अंतर्राष्ट्रीय इस्सयोग समाज द्वारा कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ ‘महाशिवरात्रि-महोत्सव’, आठ सौ से अधिक नव-जिज्ञासुओं को दी गयी ‘शक्तिपात-दीक्षा’, एक दर्जन इस्सयोगियों को मिली ‘दिव्य-ऊर्जा’ की शक्ति
राजगीर २६ फरवरी। भगवान शिव ‘विश्वास’ के स्वरूप हैं। माता पार्वती ‘श्रद्धा-रूपिणी’ हैं। अर्थात दोनों श्रद्धा और विश्वास हैं। वस्तुतः श्रद्धा और विश्वास ही शिव-पार्वती हैं। ईश्वर और सदगुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास रखने वाले…