मोतिहारी में ‘नीतीश संवाद’ के तहत ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम, बड़ी संख्या में पहुंचीं जीविका दीदियां
मोतिहारी। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को मोतिहारी टाउन हॉल में ‘नीतीश संवाद’ के तहत ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री सह पूर्वी चंपारण के प्रभारी मंत्री श्री श्रवण कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों एवं महिलाओं ने भाग लिया और जीविका के दो दशक के सफर, महिला समूहों की भूमिका तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े अनुभवों को साझा किया।
कार्यक्रम की सफलता के लिए जदयू के जिला अध्यक्ष श्री भरत पटेल को शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्र से पहुंचीं महिलाओं और जीविका दीदियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को महिला सहभागिता के केंद्र में रखा। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम को बिहार में जीविका के दो दशक लंबे सफर से जोड़ा गया है। जदयू की ओर से 2 अक्टूबर को बिहार के सभी जिलों में इस विषय पर ‘नीतीश संवाद’ आयोजित करने की घोषणा पहले ही की गई थी। प्रदेश स्तर की बैठकों में जीविका की उपलब्धियों, महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक बदलाव और कार्यक्रम में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा हुई थी।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जीविका कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को बचत, सामूहिक गतिविधियों और आय से जुड़े कार्यों से जोड़ने पर जोर दिया गया। जदयू की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 1.88 करोड़ से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये आंकड़े पार्टी की ओर से बताए गए हैं और इसी उपलब्धि को ‘नीतीश संवाद’ के माध्यम से सामने रखने की कोशिश की गई।
मोतिहारी के कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने जीविका के माध्यम से महिला समूहों की भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को सामूहिक बचत, वित्तीय गतिविधियों और स्वरोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया ने ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने का रास्ता तैयार किया है।
कार्यक्रम के दौरान जीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभव और उनकी सहभागिता विशेष रूप से चर्चा का विषय रही। ‘नीतीश संवाद’ का उद्देश्य भी केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर जीविका से जुड़ी महिलाओं की यात्रा और उनके अनुभवों को संवाद के माध्यम से सामने लाना बताया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इससे पहले ‘नीतीश संवाद—जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम को लेकर कहा था कि इसके माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं तक जीविका के जरिए हुए बदलाव का संदेश पहुंचाया जाना है। प्रदेश स्तर पर जदयू की समीक्षा बैठक में भी कार्यक्रम को सभी जिलों में व्यापक रूप से आयोजित करने की तैयारी की गई थी।
मोतिहारी में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को विशेष रूप से महिला केंद्रित स्वरूप दिया। जीविका दीदियों की मौजूदगी और उनकी सहभागिता ने आत्मनिर्भरता, आर्थिक गतिविधियों और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा।
चंपारण की धरती पर गांधी जयंती के दिन आयोजित यह कार्यक्रम महिला समूहों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को संवाद के माध्यम से सामने लाने का अवसर भी बना। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने अपनी सहभागिता से आयोजन को मजबूती दी। आयोजन की सफलता के लिए जदयू जिला अध्यक्ष भरत पटेल सहित कार्यक्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी गईं तथा बड़ी संख्या में पहुंचीं जीविका दीदियों और महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।