कैप्टन स्मित के साहस को PM मोदी ने किया सलाम, गांधी जयंती पर अहिंसा की सच्ची भावना से जोड़ा पराक्रम
Kaushlendra Pandey / कैप्टन स्मित मच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत ने देशवासियों को भावुक कर दिया। गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉल के माध्यम से कैप्टन स्मित का हालचाल जाना और उनके साहस, धैर्य तथा संकट की घड़ी में दिखाई गई अद्भुत सूझबूझ की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और बेहद कठिन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण फैसले लेकर अनेक लोगों की जान बचाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरा देश गर्व के साथ कह सकता है कि हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं। उन्होंने कैप्टन स्मित के साहस को देश के 140 करोड़ नागरिकों के सम्मान से जोड़ते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने उस भयावह घटना के क्षणों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि अपने 17 वर्षों के उड़ान अनुभव के आधार पर उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। गंभीर रूप से घायल होने और विमान में फंसे होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों को बचाने के लिए अंतिम क्षण तक प्रयास किया। संघर्ष के दौरान हनुमान चालीसा का जाप करने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन की मां गीता बहन और परिवार के अन्य सदस्यों से हुई अपनी बातचीत को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन की मां ने उनमें गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संस्कार दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कैप्टन के परिवार के धैर्य और विश्वास की भी सराहना की।
गांधी जयंती के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि अहिंसा की सच्ची भावना को उन्होंने अपने कर्मों से प्रदर्शित किया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थनाएं और आरती की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों द्वारा कैप्टन को उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन की बहादुरी ने दुनियाभर में भारतीय पायलटों के सम्मान को और मजबूत किया है।
बातचीत के अंत में प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित को शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर घटना की पूरी जानकारी सुनना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनके स्वस्थ होकर लौटने की कामना कर रहा है।