कौशलेन्द्र पाराशर /RNI नई दिल्ली में पदस्थापित उप निदेशक पुष्पवंत का आज कोरोना से लड़ते हुये निधन हो गया। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले 58 वर्षीय पुष्पवंत संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से मार्च, 1987 में भारतीय सूचना सेवा से जुड़े थे। श्री पुष्पवंत के निधन पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के बिहार स्थित मीडिया इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शोक व्यक्त किया हैं। पीआईबी और आरओबी पटना के अपर महानिदेशक शैलेश कुमार मालवीय ने शोक व्यक्त करते हुये कहा कि पुष्पवंत जी का जाना मेरे लिए एक व्यक्तिगत नुकसान है। वे मेरे जूनियर नहीं , मेरे सलाहकार थे। पीआईबी पटना के निदेशक दिनेश कुमार ने संवेदना प्रकट करते हुये कहा कि वे अपने पेशेवर क्षमता और लोक सेवा के प्रति समर्पण के लिए याद किये जाते रहेंगे। पीआईबी पटना के सहायक निदेशक संजय कुमार ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुये कहा कि वे जिंदादिल इंसान थे। हमेशा मुसकुराते हुये शांतचित से बात करना उनकी खासियत थी और मिलनसार ऐसे कि किसी के सुख दुख में शामिल हो जाते थे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के बिहार स्थित मीडिया इकाई के सभी साथियों ने श्री पुष्पवंत जी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुये श्रद्धा सुमन अर्पित की।
श्री पुष्पवंत की पहली पोस्टिंग नई दिल्ली स्थित प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो, पीआईबी में हुई। इसके बाद वे अप्रैल, 1987 से मार्च, 1992 तक पीआईबी, पटना से जुड़े रहे। अप्रैल, 1992 से 15 मई, 1995 तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय की मुज़फ़्फ़रपुर इकाई में उन्होंने क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी के पद पर अपना योगदान दिया था। इसके बाद उन्होंने 17 मई, 1995 से 30 अप्रैल, 2009 तक आकाशवाणी, रांची में समाचार संपादक के तौर पर काम किया। प्रमोशन के बाद उन्होने मई, 2009 से मार्च, 2013 तक पटना के दूरदर्शन समाचार इकाई में सहायक निदेशक (समाचार) का पदभार संभाला था। इसके बाद उनका तबादला दिल्ली डीडी न्यूज़ में हो गया था। वे अप्रैल, 2013 से डीडी न्यूज, नई दिल्ली में सहायक निदेशक के पद पर 16 मार्च, 2017 तक रहे। 17 मार्च को पदोन्नत कर उन्हें उप निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। डीडी न्यूज में उप निदेशक (समाचार) के पद पर कार्यरत पुष्पवंत को नई ज़िम्मेदारी ‘रजिस्ट्रा र ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया’ (RNI) में असिसटेंट प्रेस रजिस्ट्रार के पद पर दिया गया था ।
वे अपने पीछे पत्नी और दो पुत्र को छोड़ गए।




























