केरल की धरती से बिहार को “Poor state” बताना शर्मनाक, जनता से माफी मांगें तेजस्वी : उमेश सिंह कुशवाहा
Kaushlendra Pandey /नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा केरल में चुनाव प्रचार के दौरान बिहार को “Poor state” कहे जाने पर जदयू के मा० प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि केरल की धरती से बिहार के नेता प्रतिपक्ष का ऐसा बयान देना घोर निंदनीय और अत्यंत शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता की राजनीति के लिए तेजस्वी यादव लगातार बिहार और बिहारवासियों की छवि को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के साथ खड़े नजर आते हैं। बिहार चुनाव प्रचार के दौरान भी बिहार का अपमान करने वाले डीएमके नेताओं के साथ मंच साझा किया गया और अब केरल चुनाव में खुद बिहार को “Poor state” बताकर उन्होंने 14 करोड़ बिहारवासियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का काम किया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार को “Poor state” बताने से पहले तेजस्वी यादव को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए था कि किस तरह उनके माता-पिता ने सत्ता में रहते हुए बिहार के खजाने को लूटकर अपनी तिजोरियां भरने का काम किया। वर्ष 2005 से पहले बिहार की पहचान बीमारू राज्य के रूप में होती थी, लेकिन मा० मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद बिहार को उस छवि से बाहर निकालते हुए सुशासन और विकास की नई पटकथा लिखी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहार की विकास दर वर्ष 2004-05 में जहां महज 7.78 प्रतिशत थी, वहीं वर्तमान समय में यह बढ़कर लगभग 13.09 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश के कई बड़े राज्यों से बेहतर है। वर्ष 2005 में बिहार का बजट जहां लगभग 23 हजार करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2004-05 में राजद के शासनकाल के दौरान बिहार की प्रति व्यक्ति आय महज 7 हजार 449 रुपये थी, जो आज बढ़कर 69 हजार 321 रुपये हो गई है। इसी प्रकार वर्ष 2004-05 में राज्य में गरीबी दर 54.40 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में घटकर 33.76 प्रतिशत पर आ गई है। वर्ष 2005 के आसपास बिहार की साक्षरता दर लगभग 47 प्रतिशत थी, जबकि वर्तमान समय में यह बढ़कर करीब 79 प्रतिशत हो गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तेजस्वी यादव को तथ्यों की जानकारी का घोर अभाव है। चुनाव में करारी शिकस्त के बाद वे लगातार अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन बिहारवासियों का अपमान करने वाला यह हालिया बयान सूबे की स्वाभिमानी जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए तेजस्वी यादव को अविलंब बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए।