Kaushlendra Pandey / रामेश्वर महाविद्यालय मुजफ्फरपुर का स्थापना दिवस सह हीरक जयंती का आयोजन किशोरी सिन्हा सभागार में किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नागालैंड एवं केरल के पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार रहे, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की । वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.समीर कुमार शर्मा एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह रहे । सभी अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर ने किया । प्रो. श्यामल ने कहा कि हीरक जयंती का यह अवसर हमें अपने संस्थापक महानुभावों, पूर्व प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा पूर्व एवं वर्तमान छात्र – छात्राओं की उपस्थिति तथा उनके अवदान को रेखांकित करने का अवसर देता है । कुशल समाजसेवी और राजनेता रामेश्वर सिंह की दूर दृष्टि का प्रतिफल है कि यह महाविद्यालय निरंतर प्रगति के सोपान पर आगे बढ़ रहा है । विभिन्न अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों द्वारा यह महाविद्यालय अपनी एक विशिष्ट छवि गढ़ रहा है। इस अवसर प्राचार्य सहित अतिथियों द्वारा प्रशासनिक भवन के द्वितीय तल, वाणिज्य संकाय के प्रथम तल पर निर्मित वर्ग कक्षों तथा कैंटीन का उद्घाटन किया गया । प्राचार्य ने महाविद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय पूर्ववर्ती और वर्तमान शिक्षकों और छात्र – छात्राओं को दिया ।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि रामेश्वर बाबू द्वारा लगाया गया यह वटवृक्ष अब काफी फल – फूल रहा है । प्रो. शर्मा ने महाविद्यालय के नवाचार और अकादमिक कार्यों की प्रशंसा की ।
मुख्य अतिथि नागालैंड एवं केरल के राज्यपाल निखिल कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि किसी भी संस्थान की पहचान वहां के शिक्षकों और विद्यार्थियों से होती है । यहां देखकर हमें ख़ुशी हो रही है कि महाविद्यालय निरंतर आगे बढ़ रहा है । भाषा के महत्त्व, संचार कौशल और कृत्रिम बौद्धिकता पर उन्होंने काफी जोर दिया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.दिनेश चंद्र राय ने रामेश्वर बाबू के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त किया । उन्होंने बताया कि रामेश्वर बाबू ने जिन संकल्पों को लेकर इस संस्थान की नींव रखी थी आज उनके संकल्पों को याद करने का दिन है । उन्होंने कहा कि संस्थाओं को चाहिए कि वे उच्च गुणवत्ता और मानक को आत्मसात करें और उसी के अनुरूप अपनी संस्थाओं का निर्माण करें ।
इस अवसर पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘वाणी’ और हीरक जयंती स्मारिका तथा वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ.महजबीन परवीन की पुस्तक का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. रजनी रंजन एवं धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शारदा नंद सहनी ने किया ।
इस अवसर पर राजकीय डिग्री कॉलेज मधुबन के प्राचार्य डॉ. व्यास नंदन शास्त्री, एमएसकेबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार सिंह, भूषण झा, आशुतोष कुमार, विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ.कौशल किशोर, नीतीश्वर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रमोद कुमार, आरडीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शशिभूषण कुमार सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक, एवं छात्र – छात्राओं की सराहनीय उपस्थिति रही ।




























