निशांत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह मुस्तैद – उमेश सिंह कुशवाहा
Kaushlendra Pandey / गुरुवार को बिहार सरकार के मा0 स्वास्थ्य मंत्री एवं वैशाली जिला प्रभारी मंत्री श्री निशांत तथा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने वैशाली जिले के महनार, राघोपुर एवं…
30 वर्षों से बिहार के जल हितों की चढ़़़ रही बलि, अब और अन्याय बर्दाश्त नहीं – संजय कुमार झा
10 सितम्बर 2026, पटना/गुरुवार को जद (यू) प्रदेश कार्यालय, पटना स्थित कर्पूरी सभागार में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय कुमार झा ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि फरक्का जल संधि पर ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत गंगा बेसिन से…
जयंती पर साहित्य सम्मेलन में श्रद्धा से स्मरण किए गए राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह, हुआ पत्रिका का लोकार्पण, हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, १० सितम्बर । महान कथा-शिल्पी राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह, कथा-लेखन में अपनी अत्यंत लुभावनी शैली के कारण, हिन्दी कथा-साहित्य में ‘शैली-सम्राट’ के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उनकी कहानियाँ अपनी नज़ाकत भरी भाषा और रोचक चित्रण के कारण,…
राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से की मुलाकात, भारत-श्रीलंका साझेदारी पर हुई अहम चर्चा
कौशलेन्द्र पाण्डेय / रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 9 सितंबर 2026 को कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के बीच पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण संबंधों तथा आपसी विश्वास पर…
बिहार के हित में फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार जरूरी – संजय कुमार झा
09 सितम्बर 2026, पटना। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को खगड़िया में जदयू के ‘‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम के तहत पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा का…
आपदा में अवसर तलाशने की कोशिश न करे विपक्ष – डा0 अनुप्रिया यादव
Kaushlendra Pandey / जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता डा0 अनुप्रिया यादव ने कहा कि फरक्का बराज और गंगा जल संधि के कारण बिहार को लंबे समय से बाढ़ गाद और जल प्रबंधन से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यदि संधि के समय ही बिहार के हितों और चिंताओं को…
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एनडीए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय – निशांत कुमार
पटना, 09 सितम्बर 2026/ बिहार के मा0 स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार ने राज्य के मेडिकल काॅलेजों एवं अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि को स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण…
‘खड़ी-बोली’ को भारतेन्दु ने अंगुली पकड़ कर चलना सिखाया / जयंती पर आयोजित हुई ‘नाट्य-साहित्य में बिहार का योगदान’ विषय पर संगोष्ठी और लघुकथा-गोष्ठी
पटना, ९ सितम्बर। आधुनिक हिन्दी को, जिसे आरंभ में ‘खड़ी-बोली’ कहा गया, भारतेंदु ने ही अंगुली पकड़कर चलना सिखाया। इसीलिए आधुनिक हिन्दी साहित्य के इतिहास के आरंभिक-युग को ‘भारतेंदु-युग’ के रूप में स्मरण किया जाता है। भारतेंदु के नाटक…
सुबह से रात तक जो आग की भट्ठी में तपती है—– हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवयित्री सम्मेलन
पटना, १२ सितम्बर। मंगलवार का दिन साहित्य सम्मेलन के लिए सतरंगी छटाओं से सुंदर, मंगल और मुग्धकारी रहा। आज स्त्री-मन के अनेक गाँठ खुले और गीत-ग़ज़लों में व्यक्त हुए। विविध रूपों और उनके संवेगों को अभिव्यक्ति देने वाली विभिन्न भावों की कविताओं और…
राज्य के सरकारी विद्यालयों की पहली कॉमिक बुक ‘निपुण चितरंगी’ की शुरुआत / कहानी, चित्र और संवाद के माध्यम से बच्चों को सीखने का मिलेगा रोचक अवसर
पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक, सहज एवं आनंददायक बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। निपुण बिहार मिशन के उद्देश्यों को बच्चों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय,…
बेंगलुरु में गूंजा बिहार का गौरव – माटी की खुशबू से सराबोर हुआ आर्ट ऑफ लिविंग परिसर
सुरेन्द्र कुमार रंजन, बेंगलुरु, 07 सितम्बर :: बिहार की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान, संस्कृति, कला और आध्यात्मिक विरासत ने कर्नाटक की धरती पर अपनी ऐसी छटा बिखेरी कि पूरा आर्ट ऑफ लिविंग परिसर बिहार की माटी की खुशबू से सराबोर हो उठा। 3 से 6 सितंबर तक आयोजित…
ललित-निबन्ध की कलात्मकता पाठकों को आकर्षित करती है / साहित्य सम्मेलन में ‘मेरे प्रिय साहित्यकार’ विषय पर आयोजित हुई निबन्ध-लेखन प्रतियोगिता
पटना, ७ सितम्बर । ललित-निबन्ध की कलात्मकता पाठकों को आकर्षित और प्रभावित करती है। अच्छे निबन्ध सुधी पाठकों को चिंतन के लिए भी विवश करते हैं। इसमें निबन्धकार का ज्ञान और भाषा-सामर्थ्य भी प्रकट होता है। ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से निबन्ध-कौशल में…