स्वच्छ भारत दिवस 2026 पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन, केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटील ने स्वच्छता को जीवनशैली बनाने का दिया संदेश
Kaushlendra Pandey / नई दिल्ली/नवसारी। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को देशभर में स्वच्छ भारत दिवस 2026 मनाया गया। इसी क्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटील के नेतृत्व में गुजरात के नवसारी जिले के चिखली प्रखंड स्थित मजीगाम ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।
विशेष ग्राम सभा के दौरान केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटील ने स्थानीय सफाई मित्रों और स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों के योगदान और सम्मान को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन, व्यवहार और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाना जरूरी है।
ग्राम सभा में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 और ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ पर भी चर्चा हुई। ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण स्वच्छता सेवाओं का वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन ढांचा है, जिसके माध्यम से पंचायतें अपनी स्वच्छता व्यवस्था और सेवा वितरण की स्थिति का आकलन कर सकती हैं।
बैठक में कचरे के स्रोत पर चार-स्तरीय पृथक्करण, बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान एवं पंजीकरण, ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संचालन तथा पंचायत विकास योजनाओं में स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को शामिल करने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम से पहले ‘वेस्ट टू आर्ट’ प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें अनुपयोगी वस्तुओं के रचनात्मक पुनः उपयोग को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया और उपस्थित लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली।
स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) के वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग राज्यों में इन ग्राम सभाओं में भाग लेकर स्थानीय स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता सेवाओं की समीक्षा की।
मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा तथा दादरा एवं नगर हवेली सहित कई क्षेत्रों में आयोजित ग्राम सभाओं में स्वच्छता शपथ, पौधरोपण, कचरा पृथक्करण केंद्रों का निरीक्षण और स्वच्छता कर्मियों की भूमिका पर चर्चा की गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य ग्राम स्तर पर स्वच्छता को जनभागीदारी और स्थानीय योजना से जोड़ना रहा।
स्वच्छता ही सेवा 2026 का व्यापक संदेश ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखा गया है। अभियान में नागरिक भागीदारी, स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा एवं गरिमा, कचरा प्रबंधन, युवाओं की भागीदारी तथा कचरे के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण पर जोर दिया गया है।
विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से सरकार ने स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान के बजाय ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। संदेश स्पष्ट है कि स्वच्छ भारत का लक्ष्य तभी मजबूत होगा, जब स्वच्छता रोजमर्रा के व्यवहार और सामुदायिक जीवन का स्थायी हिस्सा बने।