दिल्ली डेस्क /प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने संसद और विधान सभाओं में बहस के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि यह एक ‘‘खेदजनक स्थिति’’ है
प्रियंका भारद्वाज की रिपोर्ट /प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने संसद और विधान सभाओं में बहस के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि यह एक ‘‘खेदजनक स्थिति’’ है क्योंकि गुणवत्तापूर्ण बहस नहीं करने के कारण कानूनों के कई पहलू अस्पष्ट रह जाते हैं और…