कौशलेन्द्र पाण्डेय, पोलिटिकल संवाददाता –
23 अक्टूबर, 2019 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार कई बड़े फैसलों पर अपना मुहर लगा सकती है और इन फैसलों में सबसे बड़ा फैसला बताया जा रहा है पेट्रोल पंपों को लेकर… जी हां, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार बड़े शॉपिंग मॉल और रिटेल शॉप में पेट्रोल-डीजल की बिक्री को मंजूरी दे सकती है और इसके साथ ही प्राइवेट पेट्रोल पंप को लेकर भी बड़ा फैसला हो सकता है।
वहीं, खबरों के अमुसार केंद्र सरकार 2000 करोड़ रुपये के निवेश की बजाय अब 200 करोड़ वाले नेटवर्थ की कंपनियों को पेट्रोल पंप खोलने की मंजूरी दे सकती है व साथ ही पेट्रोल पंप खोलने से जुड़े अन्य नियमों में भी बदलाव हो सकता है। इसके साथ ही अभी अगर कोई कंपनी पेट्रोलियम सेक्टर में कारोबार नहीं कर रही है, तो उसे भी फ्यूल रिटेल लाइसेंस मिल सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने अक्टूबर, 2018 में ही फ्यूल रिटेल से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए एक कमेटी का गठन कर लिया था। फ्यूल रिटेल मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के मकसद से एक्सपर्ट कमेटी का गठन जो किया गया था… अब सरकार इसी कमेटी के आधार पर कुछ फैसले ले सकती हैं।
बताते चलें कि अगर यह नीति लागू हो जाती है तो इसके क्या नियम हो सकते हैं और पेट्रोल-डीजल खरीद से जुड़ी प्रक्रिया क्या होगी इसकी पूरी जानकारी के लिए आपको इंतजार करना होगा। अभी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीज़ल खरीदने के लिए कई नियमों को लागू किया जा चुका है, जैसे हेलमेट के साथ ही पेट्रोल मिलना या फिर प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल-डीजल ना मिलना।




























