सौरभ निगम -नई दिल्ली मुख्य ब्यूरो।देश के अग्रणी थिंक टैंकों से जुड़े 57 शोधार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 10 जनवरी 2026 को भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख अड्डों में से एक एयर फोर्स स्टेशन हिंडन का दौरा किया। यह दौरा भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित एक आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुआ।
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य शोधार्थियों को भारतीय वायु सेना की परिचालन कार्यप्रणाली, रणनीतिक भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान से अवगत कराना तथा संयुक्त शोध (Collaborative Research) की संभावनाओं को तलाशना था। इस दौरान शोधार्थियों को वायु सेना के अधिकारियों और कर्मियों के साथ संवाद करने का अवसर भी मिला।
एयर फोर्स स्टेशन हिंडन में प्रतिनिधिमंडल को भारतीय वायु सेना की इतिहास, क्षमताओं, उपलब्धियों और वर्तमान परिचालन ढांचे पर एक विस्तृत और समग्र ब्रीफिंग दी गई। ब्रीफिंग के दौरान IAF की आधुनिक तकनीक, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियानों, तथा बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
भारतीय वायु सेना की ओर से यह पहल शैक्षणिक संस्थानों और थिंक टैंकों के साथ संवाद बढ़ाने, नीति निर्माण में शोध की भूमिका को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर बौद्धिक सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यह दौरा शोधार्थियों के लिए न केवल शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी रहा, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर भारतीय वायु सेना के पेशेवर कौशल और समर्पण को समझने का भी अवसर मिला।
— कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी





























