणमूल कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है.’’शाह ने आज सुबह ट्वीट किया था, “बंगाल की बेटी शोभा मजूमदार जी की मौत को लेकर गुस्सा हूं, जिनपर टीएमसी के गुंडों ने बर्बरतापूर्वक हमला किया था. उनके परिवार के दुख और दर्द लंबे समय तक ममता दीदी को डराते रहेंगे. बंगाल हिंसा मुक्त कल के लिये लड़ेगा. बंगाल हमारी माताओं और बहनों की सुरक्षा के लिये लड़ेगा.





























