हरियाणा पुलिस के भारी दबाव में युवक की निर्मम हत्या के आरोपी सरबजीत सिंह का समर्पण,सरबजीत के सरेंडर से पहले निहंगों ने उसे सम्मानित किया
प्रिया सिन्हा की रिपोर्ट / हरियाणा सरकार और हरियाणा पुलिस के भारी दबाव में सरबजीत का आत्मसमर्पण / किसान आंदोलन के मंच के पास शुक्रवार की सुबह एक युवक का हाथ कटा शव मिलने के बाद से सियासी पारा चढ़ गया . रोहतक रेंज के एडीजीपी संदीप खिरवार, सोनीपत के डीसी ललित सिवाच और सोनीपत के एसपी जेएस रंधावा की कवायद के बाद शुक्रवार को शाम होते-होते इस मामले में सरबजीत सिंह नाम के निहंग ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. यकीनन इस नृशंस हत्या ने सबके रोंगटे खड़े कर दिए हैं. वहीं, आरोपी को आज यानी शनिवार को सोनीपत की अदालत में पेश किया जाएगा. वहीं, इस हत्या के लिये सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी की बात सामने आयी है.रोहतक रेंज के A डीजीपी संदीप खिरवार इस मामले को लेकर सोनीपत के डीसी ललित सिवाच और सोनीपत के एसपी जेएस रंधावा के साथ शुक्रवार दोपहर सवा 2 बजे से कुंडली थाने में डेरा डालकर बैठे रहे. तीनों अधिकारी लगातार निहंगों और किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं से बातचीत करते रहे, ताकि वारदात में शामिल लोगों का सरेंडर कराया जा सके. इसके बाद शाम को एक निहंग ने इस मामले में सरेंडर किया.सिंघु बॉर्डर की घटना पर चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास में हाई लेवल मीटिंग हुई. इसमें गृह मंत्री अनिल विज, पुलिस महानिदेशक समेत सीनियर अफसर शामिल हुए. मीटिंग में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया. उसका एक हाथ कलाई से काटा गया है और गर्दन पर चोट के साथ ही शरीर पर 10 से ज्यादा चोट के निशान मिले हैं. वहीं, उसका एक पैर भी काटा गया, लेकिन वह शरीर से अलग नहीं हो सका. जबकि रिपोर्ट में मौत का कारण चोट और ज्यादा खून बहना बताया गया है. युवक को रस्सी से बांधकर लटकाया गया था. शरीर पर रगड़ने के निशान भी मिले हैं. शव का पोस्टमार्टम 2 घंटे से ज्यादा समय तक चला. सरेंडर से पहले निहंगों ने उसे सम्मानित करते हुए एक वस्त्र दिया और कहा कि उसने ऐसे व्यक्ति को सजा दी जिसने कथित तौर पर पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की. निहंग सिख परंपरा के हैं और अपने नीले परिधान के लिए जाने जाते हैं और अकसर तलवार लिए होते हैं.लखबीर कुछ समय पहले सिंघु बॉर्डर आया था और उसने गुरु (पवित्र ग्रंथ) की सेवा करने की इच्छा जताई थी. इसके बाद धीरे-धीरे उसने सबका भरोसा जीत लिया. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को तड़के सुबह करीब साढ़े तीन बजे प्रकाश पूजा करने से पहले पक्के सेवादार स्नान करने के लिए गए थे. उसी दौरान लखबीर ने पवित्र ग्रंथ के साथ बेअदबी की. वह ग्रंथ को लेकर अपने साथ भागा भी, लेकिन उसे कुछ दूरी पर समूह के लोगों ने पकड़ लिया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी. इस घटना के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. युवक की हत्या करने के बाद शव को बैरिकेड से लटकाने से पहले उसे कई मीटर तक घसीटा गया था. मौत के समय वह खून से लथपथ था.