Kaushlendra Pandey अयोध्या। अयोध्या स्थित अमावा राम मंदिर परिसर में आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण समारोह श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री Surya Pratap Shahi ने प्रतिमा का अनावरण किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल का जीवन समाज सेवा, राष्ट्रनिष्ठा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और राम जन्मभूमि से जुड़े विषयों में आचार्य किशोर कुणाल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
वक्ताओं ने बताया कि आचार्य किशोर कुणाल ने अयोध्या विषय पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना की थी। उनके मार्गदर्शन में “राम रसोई” जैसे सेवा कार्यों की शुरुआत हुई, जिसके माध्यम से आज भी हजारों श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों की सेवा की जा रही है। महावीर मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से उनके प्रयासों से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का योगदान भी प्रदान किया गया था।
समारोह में यह भी उल्लेख किया गया कि आचार्य किशोर कुणाल भारत सरकार के अयोध्या प्रकोष्ठ में कई वर्षों तक विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्यरत रहे तथा राम जन्मभूमि से जुड़े न्यायिक और प्रलेखन कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, बिहार सरकार के मंत्री Ashok Choudhary एवं Jama Khan, समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र की सांसद Shambhavi Choudhary, जौनपुर के पूर्व सांसद Dhananjay Singh, बिहार विधान परिषद सदस्य अजय सिंह, राजीव कुमार एवं डॉ. तरुण कुमार, अयोध्या सदर के विधायक Ved Prakash Gupta, रुदौली विधायक Ram Chandra Yadav तथा अयोध्या के महापौर Mahant Girish Pati Tripathi सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
निर्मोही अखाड़ा के संत दिनेन्द्र दास, सरपंच बाबा राम कुमार दास, अंतरराष्ट्रीय पहलवान राजेश दास एवं महंत राजू दास सहित बड़ी संख्या में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने समारोह में भाग लिया।
समारोह के उपरांत सायण कुणाल ने आचार्य किशोर कुणाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक सेवा में रहते हुए तथा उसके पश्चात भी धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी विरासत सदैव जनसेवा के मार्ग को आलोकित करती रहेगी।


























