दिल्ली /काबुल एयरपोर्ट के पास गुरुवार दो आत्मघाती बम धमाके,60 की मौत, 140 से ज्यादा घायल-भारत ने की निंदा – आतंकवाद के विरूद्ध विश्व के सभी देशों को एक होना होगा
कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट / आतंकवाद के विरुद्ध सभी देशों को आगे आना होगा, काबुल एयरपोर्ट की घटना को भारत का विदेश मंत्रालय कड़े शब्दों में निंदा करता है. आतंकवाद के विषय पर विश्व के सभी देशों को एक साथ पहुंचना होगा. गुड आतंकवाद और बैड आतंकवाद पर नहीं बटना होगा.अफगानिस्तान की राजधानीकाबुल में गुरुवार को आखिरकार वही हुआ जिसकी आशंका जाहिर की जा रही थी. काबुल एयरपोर्ट के पास गुरुवार दो आत्मघाती बम धमाके हुए हैं. एक इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं. सबसे पहले पेंटागन ने दोनों एयरपोर्ट पर हुए हमलों की पुष्टि की.तालिबान ने आशंका जाहिर की है थी कि इस्लामिक स्टेट ऐसे हमले कर सकता है. अब इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की जिम्मेदारी ले ली है. वैसे तो तालिबान और इस्लामिक स्टेट दोनों ही कट्टरपंथी हैं लेकिन दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती. इस्लामिक स्टेट के अफगानिस्तान चैप्टर आईएस खोरासान को लेकर आशंका जाहिर की गई थी कि वो बड़े हमले कर सकता है. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी आशंका जाहिर की थी. आइए जानते हैं अब तक क्या क्या हुआ है.काबुल में एयरपोर्ट के पास धमाका हुआ है. हालांकि मृतकों और हताहतों की संख्या के बारे में तब तक कोई जानकारी नहीं दी गई थी. बाद में पेंटागन ने भी इसकी पुष्टि की. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सचिव जॉन किर्बी ने कहा, पहला धमाका एयरपोर्ट के अब्बे गेट पर हुआ. इसके बाद दूसरा धमाका एयरपोर्ट के नजदीक बने बरून होटल के पास हुआ, जहां पर ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे.रूस के मीडिया के मुताबिक अब तक इस हमले में 40 लोगों की मौत हो चुकी है. घायलों में अमेरिका के सैनिक भी शामिल हैं. आतंकी हमले के बाद एयरपोर्ट पर सभी तरह के ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं.अमेरिका के मुताबिक-एयरपोर्ट के बाहर तीन संदिग्ध आतंकियों को देखा गया था. इनमें दो सुसाइड बॉम्बर थे जबकि एक हथियारधारी था.यूनाइटेड किंगडम के रक्षा मंत्रालय ने भी दोनों धमाकों की पुष्टि कर दी है. एयरपोर्ट पर मौजूद सभी विमानों को नाटो सैनिकों ने अपनी सुरक्षा में ले लिया है.धमाकों के बाद काबुल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल है. धमाकों के बाद अमेरिकी दूतावास ने अलर्ट जारी किया है. दूतावास ने लोगों को एयरपोर्ट की ओर नहीं जाने के लिए कहा है. दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि जो भी अमेरिकी नागरिक एबी गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट के पास हैं वो वहां से तुरंत निकलें और काबुल एयरपोर्ट के पास जाने से बचें. चांसलर एंजेला मर्केल ने इस हमले को वीभत्स करार दिया है. उन्होंने कहा कि काबुल एयरपोर्ट पर देश छोड़ने के लिए खड़े लोगों पर हमला हुआ. वो लोग शांति चाहते थे लेकिन उन पर आतंकी हमला हुआ. ये वीभत्स है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि काबुल एयरपोर्ट के आस-पास स्थितियां बुरी तरह खराब हो रही हैं. उन्होंने कहा है कि एयरपोर्ट से बचाव अभियान आगे भी जारी रहेगा.