कौशलेन्द्र पाराशर की रिपोर्ट – ग्रामीणों को उनका हक दिलाने के लिए अपने हाथों में बंदूक थामने वाले बालेश्वर उरांव उर्फ बड़ा विकास अब समाज की मुख्यधारा में रहकर गरीबों एवं मजदूरों का हक दिलाने की ठानी है। बालेश्वर उरांव उर्फ़ बड़ा विकास आज अखिल झारखंड बिरसा मुंडा कामगार यूनियनके केंद्रीय कमिटी ने जिलाध्यक्ष बनाया है और कमिटी के विस्तार किया गया । कभी समाज की मुख्यधारा से हटकर माओवादी का टॉप लेबल नेता बालकेश्वर उरांव हुआ करते थे और लंबे अरसे तक जंगलो की खाक छानते थे । लेकिन सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसर्पण कर समाज के मुख्यधारा शामिल हो गए । ज्ञात हो कि आज संपूर्ण झारखंड क्षेत्र में लोहा, कोयला, तांबा, अभ्रक, बॉक्साइट तथा अन्य कई तरह के रोजमर्रा मटेरियल है फिर भी यहां के गरीब मजदूर किसान दूसरे राज्यों में पलायन करने को विवश है राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार बेरोजगारी एवं कामगार लोगों को पलायन के गर्त पर ढकेल दिया है वर्तमान स्थिति बद से बदतर होते जा रहा है । अपने बच्चों को बाल मजदूरी करने से रोके बीमारी बुढापा अधिकारी दुर्घटना और मृत्यु की दशा में आम सदस्यों और उनके आश्रितों के लिए सरकार से सहायता की व्यवस्था यथासंभव किया जाएगा । वही डॉ चंदन सिंह ने कहा कि आज मजदूर गम्भीर बीमारी हो जाने कोई सरकारी मदद नही मिल पाता जिसको लेकर लातेहार में हॉस्पिटल पलास में मजदुरो को बीमार पड़ने पर विशेष सब्सिडी दिया जाएगा ताकि मजदुरो को किसी पटेशनी का सामना नही करना पड़े । वही नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि आज जिले में कई कोलयारी संचालित है और हमेशा आदिवासी मजदुरो का दोहन किया जाता रहा है लेकिन मजदुरो की हक और अधिकारों की लड़ाई सरकार और जिला प्रशासन से मजदुरो की आवाज बुलंद किया जाएगा ।





























