सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक क्षेत्रीय भाषा की होगी पढ़ाई : श्री मिथिलेश तिवारी
Kaushlendra Pandey / पटना। शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को मैथिली, भोजपुरी, बज्जिका, मगही और अंगिका में से एक अतिरिक्त भाषा पढ़ाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
श्री तिवारी मंगलवार को विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण, कौशलयुक्त और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिले, जिससे वे आगे चलकर रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
मध्यमा के बाद प्लस टू की पढ़ाई की होगी व्यवस्था
बैठक में मध्यमा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के माध्यम से प्लस टू की पढ़ाई कराने की व्यवस्था पर विमर्श किया गया। इसके लिए संबंधित एक्ट में आवश्यक बदलाव किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने मध्यमा की परीक्षा पास की। शिक्षा मंत्री ने संस्कृत विद्यालयों और मदरसों की जांच रिपोर्ट अधिकतम एक माह में पूरी करने का भी निर्देश दिया।
बक्सर के सिमरी में बनेगा गुरुकुलम विद्यापीठ
बैठक में बक्सर के सिमरी में प्रस्तावित गुरुकुलम विद्यापीठ पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कर्नाटक स्थित सत्य साई आश्रम का दौरा कर लौटी टीम ने वहां की व्यवस्थाओं और खूबियों का प्रस्तुतीकरण किया। इसके आधार पर बक्सर में प्रस्तावित गुरुकुलम की डिजाइन भी प्रस्तुत की गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि गुरुकुलम के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध हो चुकी है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जमीन की भी मांग की जाएगी।
वीबी-जी राम जी से विद्यालयों का होगा विकास
बैठक में विद्यालयों की आधारभूत संरचना और विकास से जुड़े कार्य विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के माध्यम से कराने पर चर्चा हुई।
राज्य के सभी जर्जर स्कूल भवनों की अभियंता करेंगे जांच
बैठक में तय हुआ कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के जर्जर भवनों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए अभियंताओं की टीम विद्यालयों का निरीक्षण करेगी। हर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जर्जर भवनों की तस्वीर ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके आधार पर पूरे राज्य के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार की जाएगी।
दीपावली से पहले लाभार्थियों के खाते में पहुंचेगी राशि
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि कन्या उत्थान योजना, बालिका प्रोत्साहन योजना समेत सभी कल्याणकारी योजनाओं की राशि दीपावली से पहले डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजी जाए।
शिक्षकों के लंबित मामलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
शिक्षा सचिव श्री राजीव रौशन ने सभी डीपीओ (स्थापना) को शिक्षकों की सेवा से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि आवेदन के 15 दिनों के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों की फाइल अब निदेशक और सचिव स्तर तक पहुंचेगी। लापरवाही बरतने पर निष्कासन तक की कार्रवाई की जाएगी।
मॉडल स्कूलों और ‘मेरे सपनों का भारत : सेवा चित्र’ की भी समीक्षा
बैठक में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित 700 मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा ‘मेरे सपनों का भारत : सेवा चित्र’ अभियान के तहत 10 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई।
इस दौरान विभाग के सचिव श्री राजीव रौशन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष श्री त्यागराजन एसएम, बिहार शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक श्री नवदीप शुक्ला, माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री नितिन कुमार सिंह, टेक्स्ट बुक के निदेशक श्री यतेंद्र कुमार पाल, प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री निशांत कुमार विवेक, बीएसईआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री अभिषेक पलासिया, मिड डे मील योजना के निदेशक श्री विनायक मिश्र, निदेशक प्रशासन श्री विजय कुमार पांडेय सहित विभाग के सभी प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।