जो त्रिविध अवस्थाओं में नहीं बंधता – वही ब्रह्म है, वही आप हैं
जीवन के गूढ़ प्रश्नों में एक मौलिक प्रश्न यह है कि “मैं कौन हूँ?”—यह प्रश्न न केवल आत्मबोध की ओर ले जाता है, बल्कि ब्रह्म स्थिति से परिचय भी कराता है। उपनिषदों और वेदांत के समस्त प्रयास इसी बोध के निकट घूमते हैं—ब्रह्म की खोज, जिसे जान लेने…